India-US Trade Deal पर किसानों की चिंता के बीच PM Modi बोले- FTA में किसानों को नहीं होने देंगे कोई नुक़सान
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित Trade Deal को लेकर देश में बहस तेज हो गई है। एक तरफ केंद्र […]
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित Trade Deal को लेकर देश में बहस तेज हो गई है। एक तरफ केंद्र […]
पुलिस अधिकारी जरनैल सिंह ने प्राकृतिक खेती अपनाकर सफलता की मिसाल पेश की। उनकी ऑर्गेनिक गोल्ड पहल किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।
भारत सरकार द्वारा 1 जून 2026 को शुरू किया गया “खेत बचाओ अभियान” (Khet Bachao Abhiyan-2026) पंजाब के लिए सिर्फ़ एक सरकारी स्कीम नहीं है, बल्कि खेती और कुदरती चीज़ों को बचाने के लिए एक ज़रूरी मुहिम है।
बचपन में मां को रेशम कातते देखकर डॉ. जोगेश देउरी ने एक सपना देखा था, रेशम किसानों की मुश्किलें कम करने का। एरी रेशम में उनके नवाचार, बोडोलैंड सिल्क पार्क की स्थापना और मूगा संरक्षण के प्रयासों ने असम में रेशम पालन को आजीविका, उद्यमिता और सांस्कृतिक पहचान की नई ताकत बना दिया।
केंद्र सरकार की योजनाओं ने बिहार के कृषि क्षेत्र में एक आधारभूत परिवर्तन की प्रक्रिया को गति दी है। यह परिवर्तन अभी पूरे नहीं है, लेकिन इसकी दिशा स्पष्ट है-एक ऐसे कृषि मॉडल की ओर, जो अधिक तकनीक-आधारित, बाजार-संवेदनशील और जोखिम-प्रबंधन सक्षम है।
भारत में जैविक खेती (Organic Farming) का दायरा लगातार बढ़ रहा है और अब इस दिशा में पूर्वोत्तर भारत को
खेती की सबसे बड़ी ज़रूरतों में से एक है समय पर सिंचाई। लेकिन डीज़ल की बढ़ती क़ीमतें, बिजली की अनियमित
नई दिल्ली में 13 जून को आयोजित BASAI (Bharat Agricultural Science and Innovation Association) के 7वें वार्षिक दिवस समारोह में
जलवायु परिवर्तन, बढ़ती लागत और पशुओं के लिए चारे की कमी जैसी चुनौतियों के बीच IGFRI-DL-2 जैसी उन्नत किस्म किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है।
पंजाब सरकार का मानना है कि जब धान की गुणवत्ता भारतीय खाद्य निगम यानी Food Corporation of India (FCI) के मानकों के अनुरूप नहीं होती, तब किसानों की फसल की खरीद और उठान में परेशानी आती है।
डॉ. एम.एल. जाट को कृषि अनुसंधान, जलवायु अनुकूल खेती और किसानों के हित में योगदान के लिए ‘मारवाड़ रत्न’ सम्मान मिला।
गर्मी का मौसम कभी आम और तरबूज की मिठास का पर्याय हुआ करता था। बाज़ारों में रंग और रस का उत्सव दिखाई देता था। लेकिन अब वही फल संदेह के घेरे में हैं।
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के दिलावेज़ हुसैन ने पर्यावरण के अनुकूल व्यवसाय चुना है। वो केले के रेशे से कपड़ा बना रहे हैं। ये कपड़ा न सिर्फ़ पूरी तरह प्राकृतिक और स्किन-फ़्रेंडली है, बल्कि फ़ैशन और निर्यात के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रहा है।
डीडीजीएस (DDGS) कोई गेहूं या चावल नहीं है, जो सीधे हमारी रसोई या खाद्य सुरक्षा से जुड़ा हो। ये Ethanol production (मुख्यतः मक्का से) का एक उप-उत्पाद (By-products) है, जिसका इस्तेमाल दुनियाभर में पशु आहार के रूप में होता है।
किसान ऑफ़ इंडिया सम्मान 2025 में में सात श्रेणियों – ऑर्गेनिक/प्राकृतिक खेती, संरक्षित खेती, फूड प्रोसेसिंग, कृषि स्टार्ट-अप, डेयरी फार्मिंग, मत्स्य पालन और कृषि में नई तकनीक – में उत्कृष्ट किसानों को सम्मानित किया गया।
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने देश में AI को बढ़ावा देने के लिए तीन AI Playbooks for Agriculture and SMEs लॉन्च की है।
सरकार प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को प्रति फसल 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष कृषि कार्यक्रम में 42 हजार करोड़ रुपये से अधिक की
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना: ब्लू इकोनॉमी की ताकत, तकनीक और रोजगार से बदल रहा है भारत का मत्स्य क्षेत्र।
22 सितंबर तक दिल्ली में आयोजित सरस आजीविका मेला 2025, लखपति दीदियों और ग्रामीण महिलाओं के उत्पाद, संस्कृति, वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत का उत्सव है।