Table of Contents
खेती के बढ़ते खर्चों के बीच Kisan Credit Card (KCC) किसानों के लिए वरदान बनकर आया है। अब किसान इस कार्ड के जरिए 5 लाख रुपये तक का लोन बहुत कम ब्याज दर पर ले सकते हैं। ये योजना किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और अन्य कृषि कामों के लिए आसानी से ऋण उपलब्ध कराती है।
क्या है किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)?
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) एक सरकारी योजना है जो 1998 में शुरू की गई थी। ये किसानों को वक्त पर और सस्ती दरों पर कर्ज देने के लिए बनाई गई है। ये कार्ड किसानों का एक तरह का क्रेडिट कार्ड है, जिससे वे ज़रूरत पड़ने पर पैसा निकाल सकते हैं। 2019 में इस योजना को पशुपालन, डेयरी और मछली पालन तक बढ़ा दिया गया।
कितना लोन मिलता है और कितना ब्याज?
1.नई लोन सीमा: सरकार ने बजट 2025-26 में KCC के तहत लोन की सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है। ये कदम बढ़ती लागत को देखते हुए उठाया गया है।
2.ब्याज दर: सरकार 1.5 फीसदी ब्याज सब्सिडी देती है, जिससे किसानों को 7 प्रतिशत की दर से लोन मिलता है।
3.समय पर भुगतान का इनाम: जो किसान समय पर लोन चुकाते हैं, उन्हें 3 फीसदी अतिरिक्त छूट (Prompt Repayment Incentive) मिलती है।
4.असली ब्याज दर: इस तरह समय पर भुगतान करने वाले किसानों के लिए प्रभावी ब्याज दर सिर्फ 4 प्रतिशत रह जाती है।
कौन कर सकता है अप्लाई?
- सभी किसान: खुद की जमीन पर खेती करने वाले, काश्तकार, बंटाईदार किसान।
- पशुपालक, मछुआरे: जो लोग डेयरी, मत्स्य पालन या पशुपालन करते हैं।
- स्वयं सहायता समूह (SHG) और संयुक्त दायित्व समूह (JLG) भी आवेदन कर सकते हैं।
- PM-KISAN लाभार्थी खुद पात्र हैं।
क्या दस्तावेज़ चाहिए?
अप्लाई के लिए ये दस्तावेज़ ज़रूरी हैं:
1.Identity Proof : आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी।
2.Address Proof : बिजली बिल, राशन कार्ड या आधार कार्ड।
3.Land documents: खसरा, खतौनी, बटाई या पट्टा समझौता।
4.Income Proof: कृषि आय का प्रमाण पत्र।
5.पासपोर्ट साइज़ फोटो।
कैसे करें अप्लाई?
- ऑफलाइन: अपनी नजदीकी बैंक शाखा (सरकारी, निजी, सहकारी या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक) में जाकर फॉर्म भरें और दस्तावेज़ जमा करें।
- ऑनलाइन: कई बैंकों की वेबसाइट या मोबाइल ऐप से भी अप्लाई किया जा सकता है।
और भी हैं ख़ास बातें
कोई ज़मानत नहीं: 2 लाख रुपये तक के लोन पर कोई गारंटी या कोलैटरल नहीं मांगा जाता। 1.60 लाख तक तो बिना किसी गारंटी के लोन मिलता है।
फ्लेक्सी लिमिट: छोटे और सीमांत किसानों (1 हेक्टेयर तक ज़मीन) को 10,000 से 50,000 रुपये की फ्लेक्सी लिमिट मिल सकती है।
किस्तों में चुकता करें: आप इस लोन को 6 साल तक की अवधि में चुका सकते हैं। फसल के आधार पर 12 से 18 महीने की अवधि तय की जाती है।
फसल बीमा: KCC लेने वाले किसानों का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत ऑटोमैटिक बीमा हो जाता है।
तकनीकी खर्च भी शामिल: नए नियमों में मिट्टी परीक्षण, मौसम पूर्वानुमान और जैविक खेती प्रमाणीकरण जैसे खर्च भी लोन में शामिल किए जा सकते हैं।

