आंध्र प्रदेश सरकार का किसानों को तोहफा: 10 रुपये प्रति किलो सब्सिडी पर मिलेगा धान का बीज

किसानों को बीज पर 90 प्रतिशत तक का ख़ास अनुदान दिया जा रहा है। यानी ST किसानों को बीज बहुत ही कम कीमत पर मिलेगा।

खेती-किसानी करने वालों के लिए एक अच्छी ख़बर है। आंध्र प्रदेश सरकार (Government of Andhra Pradesh) ने किसानों की मदद के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब किसानों को धान का बीज सस्ती दरों पर (Paddy seeds at affordable rates) मिलेगा। सरकार हर किलो धान के बीज पर 10 रुपये की सब्सिडी दे रही है। इसका सीधा मतलब है कि किसानों की खेती (Farmers’ farming) की लागत कम होगी और उनकी जेब में ज्यादा पैसे बचेंगे।

ST किसानों को ख़ास तोहफा

सरकार ने अनुसूचित जनजाति (ST) के किसानों के लिए और भी बड़ी सौगात दी है। इन किसानों को बीज पर 90 प्रतिशत तक का ख़ास अनुदान दिया जा रहा है। यानी ST किसानों को बीज बहुत ही कम कीमत पर मिलेगा। ये फैसला सरकार की उन गरीब और पिछड़े किसानों के प्रति संवेदनशीलता को दिखाता है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। इस कदम से ST समुदाय के किसानों को खेती करने में काफी मदद मिलेगी और वे भी दूसरे किसानों की तरह अच्छी फसल उगा पाएंगे।

किसानों में खुशी की लहर

सरकार के इस फैसले से किसान काफी खुश हैं। किसानों का कहना है कि इससे उन्हें बहुत फायदा होगा। पहले जहां बीज महंगे मिलते थे, अब वे सस्ते दरों पर मिलेंगे। इससे उनकी कमाई बढ़ेगी और खेती में लगने वाला पैसा कम होगा। किसानों का कहना है कि सरकार अगर ऐसे ही मददगार फैसले लेती रही तो उनकी आर्थिक स्थिति और बेहतर होगी।

जिले में पर्याप्त मात्रा में बीज का भंडार

श्रीकाकुलम जिले में अभी 31,058 क्विंटल धान बीज का भंडार उपलब्ध है। यानी किसानों को बीज की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि खरीफ सीजन के दौरान सभी जरूरतमंद किसानों को समय पर बीज मिल जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों का खर्च कम करना और खरीफ फसलों की बुवाई को आसानी से पूरा कराना है।

रायतु सेवा केंद्रों पर उपलब्ध है बीज

किसानों की सुविधा के लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने रायतु सेवा केंद्रों पर कई फसलों के बीज उपलब्ध कराए हैं। किसान इन केंद्रों पर जाकर सीधे बीज खरीद सकते हैं। यह कदम किसानों के लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि उन्हें बीज खरीदने के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें पास के केंद्र से ही बीज मिल जाएगा।

कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने पर जोर

बीज वितरण के साथ-साथ सरकार कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने पर भी काम कर रही है। इसी कड़ी में उसने एक बड़ा कदम उठाया है। अब खाद वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आंध्र प्रदेश एग्रीकल्चर इनपुट मैनेजमेंट सिस्टम (APAIMS) मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह ऐप किसानों के लिए बहुत काम का है।

मोबाइल ऐप से बढ़ेगी खाद वितरण में पारदर्शिता

कृषि अधिकारियों ने किसानों को इस ऐप के इस्तेमाल की जानकारी दी है। अधिकारियों ने बताया कि खाद का वितरण किसानों के रजिस्ट्रेशन और उनकी खेती के रकबे के आधार पर किया जाएगा। इसका मतलब है कि अब कोई भी किसान ज्यादा या कम खाद नहीं ले सकता। सब कुछ उनके खेत के आकार के हिसाब से होगा। किसानों से नई तकनीक का अधिक से अधिक लाभ उठाने और ऐप का उपयोग करने की अपील की गई है।  

125 दिनों में तैयार होने वाली धान की किस्में

मौसम की संभावित चुनौतियों को देखते हुए कृषि विभाग ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। मौसम विभाग ने इस साल अल नीनो के कारण सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई है। ऐसे में किसानों के लिए 125 से 135 दिनों में तैयार होने वाली कम अवधि की धान किस्मों के बीज उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। यानी अगर बारिश कम भी होती है तो भी किसान कम दिनों में अच्छी फसल उगा सकेंगे।

 

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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