Post Budget Dialogue: 60 साल पुराने नारियल के पेड़ होंगे ‘रिटायर’! कृषि मंत्री ने चेन्नई में रखी बड़ी योजना

पोस्ट बजट संवाद (Post Budget Dialogue) में मंत्री ने साफ किया कि सरकार अब नारियल की खेती को सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि एक ग्लोबल बिज़नेस के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Union Agriculture and Farmers Welfare Minister Shivraj Singh Chouhan) ने आज चेन्नई में नारियल उत्पादक किसानों (Coconut producing farmers) के साथ एक ऐतिहासिक संवाद किया, जिसमें उन्होंने देश के नारियल क्षेत्र को नई दिशा देने का ख़ाका पेश किया। इस पोस्ट बजट संवाद (Post Budget Dialogue) में मंत्री ने साफ किया कि सरकार अब नारियल की खेती को सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि एक ग्लोबल बिज़नेस के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

संकट का आकलन: 60 साल पुराने पेड़ और बीमारियां

कृषि मंत्री ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि देश के ज़्यादातर नारियल के बाग लगभग 60 साल पुराने हो चुके हैं। ये ‘वृद्ध’ (senile) पेड़ अब कम उत्पादन दे रहे हैं, जिससे किसानों की आय पर सीधा असर पड़ रहा है । इसके अलावा, रूट विल्ट (जड़ सड़न) और व्हाइट फ्लाई जैसी खतरनाक बीमारियां केरल और तमिलनाडु के बागानों को तबाह कर रही हैं। कुछ इलाकों में तो हालात इतने खराब हैं कि पूरे परिदृश्य को ही नुकसान पहुंचा है।

सरकार की महत्वाकांक्षी योजना: ‘नारियल संवर्धन योजना’ का विस्तार

इन चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने बजट 2026 में ‘Coconut Cultivation Scheme’ की घोषणा की है। इस योजना के तहत अब सिर्फ उत्पादन बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि पूरे Ecosystem को बदलने पर जोर दिया जाएगा-

1.बागों का कायाकल्प: पुराने और अनुत्पादक पेड़ों को हटाकर उनकी जगह नए, उन्नत और रोग-प्रतिरोधी पौधे लगाए जाएंगे। वैज्ञानिक ऐसी किस्में विकसित कर रहे हैं जो जलवायु परिवर्तन (बढ़ते तापमान) और सूखे को सहन कर सकें ।

2.बीमारियों से लड़ाई: रूट विल्ट जैसी बीमारियों से निपटने के लिए विशेष तकनीकी टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों की सेवाएं राज्यों को लेनी होंगी, ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके ।

3.वैल्यू एडिशन पर जोर: फिलहाल भारत में नारियल का केवल 8 प्रतिशत ही प्रोसेस हो पाता है, जबकि इंडोनेशिया और फिलीपींस में ये आंकड़ा 30 प्रतिशत से अधिक है । सरकार का टारगेट 2030 तक इस प्रोसेसिंग क्षमता को बढ़ाकर कम से कम 20 फीसदी करना है। इसके लिए किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को प्रोत्साहित किया जाएगा और प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए वित्तीय मदद दी जाएगी।

किसानों के लिए राहत: सब्सिडी और आधुनिक सुविधाएं

मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत-

  • गुणवत्तापूर्ण नर्सरी का विकास किया जाएगा, ताकि किसानों को बेहतर पौधे मिल सकें ।
  • नारियल पर आधारित अंतरवर्तीय फसल प्रणाली (Intercropping) को बढ़ावा दिया जाएगा। यानी नारियल के साथ केला, अदरक, काली मिर्च और अन्य सब्जियां उगाकर किसान अपनी आय के स्रोत बढ़ा सकते हैं ।
  • विशेष रूप से तमिलनाडु के लगभग 28 प्रतिशत किसानों को इस योजना से सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।


सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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