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पंजाब की आप सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ऐतिहासिक बजट (Punjab Budget 2026-27) पेश कर किसानों और खेती-किसानी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प दोहराया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा (Finance Minister Harpal Singh Cheema) ने ‘किसान पहले’ की भावना से तैयार किए गए इस बजट में कृषि क्षेत्र के विकास के लिए 15,377 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 6 फीसदी ज़्यादा है। सरकार ने कुल मिलाकर खेती-किसानी के लिए 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रावधान कर पंजाब के अन्नदाताओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता एक बार फिर साबित की है।
मक्का की खेती को बढ़ावा देने के लिए पायलट प्रोजेक्ट
सरकार ने पंजाब को धान-गेहूं के चक्र से बाहर निकालने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए जो कदम उठाया है, वो वाकई क्रांतिकारी है। धान की जगह मक्का की खेती को बढ़ावा देने के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत राज्य के 6 जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, बठिंडा, संगरूर, जालंधर और कपूरथला से होगी। इस योजना के तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर 17,500 रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा, जो उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में सरकार की गंभीरता को दिखाता है।
कृषि विशेषज्ञों (agricultural experts) का मानना है कि ये कदम न सिर्फ पानी की बचत करेगा, बल्कि किसानों को अधिक मुनाफा देने वाली फसलों की ओर प्रेरित करेगा। मक्का से न केवल पशुओं के लिए अच्छा चारा मिलेगा, बल्कि इथेनॉल उत्पादन में भी इसकी बड़ी भूमिका होगी। इस परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
पराली प्रबंधन: 600 करोड़ का विशेष प्रावधान
पराली जलाने की समस्या से निजात दिलाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए पंजाब सरकार ने 600 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है। ये राशि किसानों को पराली प्रबंधन मशीनें खरीदने में मदद करेगी और पराली से value added प्रोडक्ट बनाने वाली इकाइयों को भी बढ़ावा देगी।
बिजली सब्सिडी: 7,715 करोड़ रुपये का प्रावधान
पंजाब सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए बिजली सब्सिडी के रूप में 7,715 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया है। इससे राज्य के लाखों किसानों को मुफ्त बिजली मिलती रहेगी, जिससे सिंचाई में कोई बाधा नहीं आएगी। ये सब्सिडी किसानों की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने और उनकी लागत को कम करने में मील का पत्थर साबित होगी।
डीएसआर तकनीक: कम पानी, अधिक उपज
सीधी बुआई वाले धान (direct seeded rice) के लिए 40 करोड़ रुपये का पैकेज सरकार दे रही है। इस तकनीक से न सिर्फ पानी की भारी बचत होगी, बल्कि मजदूरों की कमी से जूझ रहे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। ये तकनीक धान की खेती को और अधिक लाभदायक और टिकाऊ बनाएगी।
बागवानी और डेयरी: किसानों की आमदनी के नए आयाम
सरकार ने जलवायु-लचीला और High Value वाली बागवानी फसलों को बढ़ावा देने के लिए 1,300 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की है। इससे किसान पारंपरिक फसलों से हटकर फल-सब्जियों की खेती कर कम समय में अधिक मुनाफा कमा सकेंगे। वहीं, डेयरी किसानों का दूध उचित मूल्य पर खरीदने के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा।
पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास
श्री गुरु तेग बहादुर हरियाणा संकल्प के तहत 4,150 हेक्टेयर में पौधे लगाने के लिए 238 करोड़ रुपये की PUNCAMPA योजना को मंजूरी दी गई है। यह योजना पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ किसानों को अतिरिक्त आय का साधन भी देगी।
किसानों का हर सपना होगा पूरा
पंजाब सरकार का यह बजट किसानों की हर जरूरत का ख्याल रखता है – चाहे वह बिजली की सब्सिडी हो, फसल बदलाव के लिए प्रोत्साहन हो, पराली प्रबंधन हो या फिर बागवानी और डेयरी को बढ़ावा देना हो। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बजट पंजाब की माताओं और बेटियों के साथ-साथ अन्नदाता किसानों को समर्पित है।
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

