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उत्तर प्रदेश के मक्का किसानों (Maize farmers of Uttar Pradesh) के लिए एक ऐतिहासिक और राहत भरी खबर है। सरकार ने पहली बार बड़े पैमाने पर किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर मक्का खरीदने का ऐलान किया है। यह फैसला उन हजारों किसानों की मेहनत को सही मूल्य दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो बिचौलियों के चंगुल में फंसकर अपनी उपज कम दामों पर बेचने को मजबूर थे ।
2400 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा MSP
योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath government) ने मक्का के लिए MSP 2,400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। ये दर खुले बाज़ार में मिलने वाले भाव (जो 1500 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच चल रहे हैं) से काफी अधिक है, जिससे किसानों को प्रति क्विंटल 400 से 1000 रुपये एक्स्ट्रा फायदा होगा। ये कदम किसानों को सीधा और उचित मूल्य देने के साथ-साथ बिचौलियों पर उनकी निर्भरता को भी कम करेगा।
कब और कहां होगी खरीद?
सरकार ने खरीद प्रोसेस को Timely and well-organized बनाने के लिए कार्यक्रम जारी किया है। राज्य के 25 जिलों में 150 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ 15 जून से 31 जुलाई तक मक्का की खरीद की जाएगी । इस सीजन में 25,000 मीट्रिक टन मक्का खरीद का लक्ष्य रखा गया है ।
मुख्य जिलों में आगरा, अलीगढ़, फिरोजाबाद, मैनपुरी, कानपुर नगर, लखनऊ, बांदा, शाहजहांपुर, रामपुर, बुलंदशहर, गोंडा, बहराइच, बलिया, फतेहपुर और मिर्जापुर शामिल हैं । अधिकारियों को खरीद प्रक्रिया की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों को लंबी कतारों या किसी दूसरे परेशानी का सामना न करना पड़े ।
किसानों को 48 घंटे में मिलेगा भुगतान
सरकार ने भुगतान को लेकर भी पारदर्शी व्यवस्था की है। खरीदी गई फसल का पैसा पीएफएमएस (PFMS) पोर्टल के माध्यम से सीधे किसानों के आधार से लिंक बैंक खातों में भेजा जाएगा । सरकार का लक्ष्य खरीद के 48 घंटों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करना है, जिससे किसानों को अगली फसल की तैयारी के लिए समय पर पैसा मिल सके ।
क्या है किसानों के लिए ज़रूरी?
MSP पर मक्का बेचने के लिए किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज तैयार रखने होंगे:
- Computer-verified खतौनी (भूमि का रिकॉर्ड)
- Aadhar card
- Photo identity card
इसके अलावा, किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा, जो कि खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल, किसान मित्र ऐप या जन सुविधा केंद्रों के माध्यम से किया जा सकता है । भूमि और बोए गए रकबे का सत्यापन भूलेख पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा, जिससे खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे ।
एक नई शुरुआत
यह योजना प्रदेश के मक्का किसानों के लिए एक नई सुबह की तरह है। अब उन्हें अपनी मेहनत का फल बिना किसी दलाल के, सही समय पर और सही कीमत पर प्राप्त होगा। सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत खरीद केंद्रों पर ही अपनी उपज बेचें और किसी भी समस्या होने पर कृषि विभाग या हेल्पलाइन से Contact करें।

