El Niño को लेकर सरकार सतर्क, बारिश की कमी घटी, ख़रीफ़ फ़सलों के लिए तैयार हुई नई रणनीति

El Niño की संभावित स्थिति को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट है। ख़रीफ़ फ़सलों, बारिश, उर्वरकों और किसानों की तैयारी की गई समीक्षा।

देश में मानसून को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के अनुसार 7 जुलाई तक देश में बारिश की कमी घटकर 12% रह गई है। जुलाई के पहले सप्ताह में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज होने से ख़रीफ़ फ़सलों की बुवाई में तेजी आई है। इसी बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि El Niño की संभावना का मतलब ये नहीं है कि पूरे देश में सामान्य से कम बारिश होगी। संभावित El Niño की स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई।

बैठक के साथ ही केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी ख़रीफ़ बुवाई, मानसून की प्रगति, सूखा प्रबंधन, उर्वरकों की उपलब्धता और खाद्यान्न भंडारण की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

PMO में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), कृषि, जल संसाधन, पशुपालन, स्वास्थ्य, उपभोक्ता मामले, उर्वरक और ग्रामीण विकास मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

बैठक में मानसून की स्थिति, ख़रीफ़ फ़सलों की प्रगति और संभावित El Niño के प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सरकार लगातार मौसम की निगरानी कर रही है और सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए हुए है।

बारिश की कमी घटकर 12% रह गई

IMD के अनुसार जून से 7 जुलाई तक देश में बारिश की कमी अब घटकर 12% रह गई है। जुलाई के पहले सप्ताह में सामान्य से अधिक बारिश होने से कई राज्यों में मानसून की स्थिति में सुधार हुआ है।

हालांकि गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मानसून करीब 10 दिन की देरी से पहुंचा, लेकिन अब अधिकांश क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है। सरकार का कहना है कि El Niño की संभावना के बावजूद वर्तमान स्थिति संतोषजनक बनी हुई है।

El Niño को लेकर सरकार सतर्क, बारिश की कमी घटी, ख़रीफ़ फ़सलों के लिए तैयार हुई नई रणनीति

जुलाई और अगस्त में बन सकती है El Niño की स्थिति

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अनुमान जताया है कि जुलाई और अगस्त के दौरान कमज़ोर से मध्यम El Niño विकसित हो सकता है। हालांकि विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि हर El Niño वर्ष में सामान्य से कम बारिश होना जरूरी नहीं होता।

सरकार का कहना है कि पूरे मानसून सीजन की लगभग 30% बारिश केवल जुलाई महीने में होती है। इसलिए El Niño के संभावित प्रभाव पर लगातार नज़र रखी जा रही है और मौसम संबंधी हर बदलाव का विश्लेषण किया जा रहा है।

ख़रीफ़ सीजन के लिए विशेष तैयारी

कृषि सचिव ने बैठक में बताया कि संभावित El Niño को ध्यान में रखते हुए राज्यों के साथ साप्ताहिक Crop Weather Watch बैठकें शुरू कर दी गई हैं। इनमें बारिश की स्थिति, जलाशयों का जल स्तर, फ़सल बुवाई, कृषि आदानों की उपलब्धता, बाजार की स्थिति तथा कीट एवं रोगों की लगातार समीक्षा की जा रही है।

इसके अलावा 262 संवेदनशील ज़िलों के लिए जिला कृषि आकस्मिक (Contingency) योजनाओं को अपडेट किया गया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने El Niño जोखिम प्रबंधन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी जारी की है। कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) को किसानों तक समय पर सलाह पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

शिवराज सिंह चौहान ने दिए विशेष निर्देश

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समीक्षा बैठक में कहा कि संभावित El Niño की परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मंत्रालय लगातार निगरानी कर रहा है।

उन्होंने बारिश की कमी से प्रभावित 15 अतिरिक्त ज़िलों की पहचान करने और किसानों के हित में समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ये सुनिश्चित करना है कि El Niño की स्थिति का किसानों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।

जलवायु अनुकूल खेती पर सरकार का ज़ोर

बैठक में बताया गया कि पिछले वर्षों में कम बारिश के बावजूद जलवायु अनुकूल फ़सल क़िस्मों और आधुनिक कृषि तकनीकों की मदद से खाद्यान्न उत्पादन बनाए रखने में सफलता मिली है।

सरकार का मानना है कि यदि El Niño का प्रभाव बढ़ता भी है, तो Climate Resilient क़िस्में और वैज्ञानिक खेती किसानों को नुकसान से काफी हद तक बचाने में मदद करेंगी।

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पशुपालन, स्वास्थ्य और उर्वरकों पर भी निगरानी

संभावित El Niño को देखते हुए पशुपालन एवं डेयरी विभाग को सूखा चारा, हरा चारा और पशु आहार की उपलब्धता का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।

जल शक्ति मंत्रालय और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने बताया कि फिलहाल पेयजल की स्थिति सामान्य है, लेकिन संवेदनशील ज़िलों में लगातार निगरानी जारी रहेगी। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय ने हीटवेव, अधिक नमी और डेंगू जैसी बीमारियों को लेकर राज्यों को पहले ही दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

उपभोक्ता मामलों के विभाग ने बताया कि चावल, गेहूं और दालों का पर्याप्त बफर स्टॉक उपलब्ध है। उर्वरक विभाग ने भी किसानों के लिए पर्याप्त उर्वरकों की उपलब्धता की जानकारी दी है।

सरकार लगातार कर रही है निगरानी

बैठक के अंत में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा ने सभी मंत्रालयों को राज्यों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने और ज़रूरत पड़ने पर तुरंत राहत एवं आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

वहीं शिवराज सिंह चौहान ने दोहराया कि सरकार संभावित El Niño की स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए है। उन्होंने कहा कि ख़रीफ़ सीजन, किसानों के हित, खाद्यान्न उत्पादन और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि किसी भी चुनौती का समय रहते प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।

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