मध्य-प्रदेश के रायसेन में 11 से 13 अप्रैल को लगेगा राष्ट्रीय कृषि मेला, किसानों को मिलेगी आधुनिक खेती की पूरी जानकारी

मध्य प्रदेश में होने वाले राष्ट्रीय कृषि मेला में किसानों को नई तकनीक, ड्रोन और आधुनिक खेती के तरीके सीखने का बड़ा मौक़ा मिलेगा।

किसानों के लिए नई तकनीकों और आधुनिक खेती को समझने का एक बड़ा मौक़ा सामने आया है। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में 11 से 13 अप्रैल 2026 तक राष्ट्रीय कृषि मेला का आयोजन किया जा रहा है। ये तीन दिवसीय आयोजन किसानों के लिए सीखने, समझने और नई तकनीकों को अपनाने का एक महत्वपूर्ण मंच बनने जा रहा है।

सरकार ने इस राष्ट्रीय कृषि मेला को किसानों के लिए एक बड़ा अवसर बताया है, जहां वे खेती के नए तरीकों को क़रीब से देख सकेंगे और अपनी खेती को बेहतर बनाने के लिए ज़रूरी जानकारी हासिल कर सकेंगे।

नई तकनीकों से होगी खेती आसान

इस राष्ट्रीय कृषि मेला की सबसे बड़ी ख़ासियत आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन है। यहां किसानों को स्मार्ट और ऑटोमेटिक मशीनें देखने को मिलेंगी, जो खेती को आसान और तेज बनाने में मदद करेंगी। महोत्सव में मल्टी-क्रॉप मशीनों का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जो एक ही समय में कई फ़सलों के काम को संभाल सकती हैं। इसके अलावा AI आधारित खेती के उपकरण भी दिखाए जाएंगे, जिससे किसान समझ सकेंगे कि तकनीक का इस्तेमाल खेती में कैसे किया जा सकता है।

ये राष्ट्रीय कृषि मेला किसानों को ये भी सिखाएगा कि कम लागत में ज़्यादा उत्पादन कैसे हासिल किया जाए। इसके लिए ड्रोन टेक्नोलॉजी का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा। किसानों को बताया जाएगा कि ड्रोन के जरिए सटीक छिड़काव कैसे किया जाता है और इससे समय व लागत दोनों की बचत कैसे होती है।

ड्रोन और स्मार्ट खेती पर ख़ास फ़ोकस

आज के समय में खेती तेजी से बदल रही है और तकनीक इसमें बड़ी भूमिका निभा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस राष्ट्रीय कृषि मेला में ड्रोन और स्मार्ट फार्मिंग पर विशेष ध्यान दिया गया है। ड्रोन के जरिए खेतों में खाद और दवाओं का छिड़काव करना अब आसान हो गया है।

इस तकनीक को भविष्य की खेती माना जा रहा है। इस राष्ट्रीय कृषि मेला में किसानों को इन तकनीकों का उपयोग practically सिखाया जाएगा, जिससे वे अपने खेतों में इसे आसानी से लागू कर सकें।

मध्य-प्रदेश के रायसेन में 11 से 13 अप्रैल को लगेगा राष्ट्रीय कृषि मेला, किसानों को मिलेगी आधुनिक खेती की पूरी जानकारी

किसानों को मिलेगा संगठित होने का फ़ायदा

इस राष्ट्रीय कृषि मेला में केवल तकनीक ही नहीं, बल्कि किसानों को संगठित होने के फ़ायदे भी बताए जाएंगे। इसके लिए एक विशेष सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें किसान उत्पादक संगठन यानी FPO के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।

किसानों को समझाया जाएगा कि समूह में काम करने से बाज़ार तक पहुंच आसान होती है और उन्हें अपनी फ़सल का बेहतर दाम मिल सकता है। इसके साथ ही सीधे बाज़ार से जुड़ने के तरीके भी बताए जाएंगे।

कृषि स्टार्टअप हब बनेगा आकर्षण का केंद्र

इस राष्ट्रीय कृषि मेला में एक ख़ास ‘कृषि स्टार्टअप हब’ भी बनाया जाएगा। यहां नए एग्री-स्टार्टअप्स अपने इनोवेशन और आइडियाज का प्रदर्शन करेंगे। ये हब किसानों और युवाओं के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है, क्योंकि इससे उन्हें नए बिजनेस आइडियाज और निवेश के अवसरों की जानकारी मिलेगी। इस राष्ट्रीय कृषि मेला के जरिए खेती को एक नए बिजनेस मॉडल के रूप में भी समझने का मौक़ा मिलेगा।

किसानों के लिए हेल्पलाइन और सुविधाएं

सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए इस राष्ट्रीय कृषि मेला के दौरान एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। किसान सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक 1800-180-1551 पर कॉल करके अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं।

इस पहल से ये साफ़ होता है कि राष्ट्रीय कृषि मेला केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि किसानों को हर स्तर पर मदद देने की कोशिश है।

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लाइव डेमॉन्स्ट्रेशन और प्रशिक्षण से सीखने का मौक़ा

इस राष्ट्रीय कृषि मेला की एक और ख़ास बात ये है कि यहां केवल जानकारी नहीं दी जाएगी, बल्कि किसानों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा। किसानों को अच्छे बीजों की पहचान, आधुनिक खेती के तरीके, रोग प्रबंधन और खाद व पेस्टीसाइड के सही उपयोग के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।

इसके साथ ही इस राष्ट्रीय कृषि मेला में लाइव डेमॉन्स्ट्रेशन भी होंगे, जहां किसान खुद देखकर सीख सकेंगे। अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि हर किसान अपनी जरूरत के अनुसार जानकारी ले सके।

किसानों के लिए एक बड़ा अवसर

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इस आयोजन को देश का सबसे बड़ा कृषि मेला बताया है। उनके अनुसार, ये राष्ट्रीय कृषि मेला किसानों के लिए नई तकनीक, जानकारी और बेहतर खेती के तरीके सीखने का एक बड़ा मंच बनेगा।

ये मेला न केवल किसानों को नई दिशा देगा, बल्कि उन्हें आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित भी करेगा।

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सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुंचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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