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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को बिहार पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर जमीन पर हालात का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने हाजीपुर, वैशाली, मुंगेर और भागलपुर के बाढ़ प्रभावित गांवों, खेतों और राहत शिविरों का निरीक्षण किया।
शिवराज सिंह चौहान के साथ केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य के मंत्री और संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रभावित इलाकों तक पहुंचने के लिए उन्होंने मोटरबोट, नाव और ट्रैक्टर का सहारा लिया। इसके अलावा हेलीकॉप्टर से भी बाढ़ की स्थिति का हवाई जायज़ा लिया गया। प्रभावित परिवारों से बातचीत करते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस मुश्किल समय में बिहार के लोगों और किसानों के साथ खड़ी है।
बाढ़ की स्थिति पर केंद्र की नज़र
बिहार में गंगा और दूसरी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हुई है। कुछ जगहों पर जलस्तर काफ़ी ज़्यादा बढ़ा है। इसी स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री के निर्देश पर शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को एक high-level केंद्रीय टीम के साथ बिहार पहुंचे थे।
इस टीम में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय और केंद्र की अलग-अलग संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी और technical experts शामिल थे। पटना पहुंचने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर प्रभावित इलाकों का ground assessment शुरू किया।
गांवों और खेतों तक पहुंचकर देखा नुक़सान
हाजीपुर और वैशाली में शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ से सबसे ज़्यादा प्रभावित तेरसिया और सारायपुर गांवों का दौरा किया। यहां उन्होंने मोटरबोट और नाव से पानी में डूबे घरों और खेतों का जायज़ा लिया। कई ऐसे इलाकों में भी पहुंचे, जहां जाना आसान नहीं था। इन जगहों पर उन्होंने ट्रैक्टर से पहुंचकर स्थिति देखी।
उन्होंने राघोपुर सिक्स लेन ब्रिज से भी बाढ़ के पानी और जलस्तर की स्थिति को देखा। इसके बाद मुंगेर में नवागढ़ी राहत शिविर और कोजिकरैया तटबंध का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने सुरक्षा और पानी की निकासी को लेकर किए गए इंतजामों की जानकारी ली। भागलपुर में उन्होंने राहत शिविरों का दौरा किया और वहां रह रहे बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत की।
2016 की बाढ़ से करीब एक फुट ज़्यादा जलस्तर
दौरे के बाद शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रभावित इलाकों में पानी का स्तर 2016 की बड़ी बाढ़ के मुकाबले करीब एक फुट ज़्यादा पहुंच गया है।
उन्होंने बताया कि केला और मक्का की फ़सल को भारी नुक़सान हुआ है। ये फ़सलें 10 दिनों से ज़्यादा समय तक पानी में डूबी रही हैं। बाढ़ से करीब 50 लाख लोग सीधे प्रभावित हुए हैं। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा है। घरों को नुक़सान पहुंचा है और पशुधन का भी नुक़सान हुआ है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की वह फ़सल, जिसमें उन्होंने मेहनत और अपनी आजीविका लगाई थी, उसे बाढ़ के पानी में डूबा देखना बेहद दुखद है। हालांकि, उन्होंने किसानों से हिम्मत बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उनकी आजीविका को बचाने और इस मुश्किल समय में मदद करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
राहत और बचाव के काम की समीक्षा
शिवराज सिंह चौहान ने राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे राहत और बचाव कार्यों की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में प्रशासन लगातार राहत और rescue operations में जुटा है।
राज्य सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को तत्काल मदद के तौर पर 7,000 रुपये सीधे उनके bank accounts में DBT के जरिए भेजे जा रहे हैं। यह प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों तक medical assistance और medicines पहुंचाने के लिए doctors और paramedical teams को नाव के जरिए भेजा जा रहा है।
प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित shelter, साफ पीने का पानी, dry ration और cooked food packets की भी व्यवस्था की गई है।
फ़सल और बुनियादी ढांचे के नुक़सान का होगा आकलन
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य सरकार अपने State Disaster Response Fund यानी SDRF और उपलब्ध संसाधनों से तत्काल सहायता दे रही है। वहीं, केंद्र सरकार राहत, recovery और reconstruction के लिए ज़रूरी मदद देगी।
कृषि और ग्रामीण विकास विभागों के अधिकारी फिलहाल नुक़सान का preliminary assessment कर रहे हैं। इसके बाद एक detailed Inter-Ministerial Central Team बिहार भेजी जाएगी। यह टीम प्रभावित जिलों में फ़सलों, सड़कों, पुलों, घरों और पशुधन को हुए नुक़सान का आकलन करेगी।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से National Disaster Response Fund के तहत ज़रूरी proposal भेजे जाने के बाद केंद्र सरकार पर्याप्त financial और material support उपलब्ध कराएगी।
प्रभावित परिवारों को केंद्र के साथ का भरोसा
बाढ़ प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार बिहार के लोगों के साथ मज़बूती से खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि संकट गंभीर है, लेकिन लोगों की मदद करने का सरकार का संकल्प उससे भी मज़बूत है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार बिहार सरकार के साथ मिलकर राहत और पुनर्वास के काम को आगे बढ़ाएगी और किसी भी प्रभावित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
निष्कर्ष
बिहार में बाढ़ से प्रभावित किसानों और परिवारों के लिए अब आगे का focus राहत के साथ-साथ नुक़सान का सही assessment और recovery पर रहेगा। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से इसी दिशा में अगले कदम तय किए जाने हैं।
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