Table of Contents
अब वह दिन दूर नहीं जब मध्य प्रदेश के सिवनी का जम्बो सीताफल (Seoni’s Jumbo Custard Apple) देश की बड़ी मंडियों से निकलकर विदेशी बाजारों की शोभा बढ़ाएगा। एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) के तहत और जीआई टैग (GI Tag) पा चुके इस फल को अब नेशनल और इंटरनेशनल मार्केट से जोड़ने की जोरदार तैयारी शुरू हो गई है।
‘सीताफल से समृद्धि’ अभियान: ज़मीन पर उतरेगी योजना
‘सीताफल से समृद्धि’ अभियान के तहत जिले में सीताफल के पौधों की गणना, सर्वेक्षण और उत्पादक किसानों के रजिस्ट्रेशन का काम अब फाइनल स्टेज में है। प्रशासन का मानना है कि सटीक आंकड़ों के बिना कोई भी मार्केटिंग या एक्सपोर्ट की प्लानिंग कामयाब नहीं हो सकती।
पहचान से आमदनी तक: बनेगी पूरी वैल्यू चेन
जीआई टैग का मतलब सिर्फ एक प्रमाणपत्र नहीं है। ये सिवनी के किसानों के लिए एक ब्रांड बन चुका है। इस पहचान को आमदनी में बदलने के लिए जिला प्रशासन उत्पादन से लेकर मार्केटिंग तक की पूरी वैल्यू चेन विकसित करने पर जोर दे रहा है। इसमें कलेक्शन ग्रेडिंग, पैकेजिंग, प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग को शामिल किया गया है। सिवनी ज़िले में पहले से ही तीन सीताफल पल्प प्रोसेसिंग यूनिट्स काम कर रही हैं, जहां से आइसक्रीम, रबड़ी और शेक जैसे प्रोडक्ट्स तैयार होते हैं।
नाबार्ड और APEDA के साथ जुड़ेंगे Stakeholder
अभियान का अगला बड़ा कदम जिला स्तरीय वर्कशॉप है। इसमें सीताफल उत्पादक किसानों के अलावा एफपीओ सदस्य, फूड प्रोसेसिंग बिजनेंस और बिजनेस ओनर्स शामिल होंगे। ख़ास बात यह है कि इस कार्यशाला में नाबार्ड और कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) जैसी संस्थाओं को भी जोड़ा जाएगा । एक्सपर्ट किसानों को प्रोसेसिंग यूनिटिस स्थापित करने, वित्तीय सहायता पाने और सीधे एक्सपोर्ट बाजारों से जुड़ने की बारीकियां सिखाएंगे।
किसान जल्द कराएं रजिस्ट्रेशन
इच्छुक किसान 9098431856 और 9713448994 पर कॉन्टेक्ट करके अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
क्यों ख़ास है सिवनी का सीताफल?
सिवनी का जम्बो सीताफल (Seoni’s Jumbo Custard Apple) औसतन 200 से 650 ग्राम का होता है, लेकिन भूतबंधानी क्षेत्र में कई फल 800 ग्राम से 1 किलोग्राम तक के मिलते हैं। इसकी मिठास और मलाईदार गूदे के कारण दिल्ली, मुंबई, नागपुर और वाराणसी जैसे शहरों में इसकी भारी मांग है।
ये भी पढ़ें : किसानों के लिए बड़ी ख़बर: केंद्र सरकार का ऐतिहासिक फैसला,अब खेतों में हो सकेगा एनहाइड्रस अमोनिया का इस्तेमाल
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुंचाएंगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

