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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने दो दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान राज्य सरकार के साथ कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। कोलकाता में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में केंद्र और राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण विकास, कृषि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने पर विस्तार से विचार किया।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत का सपना पश्चिम बंगाल के विकास के बिना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार राज्य के कृषि और ग्रामीण विकास को नई गति देने के लिए हर संभव सहयोग करेगी।
कृषि और ग्रामीण विकास योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN), प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना (PMFBY), प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), विकसित भारत G-RAM-G योजना, ग्रामीण सड़क, ग्रामीण आवास और पंचायती राज संस्थाओं को दिए जा रहे वित्तीय सहयोग की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों और ग्रामीण परिवारों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
ग्रामीण विकास के लिए 8500 करोड़ रुपये से अधिक की मंज़ूरी
प्रेस वार्ता के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि विकसित भारत G-RAM-G योजना के तहत मार्च तक पश्चिम बंगाल के लिए 8500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। राज्य सरकार की हिस्सेदारी भी इसमें शामिल होगी।
उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार उपलब्ध कराने के साथ-साथ सड़क, तालाब, स्कूल, आंगनबाड़ी भवन और अन्य विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। यदि किसी क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा या मौसम की गंभीर स्थिति बनती है तो अतिरिक्त रोज़गार उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना और महिला समूहों को मिलेगा लाभ
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्र परिवारों का सर्वे जारी है। बारिश के कारण सर्वे पूरा करने की समय सीमा 15 अगस्त तक बढ़ा दी गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि पात्र लाभार्थियों को आवास मिलने में देरी न हो, इसलिए एक लाख ग्रामीण मकानों की मंज़ूरी पहले ही दे दी गई है। फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा होते ही आवंटन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
इसके अलावा दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए 245 करोड़ रुपये के बैंक ऋण और 50 करोड़ रुपये के कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड को भी मंज़ूरी दी गई है।
पश्चिम बंगाल के लिए बनेगा वैज्ञानिक कृषि रोडमैप
बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वरिष्ठ वैज्ञानिक पश्चिम बंगाल के लिए वैज्ञानिक कृषि रोडमैप तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की कृषि विश्वविद्यालयों, आईसीएआर संस्थानों और राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ मिलकर ऐसा रोडमैप तैयार किया जाएगा, जो मिट्टी, जल, जलवायु और एग्रो-क्लाइमेटिक परिस्थितियों के अनुसार खेती को अधिक लाभदायक बनाए।
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल को पूर्वी भारत का Seed Hub बनाने की दिशा में काम शुरू किया गया है। जूट, मक्का और आलू जैसी फ़सलों के गुणवत्तापूर्ण बीजों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई परियोजनाओं को मंज़ूरी दी गई है।
जूट किसानों और वैज्ञानिकों से किया संवाद
उच्चस्तरीय बैठक के बाद शिवराज सिंह चौहान बैरकपुर स्थित आईसीएआर–सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर जूट एंड एलाइड फाइबर्स (ICAR-CRIJAF) पहुंचे। यहां उन्होंने जूट किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से बातचीत की।
किसानों ने जूट की रेटिंग, पानी की उपलब्धता, कीट एवं रोग प्रबंधन, उत्पादन लागत और बाज़ार से जुड़ी समस्याओं से मंत्री को अवगत कराया। वहीं वैज्ञानिकों ने उन्नत जूट किस्मों, आधुनिक रेटिंग तकनीकों, जल संरक्षण उपायों और नई प्रसंस्करण तकनीकों का प्रदर्शन किया।
किसानों की आय बढ़ाने पर रहेगा विशेष फ़ोकस
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पश्चिम बंगाल में प्राकृतिक खेती, डिजिटल कृषि मिशन, किसान क्रेडिट कार्ड और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा ताकि उन्हें खेती के लिए समय पर ऋण मिल सके।
बैठक में मालदा में आम, लीची और अन्य फलों के लिए क्लीन प्लांट परियोजना सहित कई कृषि परियोजनाओं को भी मंज़ूरी दी गई। शिवराज सिंह चौहान ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से पश्चिम बंगाल में कृषि और ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
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