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कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों के आने से किसानों और फल उत्पादकों का काम लगातार आसान होता जा रहा है। अब फलों की कटाई के बाद उनकी सफ़ाई, छंटाई और ग्रेडिंग के लिए भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल शुरू हो गया है। इसी दिशा में ICAR–सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ़ एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग, भोपाल ने एक AI आधारित ऑटोमैटिक फ्रूट ग्रेडर मशीन तैयार की है। यह मशीन संतरा, नींबू और मौसंबी जैसे खट्टे फलों को धोने, छांटने और ग्रेडिंग करने का काम बहुत तेज़ी और सटीकता के साथ करती है। आइए जानते हैं किसान ऑफ़ इंडिया पर इस तकनीक के बारे में।
SortNet तकनीक से आसान हुई छंटाई
आमतौर पर फलों की छंटाई और ग्रेडिंग का काम हाथों से किया जाता है। इसमें काफी समय लगता है और बड़ी संख्या में मजदूरों की जरूरत पड़ती है। साथ ही कई बार इंसानी गलती की वजह से अच्छे और खराब फलों की पहचान ठीक से नहीं हो पाती। लेकिन SortNet तकनीक इन समस्याओं को काफ़ी हद तक कम कर देती है। यह तकनीक फलों को तेजी से पहचानकर अलग-अलग ग्रेड में बांट देती है।
कैसे काम करती है यह मशीन?
यह ऑटोमैटिक फ्रूट ग्रेडर मशीन सबसे पहले फलों को धोती है, जिससे उन पर लगी मिट्टी और गंदगी साफ़ हो जाती है। इसके बाद कैमरा और सेंसर की मदद से हर फल की जांच की जाती है। AI तकनीक फल के आकार, रंग, दाग-धब्बों और उसकी गुणवत्ता को पहचानकर उसे अलग-अलग ग्रेड में बांट देती है। पूरी प्रक्रिया बहुत तेज़ और सटीक तरीके से पूरी हो जाती है।
एक घंटे में 1700 फलों की प्रोसेसिंग
इस मशीन की सटीकता 90 प्रतिशत से अधिक बताई जा रही है। यानी अधिकतर मामलों में यह फलों की गुणवत्ता का सही आकलन कर लेती है। इसकी क्षमता भी काफी अच्छी है। यह मशीन एक घंटे में लगभग 1,700 फलों की छंटाई और ग्रेडिंग कर सकती है, जो हाथों से करना काफी मुश्किल और समय लेने वाला काम होता है।
किसानों और कारोबारियों को होगा फ़ायदा
AI आधारित इस मशीन से मैन्युअल श्रम में करीब 83 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। यानी कम मजदूरों में ज्यादा काम किया जा सकता है। इससे पैक हाउस, फल व्यापारियों और किसानों की लागत भी कम होगी और काम की रफ्तार भी बढ़ेगी। कटाई के बाद फलों की सही हैंडलिंग और ग्रेडिंग बहुत जरूरी होती है, क्योंकि बाजार में फलों की कीमत काफी हद तक इसी पर निर्भर करती है। अगर फलों को सही तरीके से अलग-अलग ग्रेड में बांटा जाए तो किसानों को बेहतर दाम मिल सकते हैं।
फल उद्योग के लिए नई दिशा
इस तरह की तकनीक से फलों की बर्बादी भी कम हो सकती है। कम गुणवत्ता वाले फलों को जल्दी अलग कर लिया जाता है, जबकि अच्छे फलों को बाजार या निर्यात के लिए तैयार किया जाता है। इससे सप्लाई चेन भी बेहतर तरीके से काम करती है।
कुल मिलाकर, AI आधारित SortNet जैसी तकनीक पोस्ट-हार्वेस्ट यानी कटाई के बाद की प्रक्रियाओं को ज्यादा स्मार्ट और तेज बना रही है। आने वाले समय में अगर ऐसी तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ता है तो फल उद्योग में काम की गुणवत्ता, गति और मुनाफे़—तीनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
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