ZT Lalrithangi और Priyanka Mahesh Shelke ग्रामीण महिलाओं और किसानों के लिए बनीं मिसाल

ZT Lalrithangi और Priyanka Mahesh Shelke को इटली में FAO के ‘100 Women Heroes in Agrifood Systems and Rural Development’ सम्मान से नवाजा गया।

भारत की दो महिलाओं ZT Lalrithangi और Priyanka Mahesh Shelke को संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) की पहल ‘100 Women Heroes in Agrifood Systems and Rural Development’ के तहत सम्मानित किया गया है। ये सम्मान टिकाऊ खेती, महिला उद्यमिता और ग्रामीण विकास में उनके योगदान को पहचान देता है। दोनों महिलाओं ने अलग-अलग तरीकों से खेती और ग्रामीण समुदायों के लिए नए अवसर तैयार किए हैं।

ZT Lalrithangi ने 2 एकड़ में बनाया कमाई का मॉडल

मिजोरम के Lawngtlai जिले के Sangau गांव की ZT Lalrithangi बागवानी के क्षेत्र में काम करती हैं। उन्होंने अपने दो एकड़ के खेत में स्ट्रॉबेरी की खेती के साथ मछली पालन और पोल्ट्री को भी जोड़ा है। खेती के इस एकीकृत मॉडल से संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल होता है और कमाई के अलग-अलग रास्ते बनते हैं।

ZT Lalrithangi के इस उद्यम से हर साल करीब 6 से 10 लाख रुपये की आय होती है। अब वह स्ट्रॉबेरी से जूस जैसे उत्पाद तैयार करके उनकी बिक्री के नए अवसर तलाश रही हैं। इससे उपज का इस्तेमाल दूसरे उत्पाद बनाने में भी किया जा सकता है।

खेती के साथ ZT Lalrithangi दूसरे किसानों को भी मार्गदर्शन देती हैं। वह स्थानीय किसान समूहों से जुड़ी हैं और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार कर रही हैं। उन्हें 2025-26 के लिए Lawngtlai जिले की सर्वश्रेष्ठ बागवानी किसान के रूप में भी सम्मानित किया गया था।

ZT Lalrithangi और Priyanka Mahesh Shelke ग्रामीण महिलाओं और किसानों के लिए बनीं मिसाल

Priyanka Mahesh Shelke किसानों को जोड़कर बढ़ा रही हैं अवसर

महाराष्ट्र की Priyanka Mahesh Shelke ग्रामीण विकास और सामाजिक उद्यमिता के क्षेत्र में काम करती हैं। उन्हें किसानों के सशक्तिकरण, महिला उद्यमिता और टिकाऊ खेती का 12 साल से अधिक का अनुभव है।

Priyanka Mahesh Shelke ने Krushijeevan Agro Farmer Producer Company और Junnar Women Farmer Producer Company की स्थापना की। इन संस्थाओं के ज़रिए वह किसानों को संगठित करने, कृषि उत्पादों की बाजार तक पहुंच बेहतर बनाने और खेती से जुड़े कामों को मज़बूत करने में योगदान दे रही हैं।

उनकी पहलों से हजारों किसानों को सहयोग मिला है और 5,000 से अधिक महिलाओं को सशक्त बनाने में मदद मिली है। Priyanka Mahesh Shelke टिकाऊ खेती, कृषि मशीनों के इस्तेमाल, उपज से नए उत्पाद बनाने और किसानों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ने वाले बाजार मॉडल को भी बढ़ावा दे रही हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य ग्रामीण लोगों की आजीविका बेहतर करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

ZT Lalrithangi और Priyanka Mahesh Shelke ग्रामीण महिलाओं और किसानों के लिए बनीं मिसाल

FAO के सम्मान के लिए कैसे हुआ चयन?

FAO की इस पहल में दुनिया के अलग-अलग देशों से महिलाओं के नामांकन मांगे गए थे। चयन प्रक्रिया में कुल 131 सदस्य देशों से 609 नामांकन मिले। पहले नामांकनों की पात्रता की जांच हुई। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने योग्य उम्मीदवारों का आकलन किया और कई चरणों की चर्चा के बाद अंतिम सूची को मंजूरी दी।

ZT Lalrithangi और Priyanka Mahesh Shelke का चयन दिखाता है कि महिलाएं खेती में नई तकनीकों और उद्यमों से लेकर किसानों को बाजार से जोड़ने तक अहम भूमिका निभा रही हैं। उनके काम से ये भी सामने आता है कि टिकाऊ खेती, महिलाओं की भागीदारी और सामूहिक प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाने में मदद कर सकते हैं।

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सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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