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Indoor Plants Business: भारत एक कृषि प्रधान देश है। आजकल कृषि के क्षेत्र में लगातार परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। शहरीकरण के बढ़ते दायरे के साथ अब इंडोर प्लांट्स का चलन भी तेज़ी से बढ़ रहा है। इसी कड़ी में किसान ऑफ़ इंडिया इस बार ऐसे शख़्सियत से मिलवाने वाले हैं, जो इंडोर प्लांट्स की केयर के साथ लोगों को जागरूक करने का काम कर रही हैं । फ़रियल ‘प्लांटरी स्टूडियो’ नाम का स्टूडियो चलाती हैं, जहां कई तरह के इंडोर प्लांट्स मिलते हैं। इसके साथ ही वह एक कैफे भी चलाती हैं। वह इंडोर प्लांट्स का बिज़नेस करने के साथ लोगों को उनकी सही देखभाल के प्रति जागरूक भी करती हैं। बता दें कि फ़रियल एक इंटीरियर डिज़ाइनर भी हैं। किसान साथियों, आइए जानते हैं इंडोर प्लांट्स की इस प्रेरणादायक यात्रा के बारे में।
इंटीरियर डिज़ाइन से Indoor Plants Business तक
फ़रियल सबरीना बताती हैं कि पौधों के इस सफ़र की शुरुआत सितंबर 2021 से हुई। उन्हें शुरू से ही घर में इंडोर प्लांट्स रखना पसंद था। इंटीरियर डिज़ाइनिंग के दौरान भी वह अपने प्रोजेक्ट्स में पौधों का इस्तेमाल करती थीं। उन्होंने देखा कि लोगों को पौधे रखना तो अच्छा लगता है, लेकिन उनकी सही जानकारी के अभाव में पौधे जल्दी ख़राब हो जाते हैं। कोविड के दौरान उन्हें यह विचार आया कि एक ऐसा स्पेस बनाया जाए, जहां लोग नेचर के माहौल में समय बिता सकें और साथ ही पौधों की केयर करना भी सीख सकें।
500 पौधों से की शुरुआत
फ़रियल सबरीना ने साउथ दिल्ली से इस बिज़नेस की शुरुआत करीब 500 पौधों के साथ की। पौधों के चयन में उन्होंने यह ध्यान रखा कि वे देखने में आकर्षक हों और घर की सुंदरता को बढ़ाएं। उनका उद्देश्य एक ऐसा ग्रीन स्पेस बनाना था, जहां लोग सुकून महसूस कर सकें।
क्या रही शुरुआती दौर की चुनौतियां?
कैफे और प्लांट्स—दोनों अलग-अलग तरह के बिज़नेस हैं, जिन्हें एक साथ संभालना चुनौतीपूर्ण होता है। सबसे बड़ी चुनौती कोविड के दौरान आई, जब स्टोर में करीब 1000 पौधे थे और उन्हें सुरक्षित रखना ज़रूरी था। फ़रियल के अनुसार, किसी भी बिज़नेस को शुरू करने से पहले सही जानकारी और रिसर्च बेहद ज़रूरी है।
पौधों की किन किस्मों से की शुरुआत?
फ़रियल सबरीना ने कई पौधों की किस्म के साथ शुरुआत की थी। कैलिथिया, फ़िलोडेंड्रॉन, ज़ी-ज़ी प्लांट, ड्वार्फ प्लांट और एग्लाओनेमा जैसी वैरायटी से शुरुआत की। इन पौधों में ग्रीन, रेड और पिंक जैसे आकर्षक रंग होते हैं, जो इन्हें घर के लिए उपयुक्त बनाते हैं।
तकनीक से निकाला समाधान
कोविड के दौरान स्टोर बंद होने पर उन्होंने पौधों को बचाने के लिए तकनीक का सहारा लिया। उन्होंने ऑटोमेटिक वाई-फाई कंट्रोल ग्रो लाइट्स का इस्तेमाल किया और वेंटिलेशन पर विशेष ध्यान दिया। इससे उन्होंने हज़ार पौधों को बचा लिया।
क्या-क्या हैं प्रोडक्ट्स?
मेट्रो शहरों में लोगों के पास समय की कमी को देखते हुए उन्होंने वन-स्टॉप गार्डनिंग सॉल्यूशन तैयार किया। यहा प्लांट्स के साथ-साथ पॉट्स, फ़र्टिलाइज़र, गार्डनिंग टूल्स और सजावटी सामान भी उपलब्ध है।
क्या है टेरेरियम?
टेरेरियम कांच या प्लास्टिक के कंटेनर में बनाया गया एक छोटा बगीचा होता है, जो एक आत्मनिर्भर इकोसिस्टम की तरह काम करता है। कम देखभाल में लंबे समय तक चलने वाले टेरेरियम आजकल काफ़ी लोकप्रिय हो रहे हैं। फ़रियल इसके लिए वर्कशॉप भी आयोजित करती हैं।
इंडोर प्लांट्स के बिज़नेस की कैसे करें शुरुआत?
फ़रियल के अनुसार, इस बिज़नेस के लिए पैशन और सही दिशा में काम करना ज़रूरी है। अच्छी क्वालिटी के प्रोडक्ट्स और ग्राहकों को सही जानकारी देना सफलता की कुंजी है।
बाज़ार कैसे खोजें?
इंडोर प्लांट्स का बाज़ार लगातार बढ़ रहा है। शहरीकरण के कारण इसकी मांग में तेज़ी आई है।आजकल लोग पौधों को गिफ्ट के रूप में देना पसंद करते हैं। सोशल मीडिया के ज़रिए अपने ब्रांड को प्रमोट करना इस क्षेत्र में काफ़ी असरदार साबित हो सकता है।
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।
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