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आप ये तो जानते हैं कि आपके घर की बत्ती जलाने वाली बिजली कहीं से आती है… और अब वो ‘Green’ भी हो सकती है? मध्यप्रदेश ने इस दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
मध्यप्रदेश आज के वक्त ‘Green Energy’ का नया सेंटर बनकर उभरा है। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और पम्प्ड हाइड्रो परियोजनाओं (Solar energy, wind energy, and pumped-hydro projects) के सहारे प्रदेश ने ऊर्जा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। सबसे बड़ी बात ये कि हरति ऊर्जा सिर्फ मध्यप्रदेश के लिए नहीं, बल्कि देश के 8 राज्यों और भारतीय रेलवे तक पहुंच रही है।
क्या है ‘Pumped Hydro’ और क्यों है खास?
सोचिए, जब सूरज नहीं होता और हवा नहीं चलती, तब भी बिजली चाहिए ना? यहीं काम आती है पम्प्ड हाइड्रो परियोजना। ये एक ऐसी तकनीक है जो पानी को ऊपर-नीचे करके बिजली बनाती है। बिल्कुल बैटरी की तरह, लेकिन पानी की मदद से। मध्यप्रदेश इस तकनीक पर सबसे ज्यादा फोकस कर रहा है ताकि 24 घंटे स्वच्छ ऊर्जा मिल सके।
सबसे सस्ती सौर ऊर्जा
इमेजिन, आपको बिजली मिल रही है मात्र 2.14 रुपये प्रति यूनिट में, ये संभव हुआ है आगर-शाजापुर-नीमच सौर परियोजना के जरिए। ये देश का सबसे कम Solar Tariff है और ये पूरी तरह से मध्यप्रदेश की अचीवमेंट है।
मुख्यमंत्री का बड़ा दावा
नई दिल्ली में आयोजित 7th International Renewable Energy Conference में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ‘मध्यप्रदेश का Green Energy Model अब ग्लोबल लेवल पर अट्रैक्शन का सेंटर बन रहा है। आने वाले वक्त में इसकी चर्चा पूरी दुनिया में होगी।’
दो साल,कई नीतियां,एक मिशन
पिछले दो सालों में मध्यप्रदेश सरकार ने:
1.नवीकरणीय ऊर्जा नीति (Renewable Energy Policy)
2.पम्प्ड हाइड्रो ऊर्जा भंडारण नीति (Pumped Hydro Energy Storage Policy)
3.बायोमास ऊर्जा नीति (Biomass Energy Policy)
जैसी कई महत्वपूर्ण नीतियां लागू की हैं। इसका नतीजा ये हुआ कि निजी निवेशक, तकनीकी एक्सपर्ट और इनोवेशन करने वाले सभी मध्यप्रदेश की ओर अट्रेक्टैक्ट हो रहे हैं।
फ्यूचर का विज़न
मध्यप्रदेश अब ‘Energy self-reliance’ की ओर तेजी से बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि आने वाले सालों में प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास (Clean Energy, Energy Security, and Sustainable Development) का देश का सबसे बड़ा सेंटर बनेगा।
क्यों है ये ख़बर आपके लिए ज़रूरी?
1.पर्यावरण की रक्षा :- हरित ऊर्जा से प्रदूषण कम होगा
2.सस्ती बिजली :- कम दरों पर बिजली मिलेगी
3.नए रोजगार :- नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में हजारों नौकरियां
4.देश को फायदा :- 8 राज्यों और रेलवे को सस्ती बिजली
मध्यप्रदेश का ये कदम न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। ये एक ऐसी मिसाल है जो बताती है कि अगर इरादा मजबूत हो तो सूरज और हवा भी ऊर्जा के Mega-Source बन सकते हैं।
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