बिहार में मिलेट्स प्रोसेसिंग को मिलेगा बड़ा बढ़ावा: किसानों को मिलेगी मोटी सब्सिडी, जानें पूरी डिटेल

मिलेट्स को पोषण का खजाना माना जाता है। इसके प्रोसेसिंग से लोकल स्तर पर value addition होगा, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और युवाओं को स्वरोजगार मिलेगा।

बिहार सरकार ने मोटे अनाज (Millets) की खेती और उसके प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में Millet processing unit स्थापित करने पर सरकार वित्तीय मदद देगी। इससे न केवल किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलेगा, बल्कि ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

कितनी मिलेगी सब्सिडी?

National Mission on Food Security and Nutrition के तहत मिलेट्स प्रसंस्करण इकाई (Millet processing unit) की स्थापना के लिए सामान्य वर्ग के किसानों को परियोजना लागत का 40 फीसदी या अधिकतम 4.32 लाख रुपये तक अनुदान मिलेगा। वहीं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (Scheduled Castes and Scheduled Tribes) के लाभुकों को परियोजना लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 5.40 लाख रुपये तक की मदद दी जाएगी। ध्यान रखें कि दोनों में जो राशि कम होगी, वही एक्सेप्ट की जाएगी।

कौन कर सकता है अप्लाई?

इस योजना का फायदा एफपीओ (Farmer Producer Organization), उद्यमी, व्यक्तिगत आवेदक और दूसरे Registered entities उठा सकती हैं। इकाई की क्षमता 100 से 200 किलोग्राम प्रति घंटा सेट की गई है। Processing machinery की खरीद के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी।

शर्तें और नियम

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के अनुसार, योजना का लाभ लेने के लिए एफपीओ का कम से कम दो वर्षों से रजिस्ट्रेशन और संचालित होना जरूरी है। व्यक्तिगत आवेदक की उम्र 21 साल या ज़्यादा होनी चाहिए। परियोजना लागत का न्यूनतम 15 प्रतिशत खुद का अंशदान देना होगा और बैंक लोन करना सबसे अहम होगा। भूमि खरीद, बिजली कनेक्शन, मानव संसाधन और दूसरे खर्चों पर अनुदान नहीं मिलेगा। इकाई का कम से कम तीन सालों तक संचालन और रखरखाव करना होगा। अनुदान की राशि डीबीटी के ज़रिये से सीधे लाभुक के बैंक खाते में भेजी जाएगी। मशीनरी की खरीद ओएफएमएएस पोर्टल पर Listed Vendor से ही करनी होगी।

कैसे करें आवेदन?

अप्लाई के साथ project report (डीपीआर), बैंक लोन एक्सेप्टेंस या सहमति पत्र, आधार व बैंक विवरण और संस्थागत आवेदकों के लिए registration certificate देना होगा। योजना के लिए आवेदन की शुरुआत 8 सितंबर 2026 से हो चुकी है। इच्छुक आवेदक www.farmech.bihar.gov.in पोर्टल या बिहार कृषि एप के ज़रिये से आवेदन कर सकते हैं।

क्यों है यह योजना महत्वपूर्ण?

मिलेट्स को पोषण का खजाना माना जाता है। इसके प्रोसेसिंग से लोकल स्तर पर value addition होगा, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और युवाओं को स्वरोजगार मिलेगा। बिहार सरकार की यह पहल न केवल किसानों को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि राज्य में मिलेट्स आधारित उद्यमों की नई क्रांति की शुरुआत करेगी। इच्छुक लाभुकों को समय रहते आवेदन कर अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।

 

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सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुंचाएंगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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