प्रधानमंत्री कुसुम योजना से बदली खेती की तस्वीर, जामताड़ा के किसानों को मिला नया संबल

जिले के सुदूरवर्ती मथुरा गांव के किसान वृंदावन मंडल बताते हैं कि सोलर पंप मिलने के बाद वे बारहों महीने फल, सब्जियां और अन्य फसलें उगा रहे हैं। पहले जहां मौसम और संसाधनों की सीमाएं थीं, अब वहां निरंतर खेती संभव हो पाई है।

कृषि लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री कुसुम योजना जामताड़ा जिले में किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी पर सोलर पंप उपलब्ध होने से अब किसान हर मौसम में खेती कर पा रहे हैं। इससे न केवल उत्पादन बढ़ा है, बल्कि जल संसाधनों के संरक्षण में भी मदद मिल रही है।

90 प्रतिशत सब्सिडी पर सोलर पंप का लाभ

19 फरवरी 2019 को शुरू हुई इस योजना के तहत जामताड़ा के किसानों को बड़े पैमाने पर सोलर पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे सिंचाई के लिए बिजली या डीजल पर निर्भरता कम हुई है और खेती की लागत में कमी आई है। किसान अब कम समय में अधिक क्षेत्र में खेती कर पा रहे हैं।

साल भर हो रही खेती, बढ़ी उत्पादकता

जिले के सुदूरवर्ती मथुरा गांव के किसान वृंदावन मंडल बताते हैं कि सोलर पंप मिलने के बाद वे बारहों महीने फल, सब्जियां और अन्य फसलें उगा रहे हैं। पहले जहां मौसम और संसाधनों की सीमाएं थीं, अब वहां निरंतर खेती संभव हो पाई है।

प्रधानमंत्री कुसुम योजना से बदली खेती की तस्वीर, जामताड़ा के किसानों को मिला नया संबल
Pic Credit: SHABD

सिंचाई में आसानी, आय में बढ़ोतरी

मथुरा गांव के एक दर्जन किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान पर सोलर पंपसेट मिला है। किसान विष्णु घोष के अनुसार अब सिंचाई में मेहनत कम लगती है, समय की बचत होती है और आमदनी में भी पहले के मुकाबले बढ़ोतरी हुई है।

बागवानी को मिला बढ़ावा

योजना का लाभ लेने वाले किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ आम, सागवान और अन्य पेड़ों की बागवानी भी कर रहे हैं। किसान बलराम मंडल बताते हैं कि पहले कुएं के पानी से सिंचाई में काफी दिक्कत होती थी, लेकिन अब सोलर पंप की मदद से बड़े पैमाने पर आसानी से सिंचाई हो रही है।

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टपक सिंचाई से जल संरक्षण

जिला कृषि पदाधिकारी लव कुमार के अनुसार जामताड़ा में बड़ी संख्या में किसान सोलर पंप का लाभ ले रहे हैं। साथ ही टपक सिंचाई प्रणाली अपनाकर जल संरक्षण भी कर रहे हैं। इससे कम पानी में अधिक फसल उत्पादन संभव हो रहा है।

पर्यावरण संरक्षण के साथ बढ़ रही किसानों की आय

प्रधानमंत्री कुसुम योजना के जरिए जहां बिजली और डीजल की बचत हो रही है, वहीं किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है। सौर ऊर्जा के उपयोग से प्रदूषण कम हो रहा है और किसानों को 24 घंटे निर्बाध ऊर्जा उपलब्ध हो रही है, जिससे खेती अब अधिक सुगम और लाभदायक बन गई है।

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