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27 से 29 जून 2026 तक मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित ‘त्रिपुरा ग्लोबल पाइनएप्पल फेस्टिवल 2026’ (Tripura Global Pineapple Festival 2026) ने भारतीय कृषि को एक नई पहचान दी। इस भव्य आयोजन का उद्घाटन त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजुमदार ने किया । कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान व त्रिपुरा के कृषि मंत्री रतन लाल नाथ ने इस अवसर पर किसानों की मेहनत को सलाम किया ।
महोत्सव की ख़ास बातें
इस तीन दिवसीय महोत्सव ने त्रिपुरा के GI-टैग्ड क्वीन पाइनएप्पल (Tripura’s GI-tagged Queen Pineapple) को ग्लोबल स्टेज दिया। 25 स्टॉल्स ने ताज़े अनानास, प्रोसेस्ड उत्पाद, हस्तशिल्प और पर्यटन को प्रदर्शित किया। इसके साथ ही पांच किसानों को सम्मानित किया गया, जो इस क्षेत्र के सामाजिक महत्व को भी दर्शाता है, क्योंकि 70-75 फीसदी उत्पादक आदिवासी समुदायों से हैं।
Queen Pineapple: त्रिपुरा की पहचान
त्रिपुरा हर साल 1.8 लाख मीट्रिक टन अनानास का उत्पादन करता है । 2014 में GI टैग ये किस्म अपनी 13-17.2° ब्रिक्स मिठास और सुगंध के लिए जानी जाती है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की सांस्कृतिक विरासत और कृषि शक्ति का प्रतीक बताया ।
मिशन क्वीन पाइनएप्पल: 236 करोड़ की पहल
इस महोत्सव का आधार मिशन Queen Pineapple है, जो फल के आर्थिक मूल्य को 35 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2028 तक 200 करोड़ रुपये करने का टारगेट रखता है। ये 236 करोड़ रुपये की परियोजना खेती क्षेत्र को 12,000 से 15,000 हेक्टेयर तक बढ़ाएगी।
ग्लोबल ब्रांड की ओर
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पहल को ”Act East’ Policy की सफलता बताया । त्रिपुरा के अनानास ने यूरोप, मिडिल ईस्ट और बांग्लादेश में अपनी पहचान बनाई है ।
सतत विकास की दिशा
ये महोत्सव केवल उत्पाद प्रदर्शनी नहीं था, बल्कि किसानों, FPOs, उद्यमियों और नीति निर्माताओं का मिलन स्थल था। ‘वोकल फॉर लोकल’ से ‘लोकल टू ग्लोबल’ की भावना को मज़बूत करते हुए, ये पहल भारत की कृषि को ग्लोबल पहचान देने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
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