PMMSY के तहत भादर हैचरी में तैयार हो रहे सस्ते मत्स्य बीज,किसानों को मिलेगा सीधा फ़ायदा

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) की शुरुआत वर्ष 2020 में की गई थी, जिसका उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र का समग्र विकास करना है।

किसानों की आय बढ़ाने और मत्स्य पालन को एक लाभकारी व्यवसाय बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) अहम भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में जनपद के भादर स्थित विकास निगम हैचरी में उच्च गुणवत्ता वाले मत्स्य बीज तैयार किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय और आसपास के किसानों को सीधा फ़ायदा मिलने वाला है।

वैज्ञानिक तरीके से तैयार हो रहे उच्च गुणवत्ता वाले मत्स्य बीज

भादर ब्लॉक की विकास निगम हैचरी में वैज्ञानिकों की निगरानी में मत्स्य बीज तैयार किए जा रहे हैं। ये बीज आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धति से विकसित किए जाते हैं, जिससे मछलियों की वृद्धि दर बेहतर होती है और उत्पादन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती है।खास बात यह है कि इन बीजों को किसानों को बाज़ार मूल्य से लगभग आधी कीमत पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनकी लागत कम होगी और मुनाफ़ा बढ़ेगा।

PMMSY के तहत भादर हैचरी में तैयार हो रहे सस्ते मत्स्य बीज,किसानों को मिलेगा सीधा फ़ायदा
Pic credit: SHABD

52 तालाबों में बड़े स्तर पर उत्पादन

भादर ब्लॉक के भोजपुर बड़ेला क्षेत्र में करीब 52 तालाबों में बड़े पैमाने पर मत्स्य बीज तैयार किए जा रहे हैं। यह पहल न केवल स्थानीय उत्पादन को बढ़ाएगी बल्कि क्षेत्र को मत्स्य पालन के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी स्थापित करेगी।

PMMSY के तहत भादर हैचरी में तैयार हो रहे सस्ते मत्स्य बीज,किसानों को मिलेगा सीधा फ़ायदा
Pic credit: SHABD

अगले महीने से शुरू होगा वितरण

मत्स्य अधिकारी अनिल कुमार के अनुसार, तैयार किए गए मत्स्य बीजों का वितरण अगले महीने से शुरू कर दिया जाएगा। किसानों के लिए यह पूरी तरह वैकल्पिक होगा, यानी किसी प्रकार की बाध्यता नहीं रखी गई है। सिर्फ स्थानीय ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों के किसान भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।

PMMSY के तहत भादर हैचरी में तैयार हो रहे सस्ते मत्स्य बीज,किसानों को मिलेगा सीधा फ़ायदा
Pic credit: SHABD

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना: एक नजर

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) की शुरुआत वर्ष 2020 में की गई थी, जिसका उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र का समग्र विकास करना है। इस योजना के तहत:

  • मत्स्य उत्पादन बढ़ाने और उत्पादकता सुधारने पर जोर
  • आधुनिक हैचरी, कोल्ड स्टोरेज और इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास
  • मछुआरों और किसानों को आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण
  • रोजगार सृजन और निर्यात बढ़ाने की दिशा में काम

सरकार का लक्ष्य इस योजना के माध्यम से देश में ब्लू रेवोल्यूशन को मजबूत करना और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि करना है।

किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में अहम कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि वैज्ञानिक तरीके से तैयार किए गए मत्स्य बीज और उनकी सस्ती उपलब्धता किसानों की लागत को कम करेगी और उत्पादन बढ़ाएगी। इससे उनकी आय में सीधी बढ़ोतरी होगी। यह पहल न सिर्फ मत्स्य पालन को बढ़ावा देगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। भादर की हैचरी में तैयार हो रहे उच्च गुणवत्ता वाले मत्स्य बीज किसानों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आए हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो सकती है।

इसे भी पढ़िए: Is The Milk Real Or Fake?: सुबह की चाय से लेकर बच्चों के गिलास तक दूध की शुद्धता पहचानने के 3 आसान घरेलू टेस्ट

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top