जांजगीर-चाम्पा में उन्नत तकनीक से बढ़ा peanut production, किसानों की आय में इज़ाफ़ा

कृषि विभाग की केन्द्र प्रवर्तित नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल-ऑयल पाम (NMEO-OP) योजना के तहत उन्नत बीज और वैज्ञानिक विधियों को अपनाकर किसानों ने peanut production में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है।

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चाम्पा ज़िले में अब खेती पारंपरिक तरीक़ों से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीकों की ओर कदम बढ़ा रही है। कृषि विभाग की केन्द्र प्रवर्तित नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल-ऑयल पाम (NMEO-OP) योजना के तहत उन्नत बीज और वैज्ञानिक विधियों को अपनाकर किसानों ने peanut production में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। खासतौर पर महिला किसानों की भागीदारी इस बदलाव की सबसे बड़ी ताक़त बनकर उभरी है।

योजना बनी किसानों के लिए लाभकारी

जांजगीर-चाम्पा ज़िले के बम्हनीडीह विकासखंड के ग्राम परसा पाली में महिला किसान श्रीमती सविता पटेल, लीला बाई पटेल और कृषक श्याम सुंदर ने ग्रीष्म मौसम में मूंगफली की खेती कर महज़ छह महीने में लगभग 60 हज़ार रुपये की आय अर्जित की है। योजना के तहत उन्हें उन्नत बीज और वैज्ञानिक मार्गदर्शन मिला, जिससे उत्पादन में काफ़ी बढ़ोतरी हुई।

जांजगीर-चाम्पा में उन्नत तकनीक से बढ़ा peanut production, किसानों की आय में इज़ाफ़ा
Pic Credit: SHABD

महिला किसान बनीं बदलाव की मिसाल

श्रीमती सविता पटेल और लीला बाई पटेल शिक्षित होने के साथ-साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने में अग्रणी हैं। करीब 70 डिसमिल भूमि में मूंगफली की खेती कर उन्होंने यह साबित किया है कि सही तकनीक और जानकारी से छोटी जोत में भी बेहतर मुनाफ़ा कमाया जा सकता है।

जांजगीर-चाम्पा में उन्नत तकनीक से बढ़ा peanut production, किसानों की आय में इज़ाफ़ा
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कृषि विज्ञान केंद्र से मिला तकनीकी सहयोग

कृषि विज्ञान केंद्र, जांजगीर द्वारा किसानों को निःशुल्क तकनीकी मार्गदर्शन दिया गया। इसमें बीजोपचार, उर्वरक प्रबंधन, रोग नियंत्रण, दवा छिड़काव और खेत की तैयारी जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षण शामिल रहा। तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को फसल की संपूर्ण शस्य क्रियाओं और वैज्ञानिक तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।

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रेतीली मिट्टी में मूंगफली से दोहरी आमदनी

कृषि विशेषज्ञ डॉ. के. डी. महंत के अनुसार, पामगढ़, नवागढ़ और बम्हनीडीह जैसे नदी किनारे बसे क्षेत्रों की रेतीली मिट्टी मूंगफली खेती के लिए उपयुक्त है। इन क्षेत्रों में किसान मूंगफली की खेती कर न केवल अच्छी आमदनी कमा रहे हैं, बल्कि मिट्टी की उर्वरता में भी सुधार हो रहा है।

वैज्ञानिक पद्धतियों से बढ़ी पैदावार

कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों को कतार बोनी, जैविक आदानों का उपयोग, गुणवत्तायुक्त बीज चयन और समुचित फसल प्रबंधन की जानकारी दी जा रही है। इन वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने से मूंगफली उत्पादन में पहले की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

किसानों की अपील

कृषक श्याम सुंदर का कहना है कि मूंगफली की खेती बेहद लाभकारी है। उन्होंने अन्य किसानों से भी अपील की है कि वे वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाएं। जांजगीर-चाम्पा में मूंगफली की यह सफ़लता कहानी दिखाती है कि सरकारी योजनाओं, वैज्ञानिक मार्गदर्शन और किसानों की मेहनत का समन्वय खेती को लाभकारी बना सकता है। खासतौर पर महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने इस परिवर्तन को नई दिशा दी है।

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सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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