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अगर आपकी गाय, भैंस या बकरी बीमार हो जाए, तो घर का खर्च कैसे चलेगा? यही सोचकर हिमाचल प्रदेश सरकार (Government of Himachal Pradesh) ने साल 2026 के लिए Foot and Mouth Disease (FMD) Vaccination अभियान की शुरुआत कर दी है। ये अभियान पशुपालन एवं डेयरी विभाग (Department of Animal Husbandry and Dairying) चला रहा है, और टारगेट है, प्रदेश के हर खुर वाले पशु को इस जानलेवा बीमारी से बचाना।
क्या है FMD बीमारी? जानिए आसान भाषा में
FMD एक वायरल बीमारी है, जो हवा, चारे, पानी और यहां तक कि किसान के कपड़ों से भी फैल सकती है। ये बीमारी गाय, भैंस, बकरी, भेड़ और सूअर को चपेट में लेती है। इसके लक्षण हैं:
- मुंह, पैरों के पंजों और थनों पर छाले पड़ना
- ज़बरदस्त बुखार और लार गिरना
- पशु खाना-पीना छोड़ देता है
- दूध का उत्पादन 50-80 फीसदी तक गिर सकता है
सबसे बड़ी बात-ये बीमारी इंसानों को तो सीधे नुकसान नहीं पहुंचाती, लेकिन किसान की जेब पर सीधा वार करती है। इलाज न होने पर पशु की मौत भी हो सकती है।
FMD Vaccination Drive 2026 in Himachal Pradesh
— Dept of Animal Husbandry & Dairying, Min of FAH&D (@Dept_of_AHD) April 21, 2026
Advancing healthier livestock for a resilient and prosperous future.
The Department of Animal Husbandry & Dairying, in collaboration with the Government of Himachal Pradesh, has commenced the 2026 Foot and Mouth Disease (FMD)… pic.twitter.com/F3H7klNHt2
क्यों है ये अभियान इतना ज़रूरी?
हिमाचल प्रदेश में लाखों परिवार पशुपालन पर निर्भर हैं। पहाड़ों में खेती के साथ-साथ गाय-भैंस ही परिवार की आमदनी का मुख्य ज़रिया होती हैं। FMD आने पर:
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दूध बिकना बंद
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इलाज पर हजारों रुपये खर्च
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पशु कमजोर, बांझपन तक की नौबत
अब सरकार ने मुफ्त टीकाकरण शुरू कर दिया है। प्रशिक्षित पशु चिकित्सक और टीमें गांव-गांव जा रही हैं। शिविर लगाए जा रहे हैं, ताकि एक भी पशु बच न पाए।
कैसे होगा फायदा?
पशु विज्ञान के शोध बताते हैं कि FMD का टीका:
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रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है,पशु 1-2 साल तक सुरक्षित रहता है।
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दूध उत्पादन बढ़ता है, बीमारी न लगने से दूध में 20-30 फीसदी की बढ़ोतरी होती है।
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बछड़े और बच्चे स्वस्थ होते हैं,जिससे आगे चलकर अच्छे दाम मिलते हैं।
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किसान की आय स्थिर रहती है, बीच में कोई बड़ा नुकसान नहीं होता।
एक स्टडी के मुताबिक, FMD से बचे हुए पशुओं से किसान सालाना 15,000 से 25,000 रुपये अतिरिक्त कमा सकता है। यह छोटी रकम नहीं है।
किसान क्या करें? आसान टिप्स
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जैसे ही सरकारी टीम गांव में आए, तुरंत टीका लगवाएं।
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टीकाकरण के बाद 21 दिन तक पशु को न बेचें, न ही मेले-ठेले ले जाएं।
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अगर पशु के मुंह या पैरों में छाले दिखें, तो तुरंत पशु चिकित्सक को बुलाएं।
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खुद भी जागरूकता फैलाएं,पड़ोसी किसानों को भी बताएं।
हिमाचल का ये FMD वैक्सीनेशन ड्राइव 2026 सिर्फ एक स्वास्थ्य अभियान नहीं है, बल्कि गरीबी हटाओ और आमदनी बढ़ाओ की मुहिम है। पशु स्वस्थ रहेंगे, तो दूध अधिक मिलेगा, ब्याह अच्छे होंगे, और किसान परिवार खुशहाल रहेगा।
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