Table of Contents
10 अगस्त 2026 का दिन कृषि शिक्षा के इतिहास में एक ऐतिहासिक पल रहा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Union Agriculture Minister Shivraj Singh Chouhan) ने पूसा परिसर में एक भव्य समारोह में आईसीएआर की स्कॉलरशिप (ICAR Scholarship) और फेलोशिप की सीधी DBT System की शुरुआत की। इस नये सिस्टम से 6,000 से ज़्यादा स्टूडेंट्स के बैंक खातों में 21.35 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई है।
क्यों है यह कदम अहम?
अब तक स्कॉलरशिप की राशि पाने के लिए छात्रों को कई दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, कई महीनों का लंबा इंतजार करना पड़ता था। इससे उनकी पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ता था। लेकिन अब National Scholarship Portal (NSP) के ज़रिये से यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में जाएगी। ये व्यवस्था पारदर्शी, बेहतर होगी।
क्या है इस सिस्टम की ख़ासियत?
आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने बताया कि यह प्रणाली व्यवस्थित और जवाब-देह होगी। अब किसी बिचौलिए की इसमें ज़रूरत नहीं, न कोई रुकावट , न कोई देरी। कृषि मंत्री ने कहा कि वक्त पर आर्थिक मदद मिलने से छात्र बिना किसी फिक्र के अपनी पढ़ाई और रीसर्च पर ध्यान दे सकेंगे।
किसको मिलेगा फायदा?
इस पहली किश्त से स्नातक, परास्नातक और पीएचडी स्तर (Undergraduate, postgraduate, and PhD levels) के करीब 6,000 छात्रों को फायदा होगा। जिन्होंने शैक्षणिक सत्र 2025-26 में आईसीएआर के ज़रिये से एडमिशन लिया था। भविष्य में इस व्यवस्था को सभी पात्र छात्रों तक आगे बढ़ाया जाएगा।
क्या है इसकी अहमियत?
यह सिर्फ़ पैसे भेजने की बात नहीं है, बल्कि ये एक क्रांति है कृषि शिक्षा में। जब एक किसान का बेटा या बेटी बिना आर्थिक तंगी के एग्रीकल्चर में हायर एजुकेशन हासिल कर सकेगा, तो वो नई तकनीकों पर रीसर्च करेगा, फसलों की बेहतर किस्में विकसित करेगा। ये देश की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अतिरिक्त सचिव संदीप सरकार ने बताया कि डीबीटी से न सिर्फ पैसा वक्त पर पहुंचेगा, बल्कि इससे पूरे प्रोसेस में ईमानदारी और निष्पक्षता भी आएगी। यह सरकार की नीयत साफ करता है कि वो देश के युवा वैज्ञानिकों को हर संभव सहारा देना चाहती है।
डीबीटी व्यवस्था कृषि शिक्षा को मज़बूत करेगी
कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार इनोवेशन, क्वालिटी और एक्सिलेंस को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। ये डीबीटी सिस्टम उसी मुहिम की एक कड़ी है, जो कृषि शिक्षा को मज़बूत और कारगर बनाएगी।
आज का ये दिन कृषि क्षेत्र के हर छात्र के लिए एक नई सुबह लेकर आया है, जहां उनके सपनों को उड़ान भरने के लिए अब कोई रोड़ा नहीं होगा।
ये भी पढ़ें: बिहार में मछली पालन की नई क्रांति: सीतामढ़ी में खुला राज्य का पहला Fish Brood Bank
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

