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राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन-रबी अभियान 2026 (National Agriculture Conference – Rabi Campaign 2026) के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण सत्र आयोजित हुआ, जिसमें कई राज्यों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर कृषि मंत्री ने साफ संदेश दिया कि देश की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आजीविका को मज़बूत करने के लिए केंद्र और राज्यों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर ‘टीम एग्रीकल्चर’ की भावना से काम करना होगा।
सम्मेलन में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के तहत 10 राज्यों को 1200 करोड़ रुपये से ज़्यादा के वित्तीय स्वीकृति पत्र सौंपे गए। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार केवल नीति बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यों को समय पर संसाधन उपलब्ध करा रही है ताकि योजनाओं का ज़मीन पर तेजी से उतारा और उस पर काम किया जा सके।
कृषि विकास दर 4.5 फीसदी पर पहुंची
कृषि मंत्री ने बताया कि 2015 से कृषि विकास दर 3 फीसदी से बढ़कर 4.5 फीसदी हो गई है। खाद्यान्न उत्पादन में औसत सालाना इज़ाफा पहले के लगभग 40 लाख टन से दोगुनी होकर 84 लाख टन हो गया है। 2023-24 से 2025-26 के बीच रबी खाद्यान्न उत्पादन में 205 लाख टन की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सहकारी संघवाद को मजबूत करने के लिए मासिक समीक्षा
शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि केंद्र में साप्ताहिक समीक्षा की तर्ज़ पर अब राज्यों के साथ हर महीने वर्चुअल समीक्षा बैठकें होंगी। राज्य स्तर पर कृषि मंत्री, कृषि सचिव, कृषि विश्वविद्यालय, ICAR संस्थान, KVK, ATMA, FPO, प्रगतिशील किसान, प्रोसेसर, निर्यातक और केंद्र के नोडल अधिकारी मिलकर मज़बूत राज्य कृषि टीम बनाएंगे। ज़िला स्तर पर कलेक्टर, DDA, ATMA, KVK, ICAR वैज्ञानिक, बैंकर और किसान मासिक बैठक करेंगे।
खरीफ और रबी के लिए सालाना कैलेंडर
खरीफ अभियान 2026 के लिए जिला स्तरीय बैठक 10 मई और राज्य स्तरीय बैठक 17 मई को होगी। रबी अभियान के लिए जिला स्तरीय बैठक 10 सितंबर और राज्य स्तरीय बैठक 17 सितंबर को होगी। इसके अलावा एक विशेष दिवस पर पूरे देश में कृषि मंत्रियों, अधिकारियों और वैज्ञानिकों की एक साथ बैठक होगी।
‘खेत बचाओ अभियान’ 22 अक्टूबर से 30 नवंबर
मिट्टी की सेहत और पर्यावरण की रक्षा के लिए कृषि मंत्री ने 22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक देशव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाने का आह्वान किया। मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के धान फसल क्षेत्रों में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
रबी की तैयारी: नमी, पानी और फसल सुरक्षा
कृषि मंत्री ने कहा कि फसल और उन्नत बीजों की सिफारिश मिट्टी की नमी और पानी की उपलब्धता के आधार पर होनी चाहिए। उन्होंने राज्यों को रोग-कीट से फसल सुरक्षा, सभी पात्र किसानों को KCC, पारदर्शी CCE और योजनाओं की समीक्षा के निर्देश दिए।
नकली इनपुट पर सख्त कार्रवाई
बीज और उर्वरक की बेहतर उपलब्धता पर कृषि मंत्री ने नकली उर्वरक, मिलावटी बीज और घटिया कीटनाशकों के खिलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने जबरन टैगिंग को पूरी तरह ख़त्म करने को कहा। साथ ही प्राकृतिक खेती, इंटीग्रेटेड कृषि प्रणाली और फसल विविधीकरण को मिशन मोड में अपनाने की अपील की।
इस सम्मेलन में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर और भागीरथ चौधरी, कृषि सचिव अतीश चंद्र, ICAR महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट, केंद्र और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और कृषि संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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