e-NAM: अब तक 1.80 करोड़ से ज़्यादा किसान रजिस्टर्ड हुए,6 गुना बढ़ा Agribusiness

अब तक 1.80 करोड़ से अधिक किसान e-NAM प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर्ड हो चुके हैं। साथ ही 2.72 लाख व्यापारी और 4,724 किसान उत्पादक संगठन (FPO) भी जुड़ चुके हैं।

इमेजिन, एक किसान अपने खेत की उपज को बिना बिचौलियों के, बिना मंडी के चक्कर लगाए, सीधे देश के किसी भी कोने के व्यापारी को बेच सकता है और पैसे सीधे अपने बैंक खाते में पा सकता है। ये सपना अब हकीकत बन चुका है। सरकार की महत्वाकांक्षी ई-नाम (e-NAM) स्कीम ने देश के किसानों को डिजिटल दुनिया से जोड़कर एक नया रास्ता दिया है।

क्या है e-NAM और कैसे करता है काम?

ई-नाम यानी इलेक्ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट (e-NAM, or Electronic National Agriculture Market)। ये एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जो देश भर की 1,656 मंडियों को एक डिजिटल रूफ के नीचे लाता है। यहां किसान अपनी उपज की ऑनलाइन बोली लगवा सकते हैं, जिससे उन्हें बेहतर दाम मिलते हैं और ट्रांसपेरिंसी बढ़ती है ।

इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी ख़ासियत ये है कि किसान अब सिर्फ अपने आसपास की मंडियों तक सीमित नहीं रहे। वे दूसरे राज्यों के व्यापारियों को भी अपनी उपज बेच सकते हैं। 2018-19 में जहां Interstate Trade सिर्फ 563 मीट्रिक टन था, वहीं 2025-26 में ये बढ़कर 2,984 मीट्रिक टन हो गया है ।

कितने किसान जुड़े हैं इससे?

अब तक 1.80 करोड़ से अधिक किसान इस प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर्ड हो चुके हैं। साथ ही 2.72 लाख व्यापारी और 4,724 किसान उत्पादक संगठन (FPO) भी जुड़ चुके हैं। 2016 में शुरू होने के बाद से अब तक ई-नाम पर 13.25 करोड़ मीट्रिक टन कृषि उपज का व्यापार हो चुका है, जिसकी कीमत 4.84 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।

किसानों को क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं?

ई-नाम किसानों को कई तरह की सुविधाएं देता है:

1.ऑनलाइन बोली: ट्रांसपेरिंसी बोली प्रोसेस से बेहतर दाम 

2.सीधा भुगतान: बिक्री राशि सीधे बैंक खाते में 

3.क्वालिटी टेस्टिंग: फसल की गुणवत्ता जांच की सुविधा 

4.मोबाइल ऐप: किसान मोबाइल पर ही कीमतों की जानकारी पा सकते हैं 

5.फ्री हेल्पलाइन: 1800-270-0224 पर किसी भी समस्या का समाधान 

किसानों की सामूहिक ताकत: FPO

सरकार ने 10,000 किसान उत्पादक संगठन (FPO) बनाने की योजना के तहत अब तक 10,000 FPO रजिस्टर्ड कर लिए हैं। ये संगठन किसानों की उपज को एक जगह जुटाकर उन्हें बड़े स्तर पर मार्केटिंग का फायदा देते हैं। 2020 से अब तक इन FPO का कुल कारोबार 20,340 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।

स्टोरेज और प्रोसेसिंग की सुविधाएं

किसानों की फसल ख़राब न हो और उन्हें सही दाम मिले, इसके लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर भंडारण और प्रोसेसिंग सुविधाएं विकसित की हैं-

AIF योजना: 18,893 गोदाम, 3,110 कोल्ड स्टोरेज और 2,105 फूड प्रोसेसिंग यूनिट बनाने के लिए सस्ता लोन 

AMI योजना: 12,353 भंडारण परियोजनाओं को मंजूरी 

MIDH: 1.76 लाख आधुनिक सुविधाएं जैसे पैक हाउस, कोल्ड स्टोरेज, रेफ्रिजरेटेड वैन 

ई-नाम की सफलता ने साबित कर दिया है कि डिजिटल क्रांति अब शहरों से निकलकर गांवों तक पहुंच चुकी है। 2024 में जहां व्यापार 3.19 लाख करोड़ रुपये का था, वहीं 2026 में यह बढ़कर 4.84 लाख करोड़ रुपये हो गया है। ये बढ़ोतरी दिखाती है कि किसान और व्यापारी दोनों इस प्लेटफॉर्म को अपना रहे हैं।

 

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल। 

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