सहकारिता मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस पर अमित शाह ने किसानों को दी बड़ी सौगात, एक साथ लॉन्च हुईं कई योजनाएं

सहकारिता मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस के मौके पर अमित शाह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को  ‘अन्नदाता से ऊर्जादाता’ बनाना है। गोबर, गन्ना और डेयरी से जुड़े उत्पादों से जैविक खाद, इथेनॉल और ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। 

सहकारिता मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस (5th Foundation Day of the Ministry of Cooperation) के मौके पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Union Home and Cooperation Minister Amit Shah) ने किसानों, पशुपालकों और सहकारी संस्थाओं के लिए एक साथ कई बड़ी योजनाओं और डिजिटल पहलों की शुरुआत की। इस भव्य आयोजन में कृषि, डेयरी, बीज उत्पादन, भंडारण, बैंकिंग और डिजिटल सेवाओं (Agriculture, dairy, seed production, storage, banking, and digital services )से जुड़ी कई परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया।  

किसानों के लिए 135 गोदामों का ट्रांसफर, 85 का लोकार्पण

अमित शाह ने इस दौरान 135 अन्न भंडारण गोदामों का ट्रांसफर किया, 85 गोदामों का लोकार्पण किया और 47 नए गोदामों का शिलान्यास किया। इससे किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने में बड़ी राहत मिलेगी और फसल ख़राब होने से होने वाले नुकसान में कमी आएगी। साथ ही ‘सहकार वन’ परियोजना का भूमि पूजन भी किया गया, जो पर्यावरण संरक्षण और वनीकरण को बढ़ावा देगी।

टिश्यू कल्चर लैब से मिलेगा बेहतर बीज

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी और महाराष्ट्र के जलगांव में BBSSL की टिश्यू कल्चर लैब (BBSSL’s Tissue Culture Lab) की आधारशिला रखी गई। इससे किसानों को हाई क्वालिटी वाले, शुद्ध और बिना मिलावट वाले बीज उपलब्ध होंगे। केला और आलू जैसी फसलों के लिए आधुनिक टिश्यू कल्चर पौधे तैयार किए जाएंगे, जिससे पैदावार बढ़ेगी और किसानों की आमदनी में सुधार होगा। 

अमित शाह ने दावा किया कि आने वाले तीन सालों में ये संस्था देश की सबसे बड़ी गैर-सरकारी बीज उत्पादक संस्था बन सकती है।

पशुपालकों को मिला तोहफा 

कार्यक्रम में गोमय सहकारी समिति मल्टी-स्टेट लिमिटेड की शुरुआत की गई, जो पशु आहार, पशु स्वास्थ्य, कृत्रिम गर्भाधान, गोबर प्रबंधन, जैविक खाद और बायोगैस जैसे क्षेत्रों में काम करेगी। वहीं, कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स ऑर्गनाइजेशन का भी उद्घाटन किया गया। 

अमित शाह ने बताया कि श्वेत क्रांति-2 के तहत अगले दो वर्षों में दूध बेचने वाले किसानों की संख्या में 35 फीसदी बढ़ोतरी का टारगेट है। इसके लिए नए गांवों में डेयरी सहकारी समितियां बनाई जाएंगी।

सहकारी बैंकिंग को मिलेगी आधुनिक तकनीक

सहकारी बैंकिंग को डिजिटल युग से जोड़ने के लिए ‘सहकार CBS’ एक इंटिग्रेटेड कोर बैंकिंग प्लेटफॉर्म और ‘सहकार सहयोगी’  AI-based conversational platform का अनावरण किया गया। देशभर के 50 हजार प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को ई-पैक्स में बदलने का काम पूरा किया गया, जिसे ग्रामीण सहकारी संस्थाओं के डिजिटल सशक्तिकरण में ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

 जैविक खेती पर जोर, DAP से सस्ता होगा ऑप्शन

अमित शाह ने किसानों से केमिकल फर्टिलाइजर्स पर निर्भरता कम करने की अपील की। सरकार ऐसा जैविक खाद तैयार कर रही है, जो DAP से सस्ता और अधिक प्रभावी होगा, साथ ही मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहेगी। जैविक उत्पादों को ग्लोबल बाजार तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सहकारी व्यवस्था विकसित की जा रही है।

किसान अब सिर्फ अन्नदाता नहीं, ऊर्जादाता भी

अमित शाह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को  ‘अन्नदाता से ऊर्जादाता’ बनाना है। गोबर, गन्ना और डेयरी से जुड़े उत्पादों से जैविक खाद, इथेनॉल और ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। 

सहकारिता मंत्रालय ने कृषि, डेयरी, भंडारण, बीज, जैविक खेती, बैंकिंग और डिजिटल सेवाओं को एक मंच पर लाकर किसानों को बाजार, तकनीक और वित्तीय सुविधाएं एक साथ उपलब्ध कराने का काम किया है।

मौजूद रहे दिग्गज नेता

इस मौके पर केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और मुरलीधर मोहोल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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