तोतापुरी आम के किसानों को बड़ी राहत, केंद्र ने गठित की विशेषज्ञ समिति

तोतापुरी आम की गिरती क़ीमतों पर केंद्र सरकार सक्रिय, शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की राहत के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की।

आंध्र प्रदेश के तोतापुरी आम उत्पादक किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य के दौरे के दौरान किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। किसानों ने बताया कि प्रसंस्करण के लिए बड़े पैमाने पर उगाए जाने वाले तोतापुरी आम की क़ीमतों में हाल के समय में भारी गिरावट आई है, जिससे उन्हें आर्थिक नुक़सान उठाना पड़ रहा है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के माध्यम से एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह समिति तोतापुरी आम की पूरी वैल्यू चेन का अध्ययन करेगी और किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के साथ-साथ इस क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास के लिए सुझाव देगी।

तोतापुरी आम की पूरी वैल्यू चेन का होगा अध्ययन

ICAR की ओर से जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, विशेषज्ञ समिति तोतापुरी आम की खेती, प्रसंस्करण, विपणन, घरेलू बाज़ार और निर्यात से जुड़े सभी पहलुओं का विस्तृत अध्ययन करेगी। इसका उद्देश्य यह समझना है कि तोतापुरी आम की क़ीमतों में गिरावट के पीछे कौन से प्रमुख कारण हैं और किसानों को इसका स्थायी समाधान कैसे मिल सकता है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इसी सोच के तहत इस समिति का गठन किया गया है।

तोतापुरी आम के किसानों को बड़ी राहत, केंद्र ने गठित की विशेषज्ञ समिति

विशेषज्ञ समिति में शामिल होंगे ये सदस्य

ICAR द्वारा गठित इस समिति की अध्यक्षता ICAR–केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (CISH), लखनऊ के निदेशक डॉ. टी. दमोदरन करेंगे।

समिति में ICAR–IIHR, बेंगलुरु के डॉ. एम. शंकरन, ICAR–CISH, लखनऊ के डॉ. एच.एस. सिंह, वाईएसआर हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी, आंध्र प्रदेश के प्रोफेसर डॉ. डी. श्रीनिवास रेड्डी तथा आंध्र प्रदेश के उद्यानिकी निदेशक या उनके प्रतिनिधि सदस्य के रूप में शामिल होंगे।

यह विशेषज्ञ टीम तोतापुरी आम क्षेत्र की वर्तमान स्थिति का वैज्ञानिक और व्यावहारिक दोनों दृष्टिकोण से अध्ययन करेगी।

10 दिनों के भीतर करेंगे क्षेत्रीय दौरा

शिवराज सिंह चौहान ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वह अगले 10 दिनों के भीतर आंध्र प्रदेश के प्रमुख तोतापुरी आम उत्पादक क्षेत्रों का दौरा करे।

इस दौरान समिति किसानों, प्रसंस्करण उद्योगों, निर्यातकों, राज्य सरकार के उद्यानिकी अधिकारियों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और अन्य संबंधित पक्षों से सीधे बातचीत करेगी। इसका उद्देश्य ज़मीनी स्तर पर मौजूद समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए व्यवहारिक सुझाव तैयार करना है।

इन प्रमुख मुद्दों पर रहेगा फ़ोकस

विशेषज्ञ समिति अपने अध्ययन के दौरान तोतापुरी आम की खेती की वर्तमान स्थिति, उत्पादन लागत और किसानों की आय का आकलन करेगी। इसके साथ ही प्रसंस्करण उद्योगों की क्षमता, मांग और आपूर्ति की स्थिति, घरेलू और निर्यात बाज़ार में क़ीमतों में आई गिरावट के कारणों का भी विश्लेषण किया जाएगा।

समिति यह भी अध्ययन करेगी कि वैल्यू चेन के विभिन्न चरणों में कौन-कौन सी चुनौतियां सामने आ रही हैं और उन्हें दूर करने के लिए क्या सुधार किए जा सकते हैं। इन सभी पहलुओं का वैज्ञानिक और आर्थिक विश्लेषण भविष्य की नीति तैयार करने में मदद करेगा।

तोतापुरी आम के किसानों को बड़ी राहत, केंद्र ने गठित की विशेषज्ञ समिति

सरकार को सौंपी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट

क्षेत्रीय दौरे और अध्ययन पूरा होने के बाद विशेषज्ञ समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट शिवराज सिंह चौहान को सौंपेगी।

इस रिपोर्ट में तोतापुरी आम के लिए मूल्य स्थिरीकरण के उपाय, वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने की रणनीति, प्रसंस्करण और निर्यात क्षमता बढ़ाने के सुझाव, FPO, प्रोसेसर और निर्यातकों के बीच बेहतर समन्वय तथा इस क्षेत्र के दीर्घकालिक और सतत विकास के लिए नीतिगत अनुशंसाएं शामिल होंगी।

रिपोर्ट के आधार पर केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर तोतापुरी आम क्षेत्र के विकास के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार कर सकेंगी।

किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि तोतापुरी आम उत्पादक किसानों की आय और आजीविका की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर ऐसे प्रभावी कदम उठाए जाएंगे, जिससे किसानों को स्थायी राहत मिल सके।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल मौजूदा मूल्य संकट का समाधान करना नहीं है, बल्कि तोतापुरी आम की पूरी वैल्यू चेन को मज़बूत बनाकर प्रसंस्करण, निर्यात, निवेश और रोज़गार के नए अवसर भी तैयार करना है। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और इस क्षेत्र का दीर्घकालिक एवं सतत विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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