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भारत इस साल वैश्विक कृषि क्षेत्र में एक बड़ी भूमिका निभाने जा रहा है। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में जून 2026 में BRICS Agriculture Summit 2026 आयोजित किया जाएगा, जहां दुनिया के कई बड़े देश कृषि, फूड सिक्योरिटी और नई तकनीकों पर चर्चा करेंगे।
इस आयोजन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं और इसे भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच माना जा रहा है।
जून में 5 दिन तक चलेगा बड़ा आयोजन
जानकारी के अनुसार BRICS Summit 2026 के तहत 9 से 11 जून 2026 तक BRICS Agriculture Working Group की बैठक आयोजित होगी। इसके बाद 12 और 13 जून को सदस्य देशों के कृषि मंत्री इंदौर में महत्वपूर्ण चर्चा करेंगे।
इस दौरान कृषि और खाद्य सुरक्षा से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर मंथन होगा। शिवराज सिंह चौहान ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि यह आयोजन भारत की कृषि ताकत और वैश्विक नेतृत्व को दुनिया के सामने रखने का अवसर होगा।
कृषि और फूड सिस्टम पर होगा फ़ोकस
BRICS Agriculture Summit 2026 में फूड सिक्योरिटी, किसानों का कल्याण, जलवायु अनुकूल खेती और डिजिटल कृषि जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों पर भी चर्चा होगी।
यह सम्मेलन इस बात पर केंद्रित रहेगा कि बदलती जलवायु और वैश्विक चुनौतियों के बीच कृषि क्षेत्र को कैसे मज़बूत बनाया जाए।
दुनिया के बड़े कृषि देश होंगे शामिल
BRICS देशों में भारत, ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। अब इस समूह का विस्तार हो चुका है और इसमें मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, यूएई और सऊदी अरब जैसे देश भी शामिल हैं। BRICS Agriculture Summit 2026 में इन सभी देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि BRICS देश दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि, 68 प्रतिशत छोटे किसानों और करीब 45 प्रतिशत अनाज उत्पादन का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसलिए यह सम्मेलन वैश्विक कृषि के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
भारत की कृषि ताकत दिखाने का मौका
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित होने वाला यह सम्मेलन दुनिया को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल एक औपचारिक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं है, बल्कि भारत की कृषि क्षमता, नवाचार और परंपराओं को वैश्विक मंच पर दिखाना भी है। BRICS Agriculture Summit 2026 भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को भी मज़बूत करेगा।
संयुक्त घोषणा पत्र पर रहेगी नज़र
सम्मेलन के अंत में एक संयुक्त घोषणा पत्र जारी किए जाने की संभावना है। बताया जा रहा है कि BRICS Agriculture Summit 2026 में व्यापार, सप्लाई चेन, रिसर्च सहयोग और ज्ञान साझा करने जैसे विषयों पर सहमति बनाई जा सकती है।
इसका असर आने वाले वर्षों में वैश्विक कृषि नीतियों और सहयोग मॉडल पर देखने को मिल सकता है।
इंदौर को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य इस आयोजन के लिए पूरी तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि BRICS Agriculture Summit 2026 के जरिए इंदौर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
राज्य सरकार की कोशिश है कि सभी व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार हों, ताकि विदेशी प्रतिनिधियों को बेहतर अनुभव मिल सके।
तकनीक और नीति का मिलेगा नया मंच
आज दुनिया में कृषि तेजी से बदल रही है। नई तकनीक, डिजिटल सिस्टम और डेटा आधारित खेती पर जोर बढ़ रहा है। BRICS Agriculture Summit 2026 इसी बदलाव को आगे बढ़ाने वाला मंच बन सकता है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि क्षेत्र में सहयोग और तकनीकी साझेदारी आने वाले समय में किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।
भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका
यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया खाद्य सुरक्षा और सप्लाई चेन जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में BRICS Agriculture Summit 2026 जैसे मंच देशों को एक साथ लाकर समाधान खोजने में मदद करेंगे।
भारत इस सम्मेलन के जरिए यह संदेश देना चाहता है कि टिकाऊ खेती, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए भविष्य की कृषि को मज़बूत बनाया जा सकता है।
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