गर्मियों का मौसम आते ही हर घर में आम की बातें शुरू हो जाती है। दशहरी, लंगड़ा, चौसा, हाफुस, लेकिन क्या आपने कभी ऐसे आम के बारे में सुना है जिसकी कीमत सुनकर आपकी सांसें थम जाएं? जी हां, हम बात कर रहे हैं मियाजाकी आम (Miyazaki Mango) की, जिसे खाने का मतलब है कि कोई धन्ना सेठ हो।
कीमत: 2 लाख रुपये प्रति किलो!
हां, आपने बिल्कुल सही सुना। दुनिया का सबसे महंगा आम मियाजाकी (Miyazaki Mango) करीब 2 लाख रुपये प्रति किलो बिकता है। यानी एक आम (लगभग 350-400 ग्राम) की कीमत 80,000 रुपये से ऊपर। इतने में तो एक अच्छी बाइक या कई दिनों का घूमना हो जाएगा।
जापान का तोहफा, जिसे कहते हैं ‘सूरज का अंडा’
मियाजाकी आम मूल रूप से जापान के मियाजाकी शहर का है। वहां इसे ‘ताइयो-नो-तामागो’ (Taiyō-no-tamago) यानी ‘सूरज का अंडा’ कहते हैं। नाम ही नहीं, रंग भी ऐसा। गहरा लाल-बैंगनी, जैसे सुबह का सूरज खिल उठा हो। दिखने में ये आम इतना अट्रैकटिव है कि बिना खाए ही मन मोह लेता है।
स्वाद? ऐसा कि ज़ुबान भूल जाए बाकी सब
ये सिर्फ सुंदर ही नहीं, बेहद टेस्टी भी है। मियाजाकी का टेक्सचर क्रीमी, गूदा जूसी और मिठास शहद से भी ज्यादा। एक बार खाने वाले कहते हैं कि ये आम नहीं, कोई डेजर्ट है। इसमें रेशे न के बराबर होते हैं, इसलिए ये मुँंह में जाते ही पिघल जाता है।
क्यों है इतना महंगा? 5 बड़ी वजह
1.दुर्लभता: पूरी दुनिया में बहुत सीमित मात्रा में पैदा होता है। जापान में भी सिर्फ मियाजाकी क्षेत्र के कुछ चुनिंदा फार्मों में।
2.सीजन छोटा: साल में केवल 2-3 हफ्ते ही मिलता है।
3.संवेदनशील देखभाल: ये आम बहुत नखरेलू है। थोड़ी अधिक धूप या पानी, और पूरी फसल बर्बाद।
4.हाथों से पकना : जापान में इसे पेड़ पर ही पूरी तरह पकने दिया जाता है, और एक-एक आम को रुई की तरह की कोमल देखभाल दी जाती है।
5.लग्जरी स्टेटस: जापान में इसे उपहार में देना सबसे बड़ी इज्जत मानी जाती है।
भारत में भी होने लगी खेती
अच्छी खबर ये है कि अब मियाजाकी की खेती भारत में भी शुरू हो गई है। ख़ासतौर पर हिमाचल प्रदेश (कांगड़ा घाटी), उत्तराखंड, गुजरात और महाराष्ट्र में। किसानों को शुरुआत में डर था कि ये जापानी आम भारत की जलवायु में पलेगा या नहीं, लेकिन अब सफल प्रयोग हो रहे हैं। हालांकि, अभी भी ये पूरी तरह से बाजार में नहीं उतरा है।
किसानों के लिए सुनहरा मौका
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जो किसान पारंपरिक खेती से हटकर कुछ नया करना चाहते हैं, उनके लिए मियाजाकी वरदान से कम नहीं। महंगे पौधे (लगभग 2-3 हजार रुपये प्रति पौधा) और देखभाल की जरूरत तो है, लेकिन एक बार पेड़ तैयार हो जाए, तो सालाना लाखों का मुनाफा कमाया जा सकता है।
क्या आप ख़रीदना चाहेंगे?
सवाल ये है कि क्या ये आम सिर्फ नाम बड़ा है या दम भी बड़ा? जापान में इसकि नीलामी में एक जोड़ी आम कभी 3 लाख येन (लगभग 1.8 लाख रुपये) तक बिका है। यानी लोग इसे खरीदने के लिए बाजी लगा देते हैं।
तो अगली बार जब आप 100 रुपये किलो का आम खरीदें, तो याद रखिए, दुनिया में कोई ऐसा भी है, जिसे देखने का मतलब है लग्जरी, छूने का मतलब है शौक, और खरीदने का मतलब है खुद को राजा समझना।
:= अगर आप किसान हैं और नई फसल अपनाना चाहते हैं, तो मियाजाकी पर रीसर्च करें, किसी कृषि विश्वविद्यालय से सलाह लें। ये आम गरीब को भी अमीर बना सकता है, बशर्ते थोड़ी हिम्मत और सही मार्गदर्शन हो।
इसे भी पढ़िए: Amazon ने भारतीय किसानों से 3 करोड़ डॉलर में ख़रीदा कार्बन क्रेडिट: क्या अब धान के खेत बनेंगे किसानों की आय का नया ज़रिया?
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

