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भारत में किसानों की आमदनी दोगुनी करने के सपने को साकार करने के लिए केंद्र सरकार ने समेकित बागवानी विकास मिशन (Integrated Development of Horticulture Mission) यानि MIDH जैसी महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। ये सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि किसानों के जीवन में बदलाव लाने वाला एक मिशन है।
किसानों को क्या मिल रहा है?
MIDH योजना के तहत किसानों को दोहरी मदद मिल रही है-
1.आर्थिक मदद: पॉलीहाउस, शेड नेट हाउस, प्लास्टिक टनल जैसी आधुनिक संरचनाओं के लिए वित्तीय मदद
2.टेक्निकल नॉलेज: नई खेती तकनीकों की ट्रेनिंग और जानकारी
सरकार ने पूरे देश में 61 Centers of Excellence स्थापित किए हैं, जो किसानों के लिए प्रशिक्षण केंद्र के रूप में काम कर रहे हैं। ये सेंटर भारत-इजरायल और भारत-नीदरलैंड सहयोग से विकसित किए गए हैं।
संरक्षित खेती: मौसम से जंग में जीत
क्या आप जानते हैं कि संरक्षित खेती किसानों को मौसम की मार से बचाती है? पॉलीहाउस और शेड नेट हाउस जैसी तकनीकों से किसान सालभर बेहतर गुणवत्ता वाली सब्जियां उगा सकते हैं। कम जगह में ज़्यादा प्रोडक्शन ले सकते हैं। इसके साथ ही मौसम की अनिश्चितताओं से बचाव कर सकते हैं। यानी किसान अब बारिश, ओलावृष्टि या अत्यधिक गर्मी की चिंता किए बिना खेती कर सकते हैं।
किसानों के लिए खुला ज्ञान के दरवाज़े
MIDH योजना के Human Resource Development Component के तहत किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीक, फसल प्रबंधन और बेहतर उत्पादन के तरीके सिखाए जाते हैं। इसके लिए:-
- राज्य बागवानी मिशन (State Horticulture Mission)
- तकनीकी सहायता समूह (Technical Support Group)
- सटीक कृषि विकास केंद्र (Precision Agriculture Development Centre)
- ICAR संस्थान (ICAR Institute)
- राज्य कृषि विश्वविद्यालय (State Agricultural University)
- कृषि विज्ञान केंद्र (Krishi Vigyan Kendra)। ये सभी मिलकर किसानों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड का योगदान
राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) भी किसानों और उद्यमियों को:-
- स्वच्छ पौध कार्यक्रम
- बागवानी क्लस्टर विकास कार्यक्रम
- व्यावसायिक स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिट्स की स्थापना के लिए मदद दे रहा है।
लोकसभा में सरकार का संदेश
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर (Union Minister of State for Agriculture and Farmers Welfare Ramnath Thakur) ने लोकसभा में साफ किया कि सरकार बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए संस्थागत ढांचे को लगातार बेहतर बना रही है।
MIDH योजना सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि किसानों के सपनों को पंख देने वाला एक मिशन है। जब किसान मॉडर्न साइंस से लैस होगा, तो उसकी उपज बढ़ेगी, उसकी आमदनी बढ़ेगी और भारत की कृषि मज़बूत होगी।
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