उत्तर प्रदेश के गांवों में अब डिजिटल क्रांति: ‘Project Ganga’ से किसान बनेंगे उद्यमी

उत्तर प्रदेश के ग्राम पंचायत स्तर की 'Project Ganga' परियोजना पर करीब 5.53 लाख रुपये की लागत आएगी। इसमें से 5 लाख रुपये का ब्याजमुक्त ऋण मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत मिलेगा।

उत्तर प्रदेश में एक नई डिजिटल क्रांति की शुरुआत (A new digital revolution begins in Uttar Pradesh) हो रही है। ‘प्रोजेक्ट गंगा’ (‘Project Ganga’) के ज़रिए अब प्रदेश के हर गांव तक High Speed Broadband Internet पहुंचेगा। ये योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

इंटरनेट अब बुनियादी ज़रूरत

स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह का कहना है कि आज के दौर में तेज इंटरनेट सड़क, बिजली और पानी की तरह जरूरी हो गया है। अगर विकास की रफ्तार तेज़ करनी है, तो इंटरनेट की गति भी तेज होनी चाहिए।

कैसे काम करेगा प्रोजेक्ट गंगा?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस प्रोजेक्ट को मॉनिटर कर रहे हैं। ये परियोजना पहले चरण में 21 जनपदों से शुरू हो रही है। आगे चलकर इसे प्रदेश की सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों और 8 हजार न्याय पंचायतों तक पहुंचाया जाएगा।

युवाओं के लिए सुनहरा मौका

इस योजना के तहत 8 से 10 हजार डिजिटल सेवा प्रदाता (DSP) तैयार किए जाएंगे। इससे सीधे और इनडायरेक्ट  1 लाख से ज्यादा रोज़गार के अवसर बनेंगे। चुनिंदा युवाओं को प्रशिक्षण देकर ‘डिजिटल उद्यमी’ बनाया जाएगा। अब गांव के युवा बिना शहर जाए अपने घर गांव में ही रोजगार पा सकेंगे।

कमाई का गणित समझिए

सीईओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अगर 350 से 390 रुपये प्रति माह इंटरनेट कनेक्शन लेने वाले लोग जुड़ते जाएंगे, तो 7-8 महीने में एक डिजिटल उद्यमी की मासिक आमदनी करीब 20 हजार रुपये तक पहुंच सकती है। जैसे-जैसे कनेक्शन बढ़ेंगे, ये आमदनी 1 लाख रुपये प्रति माह तक भी हो सकती है।

5 लाख का ब्याजमुक्त लोन

ग्राम पंचायत स्तर की इस परियोजना पर करीब 5.53 लाख रुपये की लागत आएगी। इसमें से 5 लाख रुपये का ब्याजमुक्त ऋण मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत मिलेगा। एक व्यक्ति को सिर्फ 50 हजार रुपये मार्जिन मनी के तौर पर लगाने होंगे।

महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता

सबसे अच्छी बात यह है कि इस योजना में महिलाओं को 50 प्रतिशत से अधिक पदों पर प्राथमिकता दी जाएगी। यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी पहल है।

क्यों ज़रूरी है प्रोजेक्ट गंगा?

पिछले नौ सालों में उत्तर प्रदेश में ई-ऑफिस, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT), बीसी सखी, ग्राम सचिवालय जैसी तकनीकी पहलों से शासन और जनता के बीच की दूरी कम हुई है। प्रोजेक्ट गंगा इसी डिजिटल यात्रा का अगला और सबसे अहम चरण है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा है कि इंटरनेट की गति जितनी तेज होगी, विकास की रफ्तार भी उतनी ही तेज होगी। प्रोजेक्ट गंगा उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल क्रांति का नया अध्याय लिखने जा रहा है। अब गांव के युवा डिजिटल उद्यमी बनेंगे, महिलाएं आत्मनिर्भर होंगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। 

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