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क्या आप जानते हैं कि दक्षिण एशिया (South Asia) जिसमें भारत शामिल है, हर साल इतना खाना बर्बाद हो जाता है, जिससे 30 करोड़ लोगों का पेट भर सकता है? ये चौंकाने वाला फैक्ट World Bank Group की एक नई रिपोर्ट में सामने आया है।
विश्व बैंक के अनुसार, दक्षिण एशिया में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र (Agriculture and Food Processing Sector) लाखों नए रोजगार पैदा करने की अपार संभावना रखता है। ये बात अहमदाबाद में आयोजित एक उच्चस्तरीय क्षेत्रीय संवाद में कही गई।
क्यों है ख़ास ये क्षेत्र?
दक्षिण एशिया की लगभग 43 फीसदी कार्यबल कृषि पर निर्भर है। यानी हर दूसरा व्यक्ति किसान या खेती से जुड़ा है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि 700 अरब डॉलर के इस विशाल क्षेत्र का जीडीपी में योगदान केवल 16 प्रतिशत है।
क्यों? क्योंकि उपज का बड़ा हिस्सा बिना प्रोसेसिंग ही बाजार तक पहुंचता है और रास्ते में ही सड़-गल जाता है।
क्या है समाधान?
विश्व बैंक की सलाह है कि फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज, लॉजिस्टिक्स और वैल्यू एडिशन (Food processing, cold storage, logistics, and value addition) पर निवेश करें।
मतलब साफ है, आलू से सिर्फ सब्जी न बनाएं, बल्कि उससे चिप्स, पाउडर, फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज बनाएं। फलों से जूस, जैम, कैंडी बनाएं। इससे तीन फायदे होंगे-
1.नुकसान कम होगा: अभी 30 प्रतिशत से ज़्यादा खाना बर्बाद हो जाता है
2.किसानों की आमदनी बढ़ेगी : कच्चा माल बेचने से ज्यादा दाम मिलेंगे
3.रोजगार बढ़ेंगे : प्रोसेसिंग, पैकिंग, ट्रांसपोर्टेशन में हजारों लोग लगेंगे
भारत की तस्वीर क्या है?
भारत ने पिछले एक दशक में Processed food exports 4.9 अरब डॉलर से बढ़ाकर 10 अरब डॉलर से अधिक कर लिया है। Food Processing अब भारत के विनिर्माण में 9 फीसदी और कुल निर्यात में 13 प्रतिशत का योगदान देता है।
लेकिन चुनौती ये है कि रोजगार सृजन में इसकी हिस्सेदारी अभी भी बहुत कम है। ज्यादातर किसान आज भी अपनी उपज बिना प्रोसेस किए ही बेच देते हैं।
युवाओं के लिए सुनहरा मौका
दक्षिण एशिया में हर साल लाखों युवा नौकरी के लिए बाजार में आ रहे हैं। विश्व बैंक के अनुसार, टिकाऊ और उत्पादक रोजगार सृजित करना इस क्षेत्र की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
Food Processing क्षेत्र इस समस्या का समाधान हो सकता है। कोल्ड चेन, भंडारण सुविधाओं, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और मार्केटिंग (Cold chain, storage facilities, logistics networks, and marketing) में निवेश से अपार संभावनाएं हैं।
क्या कर रहा है विश्व बैंक?
विश्व बैंक समूह दो महत्वाकांक्षी पहलों पर काम कर रहा है:
AgriConnect : 2030 तक 30 करोड़ किसानों को सीधे बाजारों से जोड़ना
SAPLING : भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका में नीतिगत सुधारों को समर्थन
तेजी से बढ़ता शहरीकरण, फैलता मध्यम वर्ग, और सुरक्षित प्रसंस्कृत भोजन की बढ़ती मांग, ये सभी संकेत बताते हैं कि दक्षिण एशिया Global food system का Leading Center बन सकता है।
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