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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय फ्रूट होराइजन 2026 में हिस्सा लेकर फल क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। इस आयोजन का उद्देश्य देश में फल उत्पादन, गुणवत्ता, प्रोसेसिंग और निर्यात को नई दिशा देना रहा।
कार्यक्रम में किसानों, निर्यातकों, वैज्ञानिकों और कृषि क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञों ने भाग लिया। शिवराज सिंह चौहान ने इस दौरान कहा कि भारत के फल उत्पादों को वैश्विक बाज़ार में मज़बूत पहचान दिलाने के लिए गुणवत्ता और निर्यात क्षमता बढ़ाना बेहद ज़रूरी है।
फल निर्यातकों के साथ हुआ सीधा संवाद
फ्रूट होराइजन 2026 के पहले दिन लखनऊ के गोमती नगर स्थित होटल रेनेसां में एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने फल निर्यातकों, किसानों और वैज्ञानिकों के साथ सीधे बातचीत की। चर्चा में आम सहित अन्य फलों के निर्यात को बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार की चुनौतियों को समझने पर ज़ोर दिया गया।
कार्यक्रम में यह भी चर्चा हुई कि भारतीय फलों की गुणवत्ता को कैसे बेहतर बनाया जाए, ताकि विदेशी बाज़ारों में उनकी मांग बढ़ सके।
फल उत्पादन और गुणवत्ता सुधार पर फ़ोकस
फ्रूट होराइजन 2026 का मुख्य उद्देश्य किसानों को बेहतर उत्पादन तकनीकों और आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ना रहा। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि फल उत्पादन में गुणवत्ता सबसे अहम भूमिका निभाती है। अगर किसान बेहतर गुणवत्ता के साथ उत्पादन करेंगे, तो उन्हें बाज़ार में अच्छे दाम मिलेंगे और निर्यात के नए अवसर भी बनेंगे।
इस आयोजन में फलों की ग्रेडिंग, पैकेजिंग और वैल्यू एडिशन जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
ICAR संस्थान में हुआ मुख्य कार्यक्रम
दो दिवसीय फ्रूट होराइजन 2026 का मुख्य कार्यक्रम लखनऊ के रहमानखेड़ा स्थित ICAR के केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान में आयोजित किया गया। यहां शिवराज सिंह चौहान ने किसानों, पौधशाला संचालकों और प्रोसेसिंग क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ संवाद किया।
उन्होंने कहा कि खेती को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि प्रोसेसिंग और मार्केटिंग से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने पर काम करना ज़रूरी है।
किसानों और एफपीओ की भूमिका पर ज़ोर
कार्यक्रम में एफपीओ, एफपीसी और एसएचजी की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा हुई। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छोटे किसानों को संगठित करके उन्हें बाज़ार से जोड़ना समय की ज़रूरत है।
फ्रूट होराइजन 2026 में इस बात पर विशेष ज़ोर दिया गया कि किसान समूहों के माध्यम से बेहतर तकनीक और बाज़ार तक पहुंच आसान बनाई जा सकती है।
ज़ीरो रिजेक्शन और निर्यात बढ़ाने की रणनीति
इस आयोजन में ज़ीरो रिजेक्शन नीति पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्यात होने वाले फलों की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगर गुणवत्ता और पैकेजिंग पर सही तरीके से काम किया जाए, तो भारत दुनिया के बड़े फल निर्यातक देशों में अपनी स्थिति और मज़बूत कर सकता है। फ्रूट होराइजन 2026 में वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने किसानों को निर्यात से जुड़ी ज़रूरी जानकारियां भी दीं।
नई तकनीक और बाज़ार अवसरों पर चर्चा
फ्रूट होराइजन 2026 को नई तकनीकों और नए बाज़ार अवसरों का मंच भी माना जा रहा है। कार्यक्रम में आधुनिक खेती, पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट और प्रोसेसिंग तकनीकों पर चर्चा हुई।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत के फल क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और अगर सही रणनीति अपनाई जाए, तो किसानों की आय में बड़ा सुधार हो सकता है।
आगे की राह
लखनऊ में आयोजित फ्रूट होराइजन 2026 ने यह संकेत दिया है कि आने वाले समय में भारत का फल क्षेत्र तेज़ी से आगे बढ़ सकता है। शिवराज सिंह चौहान ने इस मंच के जरिए किसानों, निर्यातकों और वैज्ञानिकों को एक साथ लाकर यह संदेश दिया कि आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता और बेहतर बाज़ार रणनीति के जरिए फल क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
यह आयोजन किसानों के लिए नए अवसर खोलने और भारतीय फलों को वैश्विक बाज़ार में मज़बूत पहचान दिलाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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