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कृषि और खाद्य प्रणालियों (Agriculture and food systems) की असली नायिकाओं महिलाओं को समर्पित एक ऐतिहासिक वैश्विक सम्मेलन (Historic global conference) भारत में होने जा रहा है। 12 से 14 मार्च 2026 तक, दिल्ली के पूसा स्थित आईसीएआर परिसर का भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम हॉल दुनिया भर की कृषि-विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं और, सबसे महत्वपूर्ण, महिला किसानों और उद्यमियों (Agricultural experts, scientists, policymakers, and, most importantly, women farmers and entrepreneurs) के ज्ञान, अनुभव और संकल्प से गूंज उठेगा। Global Conference on Women in Agri-Food Systems (GCWAS-2026)” का उद्देश्य साफ और ऐतिहासिक है। कृषि-खाद्य प्रणालियों में महिलाओं की निर्णायक भूमिका (The crucial role of women in agri-food systems.) को वो मान्यता और मंच दिलाना, जिसकी वे सदियों से हकदार रही हैं। थीम Driving Progress, Attaining New Heights सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि एक रोडमैप है, जो महिलाओं के नेतृत्व से कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का Resolution लेता है।
वो शक्ति, जिसे अक्सर अनदेखा किया जाता है
आंकड़े चौंकाने वाले हैं, पर फैक्ट है। FAO के अनुसार, विकासशील देशों में कृषि श्रम का 43 फीसदी हिस्सा महिलाएं हैं। भारत में, खेती-किसानी से जुड़े 75 प्रतिशत फुल टाइम वर्कफोर्स में महिलाएं हैं। वे बीज बोती हैं, फसल काटती हैं, पशु पालती हैं, दूध निकालती हैं, बीजों का संरक्षण करती हैं और फूड प्रोसेसिंग की धुरी हैं।
1.संसाधनों पर अधिकार सीमित: दुनिया भर में 10 फीसदी से भी कम ज़मीन के मालिकाना हक पर महिलाओं का नाम है।
2.लोन और ट्रेनिंग तक पहुंच कम: पूंजी और आधुनिक तकनीकी ज्ञान तक पहुंच में लैंगिक अंतर बहुत बड़ा है।
3.फैसलों से दूरी: खेत से लेकर policy making की मेज तक, महिलाओं की आवाज़ अक्सर गायब रहती है।
GCWAS-2026: केवल चर्चा नहीं, समाधान का मंच
ये सम्मेलन सिर्फ समस्याएं गिनाने के लिए नहीं, बल्कि ठोस समाधान तलाशने के लिए है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), TAAS, CGIAR और PPV&FRA जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के नेतृत्व में ये आयोजन एक Global Action Plan तैयार करने का प्रयास है।
सम्मेलन के प्रमुख फोकस क्षेत्र होंगे-
1.Policy And Empowerment : कैसे भूमि अधिकार, ऋण नीतियों और सरकारी योजनाओं को महिला-केंद्रित बनाया जाए?
2.Technology And Innovation: ड्रोन, AI, डिजिटल मार्केटिंग जैसी तकनीकों तक महिलाओं की पहुंच कैसे सुनिश्चित हो? महिला-नेतृत्व वाले कृषि स्टार्ट-अप को कैसे बढ़ावा मिले?
3.Climate Resilience: जलवायु परिवर्तन का सबसे ज्यादा असर महिला किसानों पर पड़ता है। उन्हें इससे निपटने के लिए कैसे तैयार किया जाए?
4.Markets And Entrepreneurship: महिला किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और उन्हें सीधे बाजार से जोड़ने के रास्ते।
5.Networking And Mentorship: दुनिया भर की सफल महिला कृषि वैज्ञानिकों, उद्यमियों और नीति-निर्माताओं का एक वैश्विक नेटवर्क बनाना।
रणनीतिक रोडमैप
GCWAS-2026 से केवल चर्चाओं का दस्तावेज़ ही नहीं निकलेगा, बल्कि एक Strategic roadmap तैयार होगा। ये रोडमैप सरकारों, संस्थानों और उद्योगों के लिए एक गाइड के रूप में काम करेगा, ताकि अगले दशक में कृषि क्षेत्र में लैंगिक समानता और समावेश को सुनिश्चित किया जा सके।
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

