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भारत सरकार (Government of India) ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र के संपूर्ण विकास के लिए एक शक्तिशाली एकीकृत रणनीति (Powerful integrated strategy) बनाई है। चूंकि कृषि राज्यों का विषय है, इसलिए केंद्र सरकार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को नीतिगत सहायता, बजटीय आवंटन और योजनाओं के ज़रीये (Through policy support, budgetary allocations, and schemes) से मजबूती से साथ दे रही है। सबूत? कृषि मंत्रालय का बजट 2013-14 (Ministry of Agriculture Budget 2013-14) के 21,933 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में 1,27,290 करोड़ रुपये हो गया है। ये लगभग 6 गुना की बढ़ोतरी है।
सरकार का फोकस पूरा ढांचा खड़ा करने पर
1.उत्पादन बढ़ाना (Increase production): अच्छे बीज, आधुनिक तकनीक और सिंचाई सुविधाओं (जैसे ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’) पर जोर।
2.उत्पादन लागत घटाना (Reduce production costs): सब्सिडी वाले कर्ज (MISS), किसान पेंशन (PM-KMY) और यंत्रीकरण (SMAM) से राहत।
3.लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना (Ensuring profitable prices): 22 फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), जिसकी गणना लागत से कम से कम 50% अधिक रखने के सिद्धांत से की जाती है। PM-AASHA, PMFBY जैसी योजनाएं भी सहारा देती हैं।
4.कृषि विविधीकरण (Agricultural diversification): केवल अनाज नहीं, बल्कि बागवानी (MIDH), मधुमक्खी पालन (NBHM), जैविक खेती (PKVY, NMNF), आदिवासी इलाकों में बांस (National Bamboo Mission) और तिलहन (NMEO) को बढ़ावा।
5.फसल वैल्यू एडिशन (Crop value addition): किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम दिलाने के लिए FPOs के गठन, कृषि अवसंरचना कोष (AIF), और स्टार्टअप्स (AgriSURE) को प्रोत्साहन।
6.जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूलन (Adaptation to climate change): प्राकृतिक खेती, वर्षा आधारित क्षेत्र विकास (RAD) और Soil Health Card जैसे उपाय।
योजनाओं का ‘Mega Arsenal’
सरकार ने इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए दर्जनों योजनाएं चला रखी हैं। इनमें प्रमुख हैं:
- PM-KISAN: हर साल 6,000 रुपये की सीधी आमदनी की मदद
- ड्रोन तकनीक: ‘नमो ड्रोन दीदी’ जैसे अभियान से महिला स्वयं सहायता समूहों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा रहा है।
- डिजिटल कृषि मिशन: किसानी को डिजिटल युग से जोड़ना।
क्या है MSP का गणित?
MSP तय करने वाली संस्था CACP कई कारकों को ध्यान में रखती है: उत्पादन लागत, मांग-आपूर्ति, घरेलू-वैश्विक दाम, फसलों के बीच कीमत संतुलन, और भूमि-जल जैसे संसाधनों का तर्कसंगत उपयोग। 2018-19 से MSP की गारंटी है कि यह पूरी लागत का कम से कम डेढ़ गुना होगा, यानी किसान को 50% का न्यूनतम लाभ।
कृषि पर्यटन: एक नया आयाम
हालांकि कृषि मंत्रालय के पास कृषि पर्यटन की कोई विशेष योजना नहीं है, लेकिन पर्यटन मंत्रालय ‘स्वदेश दर्शन’ और ‘प्रसाद’ जैसी योजनाओं के तहत ग्रामीण परिपथ को विकसित कर रहा है। ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ में ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे को बढ़ावा देने पर जोर है, जिससे गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।
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