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ओडिशा सरकार (Government of Odisha) ने पोल्ट्री कारोबार (Poultry business) और अंडा उत्पादन को नई ऊंचाई देने के लिए एक ऐतिहासिक योजना की शुरुआत की है। मत्स्य पालन और पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मलिक ने ‘Commercial Layer Poultry Farming Scheme’ की शुरूआत की है। इसका मकसद साफ है 2036 तक राज्य में हर साल 1,000 करोड़ अंडों का उत्पादन। ये लक्ष्य जितना बड़ा है, उतनी ही बड़ी तैयारी भी की गई है।
क्या है ख़ास इस योजना में?
इस योजना (Poultry Farming) की सबसे ख़ास बात है कि 10 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी। ये सब्सिडी उन उद्यमियों को दी जाएगी जो 25 हजार से ज्यादा पक्षियों की क्षमता वाले आधुनिक और ऑटोमैटिक लेयर व पुललेट फार्म तैयार करेंगे। यानी बड़े पैमाने पर अंडा उत्पादन करने वालों के लिए ये सुनहरा मौका है। सरकार सिर्फ सब्सिडी ही नहीं दे रही, बल्कि बैंक से कर्ज लेने वाले उद्यमियों को ‘मिरर अकाउंट’ के ज़रिए अग्रिम सब्सिडी देकर ब्याज का बोझ भी कम कर रही है।
पिछले ढाई साल में 512 करोड़ की मदद
मंत्री गोकुलानंद मलिक के मुताबिक, पिछले ढाई साल में राज्य के पोल्ट्री किसानों और कारोबारियों (Poultry farmers and traders) को करीब 512 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। इस राशि से ब्रॉयलर और लेयर, दोनों तरह के पोल्ट्री फार्म स्थापित करने में मदद मिली है। वर्तमान में ओडिशा में रोजाना करीब 1.12 करोड़ अंडों का प्रोडक्शन हो रहा है। ये प्रोडक्शन 189 कमर्शियल लेयर फार्म, सेमी-कमर्शियल फार्म और घरों में पाले जाने वाले मुर्गों के जरिए हो रहा है।
छोटे किसानों का भी पूरा ख़्याल
सरकार सिर्फ बड़े उद्यमियों पर ही ध्यान नहीं दे रही। 1,000 से 4,000 मुर्गियों की क्षमता वाले सेमी-कमर्शियल लेयर फार्म खोलने पर 50 से 60 फीसदी तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिसकी अधिकतम सीमा 19.74 लाख रुपये है। वहीं, बत्तख पालन के लिए 2.64 लाख रुपये तक की मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री कृषि उद्योग योजना के तहत बड़े लेयर पोल्ट्री फार्म खोलने वालों को 1 करोड़ रुपये तक की मदद दी जा सकती है। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2026-27 में ‘पशुधन समृद्धि योजना’ के तहत 43 हजार लाभार्थियों को घरों में मुर्गी पालन के लिए 100 फीसदी आर्थिक सहायता दी जाएगी।
2029 तक राष्ट्रीय औसत के बराबर पहुंचने का लक्ष्य
ओडिशा में फिलहाल हर व्यक्ति के लिए सालाना औसतन 87 अंडे उपलब्ध हैं, जबकि देश का औसत 106 अंडे प्रति व्यक्ति है। सरकार का लक्ष्य 2029 तक राज्य में अंडों की उपलब्धता को राष्ट्रीय औसत के बराबर लाना है। इसके बाद सरकार अंडा उत्पादन के मामले में देश के टॉप पांच स्टेट में जगह बनाने की दिशा में काम करेगी।
क्यों है यह योजना मील का पत्थर?
ओडिशा की अर्थव्यवस्था में कृषि और पशुपालन की अहम भूमिका है। पोल्ट्री कारोबार से जहां किसानों की आमदनी बढ़ती है, वहीं प्रोटीन युक्त भोजन का उत्पादन भी होता है। ये योजना छोटे, मझोले और बड़े तीनों तरह के उद्यमियों को एक साथ जोड़ती है। तकनीकी फार्म, ऑटोमैटिक सिस्टम और एडवांस सब्सिडी जैसे कदम निवेश को अट्रैक्ट करेंगे। साथ ही, महिला स्वयं सहायता समूहों और युवाओं के लिए ये स्वरोजगार का बेहतरीन ज़रिया बनेगा।
ओडिशा सरकार की कमर्शियल लेयर पोल्ट्री फार्मिंग योजना न सिर्फ अंडा उत्पादन बढ़ाएगी, बल्कि राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
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