हिमाचल सरकार ने उठाया बड़ा कदम, अब ‘हिम परिवार रजिस्टर’ से हर किसान को मिलेगा सीधा फायदा

हिमाचल के 2.23 लाख किसान और बागवानी परिवार अब पूरी तरह या आंशिक रूप से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। ये खेती राज्य की 99.3 प्रतिशत ग्राम पंचायतों तक पहुंच चुकी है। यानी लगभग हर गांव में किसान अब रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं।

पहाड़ों की गोद में बसे हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के किसान अब सरकारी योजनाओं का फायदा बिना किसी झंझट और खुले तौर पर ले सकेंगे। राज्य का कृषि विभाग तेजी से काम कर रहा है ताकि हर किसान तक सरकारी मदद पहुंचे। इसी कड़ी में सरकार ने इस वित्त वर्ष ‘हिम परिवार रजिस्टर’ (‘Him Parivar Register’) से एक लाख नए किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा था, और अब तक 70 हजार से अधिक किसान इससे जुड़ चुके हैं। यानी सरकार ने अपना 70 फीसदी लक्ष्य पहले ही पूरा कर लिया है।

सीएम सुखू के सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू (Chief Minister Sukhwinder Singh Sukhu) ने अफसरों को साफ कहा है कि अब न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का फायदा ज़्यादा से ज़्यादा किसानों तक पहुंचाया जाए। सरकार चाहती है कि हर किसान अपनी फसल का सही दाम पाए और गांवों की अर्थव्यवस्था मज़बूत हो। सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक, जब किसानों की आमदनी बढ़ेगी, तो गांव के छोटे कारोबार, दुकानदार और मजदूर सबको फायदा होगा।

2.23 लाख किसानों ने अपनाई प्राकृतिक खेती

सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि हिमाचल के 2.23 लाख किसान और बागवानी परिवार अब पूरी तरह या आंशिक रूप से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। ये खेती राज्य की 99.3 प्रतिशत ग्राम पंचायतों तक पहुंच चुकी है। यानी लगभग हर गांव में किसान अब रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं।

प्राकृतिक खेती से किसानों की लागत कम हो रही है, मिट्टी की सेहत सुधर रही है, और लोगों को रसायन मुक्त अनाज मिल रहा है।

MSP में बड़ी बढ़ोतरी 

राज्य सरकार ने 2026-27 के बजट में प्राकृतिक खेती की फसलों के MSP में जबरदस्त बढ़ोतरी की है। देखिए क्या-क्या दाम मिल रहे हैं:

1.गेहूं : 80 रुपये प्रति किलो (पहले 40 रुपये के करीब मिलते थे)

2.मक्का: 50 रुपये प्रति किलो

3.कच्ची हल्दी : 150 रुपये प्रति किलो

4.चंबा की पांगी घाटी का जौ : 80 रुपये प्रति किलो

5.अदरक : 30 रुपये प्रति किलो

किसानों के खाते में सीधे पैसे

अब तक सरकार ने 7,382 किसानों से 11,329 क्विंटल प्राकृतिक उपज खरीदी है और 6.40 करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए हैं। ना कोई बिचौलिया, ना कोई देरी।

63 हजार किसानों से खरीदने की तैयारी

कृषि विभाग ने इस साल 63 हजार किसानों से प्राकृतिक उपज खरीदने का लक्ष्य रखा है। सरकार को पूरा भरोसा है कि इन बेहतर दामों से और अधिक किसान प्राकृतिक खेती अपनाएंगे। ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और किसानों की आय बढ़ेगी।

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सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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