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गर्मी की तपिश कम होते ही उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के किसानों की चिंताएं बढ़ने लगती हैं। अब वो मौसम फिर आ गया है जब खेतों में हल चलेगा और बूंद-बूंद पसीना अन्न बनकर उगेगा। लेकिन इस बार सरकार ने किसानों की इस मेहनत को सुनहरा मौका देने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश कृषि विभाग (Uttar Pradesh Department of Agriculture) ने ख़रीफ सीजन (धान, बाजरा, मक्का, मूंग, उड़द, तिल वगैरह ) के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया है। सरकार बीजों पर 50 फीसदी तक सब्सिडी देगी। यानी किसान अब आधे दाम में उन्नत और श्रेष्ठ गुणवत्ता वाले बीज खरीद सकेंगे।
जैसे: अगर कोई बीज बाजार में 200 रूपये प्रति किलो है, तो किसान को सिर्फ 100 रूपये में मिलेगा।
क्यों ज़रूरी है ये योजना?
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, फसल की पैदावार में बीज की गुणवत्ता का 30-40 फीसदी योगदान होता है। उत्तर प्रदेश में अभी भी 30 प्रतिशत से ज़्यादा किसान पुरानी या नकली बीजों का यूज़ करते हैं, जिससे प्रोडक्शन घटता है और लागत बढ़ती है।
इस स्कीम से:
- बीजों की क्वालिटी बढ़ेगी (ICAR Certified Seeds)
- पैदावार में 15-20 फीसदी तक बढ़ोतरी (धान में 35-40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से 50 तक)
- आमदनी में 10,000-15,000 रूपये प्रति हेक्टेयर एक्स्ट्रा बढ़ोतरी
कितना बड़ा टारगेट?
कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
- 1,96,117 क्विंटल (लगभग 2 लाख क्विंटल) बीज और मिनीकिट बांटे जाएंगे।
- ये पूरे प्रदेश के 75 जिलों को कवर करेगा।
- पिछले साल की तुलना में बीज वितरण में 22 फीसदी का इज़ाफा होगा।
ख़ास बात: ये सिर्फ धान तक सीमित नहीं है, बल्कि दलहन (अरहर, मूंग), तिलहन (तिल, मूंगफली) और मक्का पर भी सब्सिडी दी जाएगी। मल्टी-क्रॉप सब्सिडी से छोटे और सीमांत किसानों को सबसे ज़्यादा फायदा होगा।
किसानों के लिए कैसा मौका?
मान लीजिए, एक किसान के पास 2 एकड़ ज़मीन है। उसे धान, मूंग और मक्का का बीज चाहिए। बिना सब्सिडी खर्च होता 8,000 रूपये। सब्सिडी से सिर्फ 4,000 रूपये। बचे हुए 4,000 रूपये से वो उर्वरक या सिंचाई पर खर्च कर सकता है।
योजना के मुख्य फायदे:
लागत आधी : बीज पर 50 फीसदी छूट
पैदावार दोगुनी : उन्नत बीज से प्रति हेक्टेयर अधिक उपज
आमदनी दोगुनी : ज्यादा पैदावार से ज्यादा कमाई
मिनीकिट : वैज्ञानिक तरीके से तैयार बीज, बेहतर अंकुरण दर
पात्रता और आवेदन प्रक्रिया (Eligibility and Application Process):
कौन ले सकता है फायदा?
- उत्तर प्रदेश का कोई भी रजिस्टर्ड किसान
- ख़ास तौर से छोटे, सीमांत और अनुसूचित जाति/जनजाति किसानों को प्राथमिकता
कैसे करें अप्लाई ?
1.अपने नज़दीकी ग्राम पंचायत या कृषि विभाग कार्यालय से कॉन्टेक्ट करें।
2.खतौनी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी ले जाएं।
3.ऑनलाइन उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की वेबसाइट पर अप्लाई करें।
4.बीज वितरण के लिए रसीद पाएं और निर्धारित तारीख़ पर बीज लें।
अहम जानकारी
सब्सिडी की वजह से नकली बीजों का खतरा बढ़ जाता है। विभाग ने साफ निर्देश दिए हैं। केवल सरकारी सोसाइटियों, नीडल, बीज निगम के सीलबंद पैकेट ही खरीदें। किसी दूसरे सोर्स से बीज लेने पर सब्सिडी नहीं मिलेगी और नुकसान भी हो सकता है।
किसानों से अपील
सरकार ने बीज छूट का रास्ता दे दिया है, अब ज़रूरत है उस रास्ते पर चलने की। खरीफ सीजन जुलाई-अगस्त में शुरू होता है, और बीज वितरण पहले से चालू हो गया है। देर न करें, तुरंत अपना रजिस्ट्रेशन कराएं।

