IARI 122nd Foundation Day में कृषि नवाचार और किसानों के विकास पर ज़ोर

IARI 122nd Foundation Day में कृषि नवाचार, वैज्ञानिक उपलब्धियों और किसानों के विकास पर ख़ास ज़ोर दिया गया।

नई दिल्ली में 1 अप्रैल 2026 को आयोजित IARI 122nd Foundation Day एक ख़ास अवसर रहा, जहां भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने अपनी गौरवशाली विरासत और भविष्य की दिशा दोनों को एक साथ प्रस्तुत किया। यह समारोह प्रतिष्ठित डॉ. बी. पी. पाल सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें वैज्ञानिकों, अधिकारियों, छात्रों और कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि कृषि विज्ञान को आगे बढ़ाने के संकल्प का प्रतीक भी बना।

एक सदी से अधिक योगदान का उत्सव

IARI 122nd Foundation Day के दौरान संस्थान की उस लंबी यात्रा को याद किया गया, जिसने भारत की खाद्य और पोषण सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई है। पिछले 100 से अधिक वर्षों में संस्थान ने कृषि अनुसंधान, शिक्षा और तकनीकी प्रसार के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। यही वजह है कि आज भी यह संस्थान देश के कृषि विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

उपलब्धियों और भविष्य की रणनीति पर फ़ोकस

समारोह में संस्थान के निदेशक डॉ. सी. एच. श्रीनिवास राव ने अपने संबोधन में बीते वर्ष की प्रमुख उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि IARI 122nd Foundation Day केवल एक उत्सव नहीं बल्कि भविष्य की दिशा तय करने का अवसर भी है।

उन्होंने “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जलवायु-सहिष्णु कृषि, डिजिटल तकनीक और किसान-केंद्रित नवाचारों पर ज़ोर दिया। संस्थान ने NIRF 2025 में लगातार तीसरे वर्ष कृषि क्षेत्र में पहला स्थान हासिल किया, साथ ही अन्य वैश्विक रैंकिंग में भी बेहतर प्रदर्शन किया। यह उपलब्धियां संस्थान की वैज्ञानिक क्षमता और गुणवत्ता को दर्शाती हैं।

मुख्यमंत्री ने की संस्थान की सराहना

इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि IARI 122nd Foundation Day जैसे आयोजन हमें यह याद दिलाते हैं कि कृषि और पर्यावरण का संतुलन कितना ज़रूरी है।

उन्होंने “ग्रीन दिल्ली” के निर्माण और जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में संस्थान की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही उन्होंने मृदा स्वास्थ्य सुधारने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों और जन-जागरूकता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। किसानों की आय बढ़ाने और देश को आत्मनिर्भर बनाने में संस्थान के योगदान को भी उन्होंने सराहा।

IARI 122nd Foundation Day में कृषि नवाचार और किसानों के विकास पर ज़ोर

कृषि अनुसंधान और सरकार के बीच सहयोग

कार्यक्रम में डॉ. एम. एल. जाट, जो डेयर के सचिव और ICAR के महानिदेशक हैं, विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि IARI 122nd Foundation Day जैसे मंच पर सरकार और अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग को मज़बूत करना ज़रूरी है।

उन्होंने शहरी और अर्ध-शहरी कृषि की चुनौतियों के समाधान के लिए नए प्रयोगों की आवश्यकता बताई। अपशिष्ट को उर्वरक में बदलने जैसी तकनीकों का जिक्र करते हुए उन्होंने सतत कृषि की दिशा में ऐसे नवाचारों को बढ़ावा देने की बात कही।

किसानों के लिए उपयोगी वैज्ञानिक सुझाव

डॉ. जाट ने किसानों के लिए जागरूकता कार्यक्रमों की अहमियत पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि IARI 122nd Foundation Day केवल वैज्ञानिकों का मंच नहीं, बल्कि किसानों तक सही जानकारी पहुंचाने का माध्यम भी है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर गेहूं की फ़सल में DAP उर्वरक का उपयोग हो चुका है, तो धान की फ़सल में उसका अनावश्यक प्रयोग नहीं करना चाहिए। इससे किसानों की लागत कम होगी और पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग होगा।

तकनीकी प्रदर्शनी और नई पुस्तकों का विमोचन

इस कार्यक्रम के दौरान पूसा संस्थान द्वारा विकसित तकनीकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें नई कृषि तकनीकों और नवाचारों को दिखाया गया। IARI 122nd Foundation Day के मौके पर “खाद्यान्न, पोषण एवं आजीविका सुरक्षा हेतु फ़सलों की उन्नत किस्में” और “प्रिसिशन फ्लोरिकल्चर एवं लैंडस्केप डिजाइन” जैसी पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।

यह पहल इस बात का संकेत है कि संस्थान न केवल शोध करता है, बल्कि उसे किसानों तक पहुंचाने के लिए भी लगातार प्रयास करता है।

IARI 122nd Foundation Day में कृषि नवाचार और किसानों के विकास पर ज़ोर

उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान

समारोह के दौरान वर्ष 2025–26 में बेहतर प्रदर्शन करने वाले वैज्ञानिकों, तकनीकी कर्मचारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह IARI 122nd Foundation Day का एक अहम हिस्सा रहा, जिसने सभी प्रतिभागियों को प्रेरित किया।

कृषि के भविष्य की दिशा

कार्यक्रम के अंत में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि IARI 122nd Foundation Day केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत के कृषि भविष्य की दिशा तय करने का मंच है।

संस्थान की वैज्ञानिक उत्कृष्टता, नवाचार और किसान-केंद्रित दृष्टिकोण इसे देश के कृषि विकास में एक मज़बूत स्तंभ बनाते हैं। आने वाले समय में भी यह संस्थान नई तकनीकों और शोध के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।

निष्कर्ष

अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसमें सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। IARI 122nd Foundation Day ने यह साबित कर दिया कि जब विज्ञान, नीति और किसान एक साथ काम करते हैं, तो कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव संभव होते हैं।

यह आयोजन भारत के सतत और समृद्ध कृषि भविष्य की दिशा में एक मज़बूत कदम के रूप में सामने आया।

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