International Rice Conference का आगाज़: दिल्ली में 150 देशों के कारोबारियों का जमावड़ा, 200 चावल किस्मों का प्रदर्शन

International Rice Conference में 150 से ज़्यादा देशों के ख़रीदार हिस्सा ले रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक 4,649 खरीदारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जिनमें कुवैत, दक्षिण अफ्रीका, बेनिन, नाइजीरिया, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब जैसे प्रमुख देश शामिल हैं।

भारतीय चावल को ग्लोबल स्टेज पर नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए 23 अक्टूबर से दिल्ली के भारत मंडपम में तीन दिवसीय भारत अंतर्राष्ट्रीय चावल सम्मेलन (International Rice Conference- BIRC 2026) शुरू हो रहा है। भारतीय चावल निर्यातक महासंघ (IREF) की ओर से आयोजित इस भव्य आयोजन को लेकर देश और दुनिया के कारोबारी यहां हिस्सा ले रहे हैं।सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारतीय चावल निर्यातकों और विदेशी ख़रीदारों को एक साझा मंच पर लाना है, ताकि देश के चावल कारोबार को नई गति मिल सके।

विदेशी ख़रीदारों की उमड़ी भीड़

इस बार के सम्मेलन में 150 से ज़्यादा देशों के ख़रीदार हिस्सा ले रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक 4,649 खरीदारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जिनमें कुवैत, दक्षिण अफ्रीका, बेनिन, नाइजीरिया, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। सम्मेलन शुरू होने से पहले ही डिजिटल मंच के ज़रिए 2,038 कारोबारी बैठकों की योजना बनाई जा चुकी है। EY की मदद से होने वाली इन B2B बैठकों में भारतीय कंपनियां संभावित अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों से सीधे बातचीत कर सकेंगी। 

राज्यों की भागीदारी में महाराष्ट्र सबसे आगे

सम्मेलन में देश के प्रमुख चावल उत्पादक राज्यों की भागीदारी रहेगी। IREF के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देव गर्ग के अनुसार, कुल रजिस्ट्रेशन में से करीब 91 फीसदी  दिल्ली के बाहर से हैं।  

कीमतों और मांग पर होगी गहन चर्चा

सम्मेलन के दौरान 23 और 24 अक्टूबर को नौ Informative session आयोजित किए जाएंगे। उद्घाटन सत्र का विषय ‘2027 में वैश्विक चावल की मांग और आपूर्ति: कीमतों में गिरावट या तेजी?’ (Global Rice Demand and Supply: A Decline or a Surge in Prices?) रहेगा, जिसमें S&P Global, BigMint, EY और IREF के एक्सपर्ट बाजार की स्थिति का आकलन करेंगे। इसके अलावा निर्यात के अवसर, माल ढुलाई का खर्च, भुगतान से जुड़े जोखिम, गुणवत्ता मानक और सरकारी नीतियों जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। सम्मेलन में ‘2027 में नज़र रखने लायक चावल के 10 प्रमुख बाजारों’ की लिस्ट भी जारी की जाएगी, जिससे निर्यातकों को भविष्य की रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।

चावल प्रेमियों के लिए ख़ास होगा 25 अक्टूबर

सम्मेलन में ‘Global Rice Archive’ प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें भारत और दूसरे देशों की चावल की करीब 200 किस्में रखी जाएंगी। वहीं, 25 अक्टूबर को आयोजित होने वाला ‘चावल महोत्सव’ आम लोगों के लिए ख़ास अट्रैक्शन होगा। इसमें 50 से अधिक देशों के व्यंजन, बिरयानी की 25 से ज्यादा किस्में, रसोइयों की प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।   

 

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