कैबिनेट का बड़ा फैसला: 6 रबी फसलों का MSP बढ़ा, तिलहन-दलहन किसानों को सबसे बड़ा तोहफ़ा

सरकार ने गेहूं के MSP में 25 रुपये प्रति क्विंटल का इज़ाफा किया है, जबकि कुसुम और सरसों जैसी तिलहन फसलों को जमकर बढ़त दी है।

केंद्र सरकार (Central Government) ने मार्केटिंग सीज़न 2027-28 (Marketing Season 2027-28) के लिए गेहूं समेत छह रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP (Minimum Support Price) में बढ़ोतरी की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने इस प्रस्ताव को मंज़ूरी प्रदान कर दी है। सबसे बड़ी बात ये है कि केंद्र  सरकार ने गेहूं के MSP में 25 रुपये प्रति क्विंटल का इज़ाफा किया है,जबकि कुसुम और सरसों जैसी तिलहन फसलों को जमकर बढ़त दी है। गेहूं का नया MSP अब 2,610 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है, जो पिछले सीज़न में 2,585 रुपये था।

किस फसल को कितना फायदा

सरकार ने इस बार तिलहन और दलहन फसलों के किसानों को बड़ा तोहफ़ा दिया है। सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी कुसुम (Safflower) के एमएसपी में 675 रुपये प्रति क्विंटल की हुई है। इसके बाद रेपसीड और सरसों का एमएसपी 413 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा है। मसूर के किसानों को 390 रुपये प्रति क्विंटल ज्यादा मिलेंगे, जबकि जौ में 136 रुपये और चना में 83 रुपये प्रति क्विंटल का इज़ाफा कर दिया गया है।

उत्पादन लागत पर कितना मुनाफ़ा

सरकार का दावा है कि नई MSP दरें किसानों की उत्पादन लागत पर कम से कम 50 फीसदी का मुनाफा देती है। गेहूं के किसानों को सबसे ज्यादा 106 फीसदी का मार्जिन मिलेगा,जबकि सरसों पर 96 फीसदी और मसूर पर 92 फीसदी का फायदा अनुमानित है। चना, जौ और कुसुम पर 59, 58 और 50 फीसदी का मार्जिन मिलेगा।

सरकार का दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा

ये बढ़ोतरी Union Budget 2018-19 की उस घोषणा के तहत की गई है, जिसमें एमएसपी को प्रोडक्शन लागत का कम से कम डेढ़ गुना करने की बात कही गई थी। इस बढ़त से साफ पता चल पा रहा है कि सरकार साफ तौर पर दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा देना चाहती है, ताकि किसान सिर्फ गेहूं-धान पर निर्भर न रहें और Crop Diversification को ताकत मिल पाए।  

ये भी पढ़ें : किसानों के लिए बड़ी ख़बर: केंद्र सरकार का ऐतिहासिक फैसला,अब खेतों में हो सकेगा एनहाइड्रस अमोनिया का इस्तेमाल 

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुंचाएंगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top