132वीं ‘Mann Ki Baat’: जब पीएम मोदी ने मछुआरों, महिलाओं और ऊर्जा क्रांति की नई इबारत सुनाई

'Mann Ki Baat' के 132वें एपिसोड में पीएम मोदी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विकास की बातें केवल किताबों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि गांव-गांव, घाट-घाट के लोगों की मेहनत से जुड़ी होती हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ (Monthly radio program ‘Mann Ki Baat’)  हर बार देशवासियों को कोई नई प्रेरणा देता है। 132वें एपिसोड में पीएम मोदी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विकास की बातें केवल किताबों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि गांव-गांव, घाट-घाट के लोगों की मेहनत से जुड़ी होती हैं। इस बार उन्होंने पश्चिम एशिया के संकट से लेकर भारत के मछुआरों, ऊर्जा क्रांति और युवाओं तक हर मुद्दे पर बात की।

समुद्र से लेकर तालाब तक: मछुआरों की नई उड़ान

पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ की शुरुआत भारत के ‘मत्स्यपालकों’ और ‘मछुआरों’ को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि ये लोग न केवल हमारी थाली को समृद्ध बनाते हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव भी हैं। सरकार ने मछुआरों के जीवन को आसान बनाने के लिए बंदरगाहों के विकास से लेकर बीमा योजनाओं तक, हर स्तर पर काम किया है। आधुनिक तकनीक की मदद से अब उन्हें समय पर मौसम की जानकारी मिल रही है, जिससे उनकी सुरक्षा बढ़ी है और मछली पकड़ने का समय भी बेहतर हुआ है।

लेकिन सबसे खास रही उन प्रेरणादायक कहानियों की चर्चा, जो दिखाती हैं कि संकल्प हो तो हर मुश्किल आसान हो जाती है:

1.ओडिशा की सुजाता भुयान: हीराकुंड क्षेत्र में उन्होंने मछली पालन को एक लाभकारी उद्यम बना दिया।

2.लक्षद्वीप की हव्वा गुलजार: मिनिकॉय द्वीप पर उन्होंने कोल्ड स्टोरेज जोड़कर मछली प्रसंस्करण व्यवसाय को नई ऊंचाई दी।

3.कर्नाटक के शिवलिंग सतप्पा: प्रशिक्षण लेकर तालाब आधारित मत्स्य पालन को आय का मजबूत स्रोत बनाया।

पीएम ने कहा कि ये उदाहरण साबित करते हैं कि सही दिशा और समर्थन मिले तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था कितनी तेजी से बदल सकती है।

पीएम सूर्य घर योजना: घर-घर से हो रही ऊर्जा क्रांति

प्रधानमंत्री ने ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का जिक्र करते हुए बताया कि यह योजना देश में ऊर्जा क्रांति ला रही है। अब लोग सिर्फ बिजली की बचत नहीं कर रहे, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर रहे हैं।

  • गुजरात की पायल मुंजपारा ने सौर ऊर्जा का प्रशिक्षण लेकर खुद को एक सफल उद्यमी के रूप में स्थापित किया।
  • मेरठ के अरुण कुमार अब अपने क्षेत्र में ‘Energy Provider’ बन चुके हैं।
  • जयपुर के मुरलीधर ने सौर पंप अपनाकर खेती की लागत को काफी हद तक कम किया है।

पीएम ने ख़ासतौर पर नॉर्थईस्ट में बदलाव का जिक्र किया, जहां Solar Mini-Grid के जरिए गांवों को रोशन किया जा रहा है।

बीज संरक्षण से लेकर स्वास्थ्य तक 

इस एपिसोड में पीएम मोदी ने नागालैंड के चिज़ामी गांव की महिलाओं की जमकर तारीफ की। इन महिलाओं ने सामूहिक प्रयास से 150 से अधिक पारंपरिक बीजों को सुरक्षित रखा है। महिलाओं द्वारा संचालित इस सामुदायिक बीज बैंक से न केवल जैव विविधता बच रही है, बल्कि पारंपरिक खेती को भी बढ़ावा मिल रहा है।

 सामूहिक प्रयास ही है सबसे बड़ी ताकत

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में चाहे जितने भी संकट आएं, भारत सामूहिक प्रयासों से हर चुनौती का सामना कर रहा है। जल संरक्षण हो, ऊर्जा सुरक्षा हो या फिर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना हो। जनभागीदारी के बिना ये संभव नहीं है।   

 

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