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Digital Revolution की इस दौर में अब किसानों को खेती के लिए किसी एक्सपर्ट के पास जाने या महंगी सलाह लेने की ज़रूरत नहीं है। आपके मोबाइल का Whatsapp ही अब आपका निजी कृषि सलाहकार बन सकता है। आईसीएआर-भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद (ICAR-Indian Institute of Oilseeds Research, Hyderabad) ने ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ (‘Oilseeds Kisan Mitra’) नाम की एक क्रांतिकारीAI Service शुरू की है, जो हर तिलहन किसान के लिए वरदान साबित हो रही है।
क्यों है ये सेवा ख़ास?
देश इस समय खरीफ की बुवाई के मौसम में घरेलू तिलहन उत्पादन बढ़ाने और खाद्य तेल आयात पर निर्भरता कम करने पर फोकस कर रहा है। ऐसे में ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ किसानों के लिए एक मज़बूत टूल के रूप में उभर रहा है। ये सेवा किसानों की उस परेशानी को दूर करती है जब वे सही किस्म, खाद, सिंचाई, कीट नियंत्रण जैसी जानकारी के लिए भटकते हैं।
यह सेवा पूरी तरह से मुफ्त है और हफ्ते के सातों दिन 24 घंटे उपलब्ध है। सबसे बड़ी बात यह है कि किसानों को कोई नया ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है, बस व्हाट्सएप का इस्तेमाल करना है।
कैसे करें इस्तेमाल?
इस सुविधा का लाभ उठाना बहुत आसान है:
1.अपने मोबाइल में +91 4024598180 नंबर को ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ के रूप में सेव करें।
2.व्हाट्सएप खोलें और अपनी पसंदीदा भारतीय भाषा (हिंदी, तमिल, तेलुगु, आदि) में अपनी तिलहन फसल से जुड़ा कोई भी सवाल पूछें।
3.कुछ ही पलों में आपको रीसर्च बेस्ड और वैज्ञानिक सलाह मिल जाएगी।
क्या-क्या जानकारी मिलेगी?
यह एआई चैटबॉट फसल की पूरी Life-cycle process को कवर करता है। आप इससे जान सकते हैं:
1.उन्नत किस्मों का चयन: कौन-सी किस्म आपके क्षेत्र के लिए बेस्ट है।
2.फसल प्रबंधन: बुवाई का सही समय, खेती के तरीके।
3.कीट एवं रोग नियंत्रण: फसल को बीमारियों और कीटों से कैसे बचाएं।
4.सिंचाई प्रबंधन: कब और कितना पानी देना चाहिए।
5.कटाई के बाद की देखभाल: कटाई, भंडारण और बीज की उपलब्धता।
किन फसलों के लिए है ये सर्विस?
ये सेवा मूंगफली, सरसों, तिल, सूरजमुखी, सोयाबीन, नाइजर और अन्य सभी प्रमुख तिलहन फसलों के बारे में जानकारी देती है।
कैसे काम करता है ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’?
इस सेवा को आईसीएआर के कई प्रमुख संस्थानों के सहयोग से विकसित किया गया है। इसमें ICAR-राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान-इंदौर, (ICAR-Indian Institute of Soybean Research,), ICAR-भारतीय मूंगफली अनुसंधान संस्थान-जूनागढ़ (ICAR-Indian Institute of Groundnut Research, Junagadh), ICAR-भारतीय सरसों अनुसंधान संस्थान-भरतपुर (ICAR-Indian Institute of Mustard Research, Bharatpur) और तिल-नाइजर परियोजना समन्वय इकाई का वैज्ञानिक ज्ञान (Scientific knowledge of the Sesame-Niger Project Coordination Unit) शामिल है।
आईसीएआर-आईआईओआर के निदेशक डॉ. आर.के. माथुर (Dr. R.K. Mathur, Director, ICAR-IIOR) ने बताया कि ये पहली बार है जब आईसीएआर के तिलहन अनुसंधान को देश के हर किसान तक उसकी अपनी भाषा में पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘हमने लैब और किसान के खेत के बीच दूरी, भाषा और लागत की पुरानी रुकावटों को दूर कर दिया है।’
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सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

