भारत को मिली बड़ी वैज्ञानिक सफलता, अरहर का पूरा Genome तैयार, नई क़िस्मों के विकास को मिलेगी रफ़्तार

Genome तकनीक में भारत को बड़ी सफलता मिली। ICAR-NIPB's द्वारा तैयार अरहर का नया Genome बेहतर और जलवायु अनुकूल क़िस्मों का रास्ता खोलेगा।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने अरहर (तूर) की खेती और अनुसंधान के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वैज्ञानिकों ने अरहर की क़िस्म ‘आशा’ का भारत का पहला पूर्ण रूप से एनोटेटेड Telomere-to-Telomere (T2T) Genome तैयार किया है। ये उपलब्धि देश में दलहन अनुसंधान को नई दिशा देने के साथ जलवायु अनुकूल, अधिक उत्पादन देने वाली और पोषक तत्वों से भरपूर नई क़िस्मों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

भारत का पहला पूर्ण T2T Genome तैयार

ICAR ने बताया कि ये देश का पहला पूरी तरह एनोटेटेड T2T Genome है, जिसे वैश्विक स्तर पर अरहर के रेफरेंस Genome के रूप में भी स्वीकार किया गया है। ये उपलब्धि भारतीय वैज्ञानिकों के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।

अरहर भारत की सबसे महत्वपूर्ण दलहनी फ़सलों में शामिल है। इसे तूर दाल के नाम से भी जाना जाता है और ये देश की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा में अहम योगदान देती है।

ICAR-NIPB’s ने पहले भी बनाया था इतिहास

इस उपलब्धि की नींव ICAR-NIPB’s द्वारा वर्षों पहले रखी गई थी। वर्ष 2011 में ICAR-NIPB’s ने दुनिया का पहला दलहनी फ़सल का ड्राफ्ट Genome प्रकाशित किया था। ये पहला ऐसा फ़सल Genome भी था, जिसकी पूरी सीक्वेंसिंग भारत में ही की गई थी।

इसके बाद वर्ष 2017 में इसका बेहतर संस्करण जारी किया गया और अब वैज्ञानिकों ने इसका पूर्ण Telomere-to-Telomere Genome विकसित कर नया रिकॉर्ड बनाया है।

भारत को मिली बड़ी वैज्ञानिक सफलता, अरहर का पूरा Genome तैयार, नई क़िस्मों के विकास को मिलेगी रफ़्तार

Genome से मिलेगी फ़सल सुधार में नई ताकत

नई T2T Genome सीक्वेंस में 752.65 मिलियन बेस पेयर डीएनए शामिल हैं, जिन्हें 92 कंटिग्स में व्यवस्थित किया गया है। इसमें अरहर के सभी 11 क्रोमोसोम, 11 सेंट्रोमियर और 22 टेलोमियर का पूरा विवरण उपलब्ध है।

ICAR-NIPB’s के वैज्ञानिकों ने इस Genome में कुल 36,557 जीन की पहचान की है, जिनसे 48,008 mRNA तैयार होते हैं। RNA सीक्वेंस की मैपिंग में 99.9 प्रतिशत से अधिक सटीकता दर्ज की गई, जिससे इसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता की पुष्टि हुई है।

नई क़िस्मों के विकास में मिलेगी तेजी

विशेषज्ञों का मानना है कि ये नया Genome भविष्य में जीन की पहचान, पैन-जीनोम विश्लेषण, आणविक प्रजनन (Molecular Breeding) और Genome Editing जैसी आधुनिक तकनीकों को और मज़बूत बनाएगा।

ICAR-NIPB’s के इस शोध से जलवायु परिवर्तन का सामना करने वाली, अधिक उत्पादन देने वाली और बेहतर पोषण वाली नई अरहर क़िस्मों का विकास तेज होगा। इससे दलहन उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

किसानों और वैज्ञानिकों दोनों को होगा फ़ायदा

इस नए Genome को राष्ट्रीय जीनोमिक संसाधन के रूप में उपयोग किया जाएगा। इससे वैज्ञानिकों, प्लांट ब्रीडर्स और कृषि शोध संस्थानों को बेहतर अनुसंधान करने में सहायता मिलेगी।

ICAR-NIPB’s का मानना है कि इस उपलब्धि से किसानों तक उन्नत क़िस्में तेजी से पहुंच सकेंगी। बेहतर बीजों के जरिए उत्पादन बढ़ेगा, किसानों की आय में सुधार होगा और देश की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा भी मज़बूत होगी।

भारत को मिली बड़ी वैज्ञानिक सफलता, अरहर का पूरा Genome तैयार, नई क़िस्मों के विकास को मिलेगी रफ़्तार

आत्मनिर्भर दलहन मिशन को मिलेगा समर्थन

ICAR लगातार अधिक उत्पादन देने वाली, कीट प्रतिरोधी और जलवायु अनुकूल दलहन क़िस्मों के विकास पर काम कर रहा है। ICAR-NIPB’s सहित संस्थान ब्रीडर सीड उत्पादन, मल्टी लोकेशन ट्रायल, कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) के माध्यम से तकनीक का प्रसार और किसानों को वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध करा रहे हैं।

सरकार ने वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक ‘आत्मनिर्भरता इन पल्सेज मिशन’ भी शुरू किया है। इस मिशन का उद्देश्य दलहन उत्पादन बढ़ाना, आयात पर निर्भरता कम करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। इस दिशा में नया Genome भविष्य की शोध और नई तकनीकों के विकास के लिए मज़बूत आधार साबित होगा।

आगे की राह

अरहर का ये नया Genome भारतीय कृषि अनुसंधान के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। ICAR-NIPB’s द्वारा विकसित ये तकनीक भविष्य में उन्नत दलहन क़िस्मों के विकास, बेहतर उत्पादन और खाद्य सुरक्षा को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे भारत के आत्मनिर्भर दलहन मिशन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

ये भी पढ़ें : अरुणाचल प्रदेश की Glaw Lake बनी राज्य की पहली Ramsar Site, भारत में अब 101 Wetland को मिला दर्जा

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुंचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top