Table of Contents
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में किसानों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत जवाब देते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी स्थिति में किसानों को संकट में नहीं छोड़ा जाएगा और सरकार हर स्तर पर उनके साथ खड़ी है।
लोकसभा में चर्चा के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में किसानों की आय बढ़ाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि इन प्रयासों के चलते कई किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
MSP और खरीद प्रणाली से किसानों को मज़बूती
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केवल MSP घोषित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस क़ीमत पर फ़सल की खरीद सुनिश्चित करना अधिक ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि सरकार ने गेहूं, धान, दलहन और तिलहन समेत कई फ़सलों की रिकॉर्ड खरीद की है, जिससे किसानों को सीधे लाभ मिला है।
उन्होंने ये भी कहा कि सरकार अब केवल अनाज तक सीमित नहीं है, बल्कि फल और सब्ज़ियों जैसी फ़सलों के लिए भी हस्तक्षेप कर रही है ताकि किसानों को बाज़ार में नुक़सान न उठाना पड़े। शिवराज सिंह चौहान ने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को हर स्थिति में उचित मूल्य मिले।
लागत से 50 प्रतिशत ज़्यादा MSP का लाभ
लोकसभा में शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार ने किसानों को उनकी लागत पर कम से कम 50 प्रतिशत मुनाफ़ा जोड़कर MSP तय करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि पहले इस तरह की मांगों को टाल दिया जाता था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे लागू कर किसानों को सीधा लाभ पहुंचाया है। इससे किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर मूल्य मिल रहा है और उनकी आय में सुधार हुआ है।
PM-AASHA और अन्य योजनाओं से सुरक्षा
शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान यानी PM-AASHA योजना का जिक्र करते हुए बताया कि ये योजना उन फ़सलों के लिए सुरक्षा कवच का काम करती है, जिनकी क़ीमत MSP से नीचे चली जाती है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत तीन तरह की व्यवस्था है, जिसमें सीधे खरीद, क़ीमत के अंतर की भरपाई और अन्य सहायता शामिल है। इसके अलावा शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि फ़सल बीमा योजना, मूल्य अंतर भुगतान योजना और मार्केट इंटरवेंशन स्कीम जैसी योजनाएं किसानों की आय को सुरक्षित करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
डिजिटल तकनीक से किसानों को तेज राहत
शिवराज सिंह चौहान ने डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि अब Farmer ID के जरिए किसानों को सीधे उनके खाते में मदद दी जा रही है।
उन्होंने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि हाल की प्राकृतिक आपदाओं के दौरान केवल पांच दिनों में 14 हजार करोड़ रुपये किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये डिजिटल सिस्टम किसानों को तेजी से राहत देने में बहुत प्रभावी साबित हो रहा है।
फ़सल बीमा योजना से किसानों को बड़ा फ़ायदा
फ़सल बीमा योजना के बारे में शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस योजना के तहत किसानों को भारी लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि किसानों ने करीब 36 हजार करोड़ रुपये का प्रीमियम जमा किया, जबकि उन्हें लगभग 1.92 लाख करोड़ रुपये का बीमा क्लेम मिला।
उन्होंने ये भी बताया कि अब नई व्यवस्था में यदि किसी एक किसान की फ़सल को नुक़सान होता है, तो उसे भी मुआवजा दिया जाएगा। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब सैटेलाइट और नई तकनीक के जरिए फ़सल का आकलन ज़्यादा सटीक तरीके से किया जा रहा है।
मूल्य गिरने पर भी किसानों को सुरक्षा
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि अगर किसी फ़सल की क़ीमत बाज़ार में गिरती है, तो सरकार केवल खरीद तक सीमित नहीं रहती, बल्कि मूल्य अंतर की राशि सीधे किसानों के खाते में जमा करती है।
उन्होंने मध्य प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां इस मॉडल से किसानों को बिना किसी परेशानी के फ़ायदा मिला है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये व्यवस्था अन्य राज्यों के लिए भी एक अच्छा मॉडल बन सकती है।
फल और सब्ज़ियों के लिए भी नई व्यवस्था
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि सरकार अब फल और सब्ज़ियों के लिए भी मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के तहत सहायता दे रही है। उन्होंने कहा कि अंगूर, मिर्च, आलू, प्याज और टमाटर जैसी फ़सलों के लिए यदि क़ीमतें बहुत कम हो जाती हैं, तो सरकार किसानों को राहत देती है।
ज़रूरत पड़ने पर किसानों को दूसरे शहरों की मंडियों तक फ़सल ले जाने के लिए परिवहन ख़र्च भी दिया जाता है।
खरीद केंद्र और एजेंसियों का बेहतर समन्वय
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि सरकार किसानों की पूरी उपज खरीदने के लिए एफसीआई, नाफेड और राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जहां ज़रूरत होती है, वहां नए खरीद केंद्र खोले जा रहे हैं ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो।
किसानों के साथ सरकार की प्रतिबद्धता
लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये योजनाएं केवल कागज़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जमीन पर लागू हो रही हैं और किसानों को सीधे फ़ायदा दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें हर संकट से सुरक्षित रखना है। अंत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार किसानों की मेहनत का सम्मान करती है और उन्हें हर स्थिति में उचित मूल्य दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
ये भी पढ़ें : कैसे स्मार्ट छिड़काव, मल्टीस्पेक्ट्रल इमेजिंग और खेत की मैपिंग भारतीय खेती में इनपुट के उपयोग को बदल रहे हैं
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुंचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

