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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययिता, संसाधन संरक्षण और आत्मनिर्भरता की अपील को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कई बड़े फैसले लिए हैं। नई दिल्ली के कृषि भवन में हुई समीक्षा बैठक में प्रशासनिक खर्च कम करने, ईंधन बचाने, बिजली उपयोग नियंत्रित करने और डिजिटल कार्य प्रणाली को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया गया।
बैठक में कृषि मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, आईसीएआर, कृषि शिक्षा और भूमि संसाधन विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में संसाधनों का संतुलित उपयोग राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।
एक साल तक सोना नहीं खरीदने का लिया संकल्प
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण फैसला अधिकारियों के सामूहिक संकल्प से जुड़ा रहा। शिवराज सिंह चौहान की अपील पर अधिकारियों ने तय किया कि अगले एक वर्ष तक वे सोना नहीं खरीदेंगे। हालांकि बेटी की शादी या अन्य ज़रूरी पारिवारिक अवसरों को इससे अलग रखा गया है।
शिवराज सिंह चौहान ने इसे सरकारी आदेश नहीं बल्कि नैतिक और सामाजिक संकल्प बताया। उन्होंने कहा कि ये प्रधानमंत्री की अपील के प्रति गंभीर प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय हित में व्यक्तिगत संयम का उदाहरण है।
दो कृषि सम्मेलन अब होंगे वर्चुअल
बैठक में प्रशासनिक खर्च कम करने के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया। शिवराज सिंह चौहान ने जानकारी दी कि गुवाहाटी और विशाखापट्टनम में प्रस्तावित दो क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन अब फिजिकल मोड में नहीं होंगे, बल्कि वर्चुअल माध्यम से आयोजित किए जाएंगे।
इससे यात्रा, आवास, आयोजन और लॉजिस्टिक खर्च में कमी आएगी, जबकि राज्यों और हितधारकों के साथ संवाद भी जारी रहेगा।
20 प्रतिशत कर्मचारियों को मिलेगा वर्क फ्रॉम होम
संसाधनों की बचत के लिए बैठक में रोटेशन के आधार पर लगभग 20 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने का निर्णय लिया गया। शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि इससे फाइलों का काम, बैठकें, राज्यों से जुड़ा समन्वय और कार्यालय की नियमित गतिविधियां प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
वर्क फ्रॉम होम करने वाले कर्मचारी फोन, ईमेल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ई ऑफिस के माध्यम से उपलब्ध रहेंगे।
कार पूलिंग और ईंधन बचत पर ज़ोर
ईंधन बचाने के लिए मंत्रालयों में सप्ताह में एक दिन कार पूलिंग प्रणाली लागू करने का फैसला लिया गया है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये व्यवस्था डायरेक्टर स्तर तक लागू होगी और मंत्रालय का लक्ष्य वाहनों के उपयोग में लगभग एक तिहाई कमी लाना है। इससे ईंधन, वाहन रखरखाव, ड्राइवर प्रबंधन और अन्य खर्च कम किए जा सकेंगे।
बिजली उपयोग को लेकर सख्ती
बैठक में ऊर्जा संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई। शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए कि ज़रूरत नहीं होने पर लाइट, पंखे, एसी, कंप्यूटर और अन्य उपकरण बंद रखे जाएं।
साथ ही एसी और अन्य बिजली उपकरणों के उपयोग को नियंत्रित करने पर भी फैसला लिया गया, ताकि अनावश्यक बिजली खर्च रोका जा सके।
खाद्य तेल खपत कम करने के लिए अभियान
बैठक में खाद्य तेल के बढ़ते उपयोग को लेकर भी चर्चा हुई। शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर संतुलित और स्वस्थ खाद्य तेल उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
इसका उद्देश्य लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना और देश की खाद्य तेल आयात पर निर्भरता कम करना है। इसके साथ तिलहन उत्पादन मिशन को और मजबूत किया जाएगा।
खेत बचाओ अभियान और प्राकृतिक खेती पर फ़ोकस
कृषि क्षेत्र को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग को साथ लेकर चलना ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग और आईसीएआर मिलकर “खेत बचाओ अभियान” चलाएंगे। इसके तहत वैज्ञानिक गांवों में जाकर मिट्टी परीक्षण करेंगे और किसानों को बताएंगे कि कौन सा उर्वरक कितनी मात्रा में उपयोग करना चाहिए।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये अभियान 1 जून से 15 दिन तक देशभर में चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य अनावश्यक उर्वरक उपयोग रोकना और मिट्टी की सेहत बचाना है।
ख़रीफ़ सम्मेलन में प्राकृतिक खेती पर विशेष सत्र
आगामी ख़रीफ़ सम्मेलन को भी इस रणनीति से जोड़ा गया है। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि 28 और 29 मई को होने वाले ख़रीफ़ सम्मेलन में संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक खेती पर विशेष ज़ोर रहेगा।
इसके लिए गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को भी आमंत्रित करने का फैसला लिया गया है ताकि राज्यों के साथ प्राकृतिक खेती के अनुभव साझा किए जा सकें।
आगे की दिशा
बैठक के अंत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में छोटे कदम भी बड़े राष्ट्रीय परिणाम दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि मितव्ययिता, संयम और संसाधनों का समझदारी से उपयोग केवल आर्थिक ज़रूरत नहीं बल्कि राष्ट्रीय दायित्व भी है।
साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि, खाद्य सुरक्षा और किसानों के हित किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होने दिए जाएंगे।
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