बिहार के किसानों के लिए बंपर मौका: पटना में लगा Agro Bihar–2026 मेला, दिख रहा परंपरा और आधुनिकता का संगम

ऐतिहासिक गांधी मैदान में राज्य स्तरीय कृषि यांत्रिकरण मेला सह प्रदर्शनी “एग्रो बिहार–2026” (State-Level Agricultural Mechanization Fair-cum-Exhibition 'Agro Bihar–2026') का आयोजन हो रहा है।  

अगर आप बिहार के किसान हैं और खेती में नई तकनीक अपनाकर मालामाल होना चाहते हैं, तो ये ख़बर सिर्फ आपके लिए है। अक्सर किसान भाई शिकायत करते हैं कि खेती में लागत ज्यादा और मुनाफा कम होता है, लेकिन अब बिहार सरकार ने इसी समस्या का समाधान आपके घर पर पहुंचाने की तैयारी की है।

बिहार के किसानों को खेती की आधुनिक दुनिया से रूबरू कराने के लिए राज्य सरकार 12 से 15 मार्च 2026 तक पटना में एक मेले का आयोजन कर रही है। ऐतिहासिक गांधी मैदान में राज्य स्तरीय कृषि यांत्रिकरण मेला सह प्रदर्शनी “एग्रो बिहार–2026” (State-Level Agricultural Mechanization Fair-cum-Exhibition ‘Agro Bihar–2026’) का आयोजन हो रहा है।  

मेले का उद्घाटन कृषि मंत्री रामकृपाल यादव (Agriculture Minister Ram Kripal Yadav) ने किया।  इस मौके पर उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य किसानों की आमदनी को दोगुना करना है। इसके लिए खेती में इनोवेशन और आधुनिक कृषि यंत्रों (Innovation and modern agricultural machinery) का इस्तेमाल बेहद ज़रूरी है।

क्यों ख़ास है ये मेला? (Why is this fair special?)

ये चार दिवसीय मेला 3.25 लाख वर्ग फीट में फैला है। जहां एक साथ 100 से अधिक स्टॉल लगाए गये हैं।   यहां सिर्फ प्रदर्शनी नहीं, बल्कि ज्ञान का भंडार है। किसान यहां आकर सीख सकेंगे कि कैसे मशीनों से खेती करके लागत को आधा किया जा सकता है और उत्पादन को दोगुना।

इस मेले की सबसे बड़ी ताकत ये है कि ये सिर्फ किसानों के लिए नहीं, बल्कि कृषि से जुड़े उद्यमियों, युवा छात्रों और वैज्ञानिकों के लिए भी एक सुनहरा अवसर है। यहां आप कृषि क्षेत्र की नई टेक्नोलॉजी को समझ सकते हैं और उन पर रीसर्च कर सकते हैं।

देश के दिग्गज निर्माता होंगे शामिल (Big manufacturers from across the country will participate)

मेले में सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि देश के कृषि प्रधान राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के प्रमुख कृषि यंत्र निर्माता भी भाग ले रहे हैं। ये कंपनियां अपने सबसे आधुनिक और अत्याधुनिक कृषि उपकरणों का प्रदर्शन करेंगी। ये किसानों के लिए ‘वन स्टॉप शॉप’ जैसा है। जहां वे ट्रैक्टर से लेकर ड्रोन तक, और हल से लेकर कंबाइन हार्वेस्टर तक सब कुछ एक ही छत के नीचे देख और समझ पा रहे हैं। 

सरकारी योजनाओं की मिलेगी पूरी जानकारी (Complete information about government schemes)

इस मेले में किसानों को सिर्फ मशीनें ही नहीं, बल्कि सरकार की गारंटी भी मिलेगी। यहां कई सरकारी विभाग अपने स्टॉल लगाए हैं:

  • खाद्य प्रसंस्करण विभाग (Department of Food Processing)
  • पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग (Animal and Fisheries Resources Department)
  • गन्ना उद्योग विभाग (Sugarcane Industry Department)
  • उद्योग विभाग (Department of Industries)
  • सहकारिता विभाग और COMFED (Cooperation Department and COMFED)

इन स्टॉल पर आपको सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और कर्ज की पूरी जानकारी आसान भाषा में मिलेगी। अधिकारी खुद आपको समझाएंगे कि किस योजना का लाभ कैसे उठाया जा सकता है।

91 कृषि यंत्रों पर मिलेगा अनुदान (Subsidy on 91 agricultural implements)

यह इस मेले की सबसे बड़ी सौगात है। अगर आप इस मेले में आकर कृषि यंत्रों की जानकारी लेते हैं, तो आप कृषि यांत्रिकरण योजना के तहत 91 प्रकार के कृषि यंत्रों पर सीधा अनुदान (सब्सिडी) का फायदा ले सकते हैं। सरकार का साफ उद्देश्य है कि बिहार का किसान आधुनिक मशीनों से लैस होकर अपनी उत्पादकता बढ़ाए और उसकी आमदनी दोगुनी हो।

कैसे उठाएं योजना का लाभ? (How to take advantage of the scheme?)

अगर आप इस मेले में नहीं भी आ पाते हैं, तो भी घबराएं नहीं। आप इन तरीकों से सरकारी योजनाओं की जानकारी ले सकते हैं:

  1. कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. बिहार कृषि मोबाइल ऐप डाउनलोड करें।
  3. अपने जिला कृषि कार्यालय या प्रखंड कृषि कार्यालय में जाकर मिलें।
  4. अपने गांव के कृषि समन्वयक से संपर्क करें।

  ‘एग्रो बिहार-2026’ सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि बिहार के कृषि क्षेत्र की क्रांति का आधार है। यह वह मौका है जहां आप परंपरा और आधुनिकता का संगम देख सकते हैं। तो देर किस बात की? 12 मार्च को गांधी मैदान पहुंचें और अपनी खेती को लाभ का धंधा बनाएं।


सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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