Uttar Pradesh Budget 2026-27: योगी सरकार का 9.12 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट, किसानों के लिए खोला खज़ाना

इस बजट में सबसे ज्यादा खुशी अगर किसी वर्ग में देखी गई, तो वो है प्रदेश का किसान। सरकार ने गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी करके 3 करोड़ गन्ना किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है।

Uttar Pradesh Budget 2026-27: योगी सरकार का 9.12 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट, किसानों के लिए खोला खज़ाना

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath government of Uttar Pradesh) ने 11 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का जो बजट (Uttar Pradesh Budget 2026-27) पेश किया है, वो सिर्फ आंकड़ों का कलेक्शन नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास की एक नई इबारत लिखने वाला दस्तावेज़ है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना (Finance Minister Suresh Khanna) ने 9 लाख 12 हजार 696.35 करोड़ रुपये का ये बजट पेश करके साफ कर दिया कि उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू’ राज्य नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था का ड्राइविंग फोर्स (Driving Force Of The Economy) बन चुका है।

किसानों के सुनहरे भविष्य की गारंटी

इस बजट में सबसे ज्यादा खुशी अगर किसी वर्ग में देखी गई, तो वो है प्रदेश का किसान। सरकार ने गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी करके 3 करोड़ गन्ना किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। इस फैसले से किसानों को लगभग 3,000 करोड़ रुपये का एक्स्ट्रा भुगतान मिलेगा। वित्त मंत्री ने गर्व से कहा कि योगी सरकार ने अब तक 3,04,321 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड गन्ना भुगतान कराया है, जो पिछले 22 सालों के कुल भुगतान से 90,802 करोड़ रुपये ज़्यादा है।

किसान हितैषी नीतियां

सरकार की किसान हितैषी नीतियों का ही नतीजा है कि Rabi Marketing Year 2025-26 में 10.27 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पर 2,512 करोड़ रुपये, वहीं खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 42.96 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद पर 9,710 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान सीधे किसानों के खाते में किया गया। यही नहीं, बाजरा उत्पादक किसानों को भी 595 करोड़ रुपये का भुगतान करके सरकार ने मोटे अनाज को भी उतनी ही अहमियत दी है।

पीएम किसान सम्मान निधि के तहत प्रदेश के 3.12 करोड़ किसानों को 94,668 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाने के साथ ही ‘किसान एग्री हब’ जैसी स्कीम कृषि क्षेत्र को कॉर्पोरेट तकनीक से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। नलकूप सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली की सुविधा ने सिंचाई के नाम पर किसानों की जेब पर होने वाले बोझ को पूरी तरह खत्म कर दिया है।

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युवाओं को रोज़गार के नए आयाम

योगी सरकार ने साबित कर दिया है कि वह सिर्फ वादे नहीं, बल्कि जमीन पर उतारकर दिखाती है। बजट में वस्त्र उद्योग के लिए 541 करोड़ रुपये का प्रावधान, जो पिछले साल की तुलना में पांच गुना ज़्यादा है, युवाओं के लिए 30 हजार नए रोजगार के अवसर लेकर आएगा। गोरखपुर के कंबल उत्पादन केंद्र के आधुनिकीकरण के लिए साढ़े सात करोड़ रुपये का प्रावधान स्थानीय बुनकरों की आमदनी दोगुनी करने में मददगार होगा।

डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करते हुए सरकार ने आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए 2059 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले साल से 76 फीसदी अधिक है। सबसे रोमांचक घोषणा ‘उत्तर प्रदेश एआई मिशन’ की है, जिसके लिए 225 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। ये मिशन प्रदेश के युवाओं को आर्टिफिशियल रेन के क्षेत्र में आग्रसर होगा, साथ ही प्रदेश को कृषि ड्रोन में आगे बढ़ाएगा। 

आर्थिक अनुशासन के साथ विकास

सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इतने बड़े बजट के बावजूद सरकार राजकोषीय घाटे को 3 फीसदी पर सीमित रखने में कामयाब रही है। ये योगी सरकार के बेहतरीन Financial Management  का प्रमाण है। 19.5 फीसदी का Capital Outlay बताता है कि सरकार विकास के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

यूपी बजट 2026–27 से कृषि और किसानों से जुड़ी अहम घोषणाएं एक नज़र में  

  • 9.12 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट पेश
  • गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी
  • 3,04,321 करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड गन्ना भुगतान
  • करीब 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त गन्ना भुगतान
  • 42.96 लाख मीट्रिक टन धान खरीद, 9,710 करोड़ रुपये से अधिक भुगतान
  • 10.27 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद, 2,512 करोड़ रुपये भुगतान
  • 1 अप्रैल 2023 से नलकूप सिंचाई हेतु मुफ्त बिजली
  • बाजरा खरीद पर 595 करोड़ रुपये का भुगतान
  • पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 3.12 करोड़ किसानों को 94,668 करोड़ रुपये ट्रांसफर
  • किसान एग्री हब का निर्माण जारी

 

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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