देश को दालों के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को पाने का वक्त आ गया है। 7 फरवरी, 2026 को मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के अमलाहा (Amlaha in Sehore district of Madhya Pradesh) स्थित Food Legume Research Platform (FLRP) पर एक ऐतिहासिक National Pulses Conference का आयोजन हो रहा है। ये बैठक केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में संपन्न होगी।
इस अहम कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राज्य मंत्री (कृषि) भागीरथ चौधरी और राम नाथ ठाकुर के साथ-साथ दाल उत्पादक प्रमुख राज्यों के कृषि मंत्री भी शामिल होंगे। ये आयोजन भारत सरकार के कृषि मंत्रालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और International Center for Agricultural Research in the Dry Areas (ICARDA) के सहयोग से किया जा रहा है।
क्या होगा ख़ास?
- National Pulses Conference की शुरुआत 7 फरवरी 2026 को एक पौधरोपण अभियान से होगी।
- केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान उन्नत तकनीकों और दाल की नई किस्मों के प्रदर्शन देखने व किसानों से रूबरू बातचीत करने के लिए खेतों का दौरा करेंगे।
- इस दौरान प्रशासनिक भवन, किसान प्रशिक्षण केंद्र और प्लांट जीनोमिक्स, टिशू कल्चर, ब्रीडिंग, प्लांट पैथोलॉजी से जुड़ी अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का उद्घाटन किया जाएगा।
- केंद्रीय मंत्री उन्नत दाल बीजों, उत्पादों और तकनीकों की प्रदर्शनी भी देखेंगे। इस मौके पर “दाल मिशन पोर्टल” लॉन्च किया जाएगा और प्रगतिशील किसानों को दालों के बेहतर बीज वितरित किए जाएंगे।
- ओडिशा, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे दाल उत्पादक राज्यों के कृषि मंत्री शामिल होंगे, जबकि अन्य राज्यों के मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रीये से जुड़ेंगे।
वैल्यू एडिशन से लेकर बाजार से जुड़ी रणनीतियां
जैसा कि संयुक्त सचिव एवं मिशन निदेशक (दाल) संजय कुमार अग्रवाल ने बताया, इस Counseling में कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, ICAR, ICRISAT और ICARDA के वैज्ञानिक, NAFED-NCCF, राष्ट्रीय बीज निगम के प्रतिनिधि, विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी, FPO, सहकारी समितियां, बीज और प्रोसेसिंग एरिया के पार्टनर Detailed brainstorming करेंगे। चर्चा का केंद्र अरहर (तूर), उड़द और मसूर जैसी प्रमुख दालों की फसलों के लिए नई किस्मों, बीज उत्पादन, रोग प्रबंधन, मशीनीकरण, वैल्यू एडिशन और बाजार से जुड़ी ठोस रणनीतियां होंगी।
प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने की दिशा
इस आयोजन की सभी चर्चाओं का टार्गेट प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस विजन को साकार करना है, जिसमें भारत को दालों में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना, आयात पर निर्भरता कम करना और किसानों को फायदेमंद आमदनी दिलाना शामिल है। ये राष्ट्रीय परामर्श केंद्र और राज्यों के बीच सहकारी संघवाद की भावना को और मजबूत करेगा व सभी स्टेकहोल्डर्स के अनुभवों और सुझावों पर आधारित एक साफ और अमल करने वाला रोडमैप तैयार करने में मदद करेगा।
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