उत्तर प्रदेश में जायद सीज़न 2026 की तैयारी, अब बिना Farmer ID नहीं मिलेगा बीज-खाद,15 मई है लास्ट डेट

फार्मर आईडी केंद्र सरकार की एग्री स्टैक योजना (Agri Stack Scheme) के तहत बनाई जा रही एक डिजिटल पहचान है। किसानों को 11 अंकों की किसान आईडी मिलेगी, जो आधार से लिंक होगी। इसमें किसान का नाम, ज़मीन का रिकॉर्ड (खतौनी), फसल की जानकारी होगी।

उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) ने जायद सीज़न 2026 (Zaid season 2026) से पहले किसानों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब सरकारी योजनाओं, उर्वरकों और बीज का फायदा लेने के लिए Farmer ID (किसान रजिस्ट्री) अनिवार्य (Mandatory) कर दी गई है। 15 मई 2026 के बाद बिना रजिस्ट्री के किसानों को कोई सुविधा नहीं मिलेगी।

30 अप्रैल तक 100 फीसदी रजिस्ट्रेशन का टारगेट 

प्रदेश के कृषि निदेशक डॉ. पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जिन गांवों में अब तक कम  रजिस्ट्रेशन हुआ है, वहां अभियान तेज़ कर दिया गया है। हर वो किसान जिसके पास ज़मीन है उसका रजिस्ट्रेशन  होना है। चाहे वह पीएम किसान योजना का लाभार्थी हो या नहीं।

क्यों ज़रूरी है फार्मर रजिस्ट्री?

ये केंद्र सरकार की एग्री स्टैक योजना (Agri Stack Scheme) के तहत बनाई जा रही एक डिजिटल पहचान है। किसानों को 11 अंकों की किसान आईडी मिलेगी, जो आधार से लिंक होगी। इसमें किसान का नाम, ज़मीन का रिकॉर्ड (खतौनी), फसल की जानकारी होगी।

किसान आईडी के फायदे 

फार्मर रजिस्ट्री यानी किसान आईडी के कई बड़े फायदे हैं। अब किसानों को बीज, खाद और सब्सिडी लेने के लिए बार-बार कागजी खतौनी नहीं दिखानी पड़ेगी। यह सब काम डिजिटल रिकॉर्ड से सीधे और बिना कागज के हो जाएगा। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनवाना भी अब जल्दी और आसान हो जाएगा, क्योंकि सारी जानकारी ऑनलाइन मौजूद रहेगी। सबसे बड़ी बात यह कि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाएगी और हर योजना का सीधा लाभ किसान तक पहुंचेगा। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि किसानों को दफ्तरों के चक्कर भी नहीं काटने पड़ेंगे।

 

जागरूकता अभियान 

हर किसान तक जानकारी पहुंचाने के लिए सरकार ने जिलों को निर्देश दिए हैं:

:-लाउडस्पीकर से घोषणाएं

:- लोकल अखबारों में विज्ञापन

:-ग्राम प्रधानों की सक्रिय भागीदारी

 डिजिटल क्रॉप सर्वे: 1 से 31 मई 2026

जायद फसलों का सटीक आंकलन करने के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे चलेगा।

  •   28 अप्रैल 2026: जिला स्तरीय टीमों को प्रशिक्षण
  •   1-31 मई 2026: पूरे प्रदेश में सर्वे अभियान

इससे फसलों का सही डेटा जुटेगा और योजनाओं का बेहतर Implementation होगा।

क्या होगा अगर रजिस्ट्री नहीं कराई?

सरकार ने साफ कहा है  कि 15 मई 2026 से फार्मर आईडी अनिवार्य होगी। बिना रजिस्ट्री वाले किसानों को:

  •   सरकारी उर्वरक नहीं मिलेगा
  •   सब्सिडी वाले बीज नहीं मिलेंगे
  •   किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं से वंचित रहना पड़ेगा

किसानों से अपील

कृषि निदेशक ने सभी किसानों से समय रहते रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की है।  

 

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सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुंचाएंगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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