West Bengal Budget 2026-27: किसानों-पशुपालकों के लिए खुला खज़ाना, MSP में भी इज़ाफा

West Bengal Budget 2026-27-कृषि क्षेत्र के विकास के लिए बजट में 8,565.84 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। Department of Agricultural Marketing के लिए 364.99 करोड़ रुपये Allocated किए गए हैं।

पश्चिम बंगाल सरकार (Government of West Bengal) ने साल 2026-27 के लिए 4.38 लाख करोड़ रुपये का संशोधित बजट (West Bengal Budget 2026-27) पेश किया, जिसमें किसानों को बड़ी सौगात दी गई है। इस बजट को कृषि प्रधान बजट कहा जा रहा है, क्योंकि इसमें किसानों की आमदनी बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने पर ख़ास ध्यान दिया गया है।

किसानों के लिए खुला खज़ाना

बजट में सबसे बड़ी घोषणा किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से 200 रुपये ज़्यादा देने की है। सरकार ने खरीफ सीजन की फसलों धान, मक्का, श्रीअन्न और जूट -को केंद्र सरकार की ओर से तय MSP से 200 रुपये प्रति क्विंटल अधिक दाम पर खरीदने का फैसला किया है। ये कदम राज्य के लाखों किसानों के लिए वरदान साबित होगा, जो अक्सर MSP पर भी अपनी फसल नहीं बेच पाते थे।

इसके अलावा, किसान परिवारों को केंद्र की PM-KISAN योजना से मिलने वाले 6,000 रुपये के अतिरिक्त 3,000 रुपये की अतिरिक्त वार्षिक सहायता भी दी जाएगी। सिंचाई के लिए बिजली पर 2 रुपये प्रति यूनिट सब्सिडी देने की घोषणा से किसानों की लागत में कमी आएगी। 

आम किसानों को ख़ास प्रोत्साहन

मालदा के फेमस आम, हिमसागर, फजली और लखन भोग आम के उत्पादक किसानों के लिए Special Financial Incentive Scheme शुरू की जाएगी। इसके अलावा, बागवानी फसलों और चाय बागानों के किसानों और मजदूरों के लिए भी प्रोत्साहन योजना लाई जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

कृषि बजट में ज़बरदस्त इज़ाफा

कृषि क्षेत्र के विकास के लिए बजट में 8,565.84 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। Department of Agricultural Marketing के लिए 364.99 करोड़ रुपये Allocated किए गए हैं। पशुपालन क्षेत्र को मज़बूत करने के लिए पशु संसाधन विकास विभाग (Department of Animal Resources Development) को 1,404.42 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इससे डेयरी, पोल्ट्री और पशुपालन से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

ग्रामीण विकास पर सबसे बड़ा खर्च

बजट में सबसे ज्यादा आवंटन पंचायत और ग्रामीण विकास क्षेत्र के लिए किया गया है – 51,836.55 करोड़ रुपये।  ये राशि ग्रामीण सड़कों, पेयजल, आवास, मनरेगा कार्यों और जल संरक्षण परियोजनाओं पर खर्च होगी।

 

ये भी पढ़ें : प्राकृतिक खेती से अपनी पहचान बनाने वाली महिला किसान रिशु कुमारी की कहानी

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुंचाएंगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top